Top

Congress Crisis: जितिन के झटके से जगी कांग्रेस, सचिन मामले में अब प्रियंका का दखल, पार्टी में रोकने की कवायद

Congress Crisis: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार देर रात सचिन से लंबी बातचीत की है। हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का पूरा ब्योरा अभी तक सामने नहीं आ सका है।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShivaniPublished By Shivani

Published on 11 Jun 2021 7:56 AM GMT

Congress Crisis: जितिन के झटके से जगी कांग्रेस, सचिन मामले में अब प्रियंका का दखल, पार्टी में रोकने की कवायद
X

सचिन, प्रियंका, जितिन डिजाइन फोटो 

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ( के भाजपा में शामिल होने के बाद अब कांग्रेस हाईकमान की नींद भी टूट गई है। राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी हाईकमान की ओर से की जा रही अनदेखी से काफी नाराज हैं और उनके भी कांग्रेस छोड़ने की सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।

दस महीने पहले किए गए वादों पर अमल न होने से सचिन पायलट काफी नाराज बताए जा रहे हैं। अब सचिन की नाराजगी दूर करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कवायद शुरू कर दी है। जानकार सूत्रों के मुताबिक प्रियंका ने सचिन से फोन पर बातचीत कर उनके मामले में कदम उठाने का आश्वासन दिया है। प्रियंका के अलावा अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी सचिन को मनाने के काम में लगाया गया है।

प्रियंका का विवाद सुलझाने का वादा

जानकार सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार देर रात सचिन से लंबी बातचीत की है। हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का पूरा ब्योरा अभी तक सामने नहीं आ सका है। सचिन पायलट ने भी अभी तक इस बाबत कोई बयान नहीं दिया है मगर माना जा रहा है कि प्रियंका ने सचिन को मनाने की कवायद की है।

जानकारों के मुताबिक प्रियंका ने सचिन को राजस्थान कांग्रेस से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान पंजाब की तरह ही राजस्थान का झगड़ा भी जल्द सुलझाना चाहता है ताकि पार्टी को नुकसान से बचाया जा सके।

सचिन की हाईकमान से बातचीत जल्द

प्रियंका गांधी से देर रात हुई बातचीत के बाद सचिन पायलट शुक्रवार सुबह दौसा पहुंचे जहां उनके पिता स्वर्गीय राजेश पायलट को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। पहले मीडिया में सचिन के दौसा न जाने की खबरें आई थीं मगर सचिन ने पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन में हिस्सा न लेते हुए अपने पिता के श्रद्धांजलि समारोह में हिस्सा लिया। जानकार सूत्रों का कहना है कि सचिन पायलट जल्द ही दिल्ली पहुंचेंगे जहां उनकी कांग्रेस हाईकमान के साथ बातचीत हो सकती है।

सचिन के समर्थक विधायक भी नाराज

दरअसल सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक इस बात को लेकर काफी नाराज हैं कि राजस्थान कांग्रेस के विवाद का मसला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। दस महीना पहले सुलह कमेटी बनाकर विवाद का त्वरित निस्तारण किए जाने का आश्वासन दिया गया था मगर अभी तक सुलह कमेटी की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए। पायलट समर्थक विधायकों का सवाल है कि जब पंजाब कांग्रेस का झगड़ा सुलझाने के लिए कमेटी तुरंत काम शुरू कर सकती है तो राजस्थान के मामले की क्यों अनदेखी की जा रही है।

सिद्धू की तरह पायलट की आवाज सुनी जाए

पायलट के करीबी आधा दर्जन विधायकों ने गुरुवार को उनके निवास पर बैठक भी की थी। इन विधायकों ने भी पार्टी हाईकमान के रवैय पर नाराजगी जताई है। पायलट के समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी का कहना है कि हमारी निष्ठा के प्रति सवाल उठाने वाले पार्टी के शुभचिंतक नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को जल्द से जल्द पायलट की बात सुननी चाहिए और पंजाब की तरह ही राजस्थान कांग्रेस के मामले का भी निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में असंतुष्ट नेता नवजोत सिंह सिद्धू की बात सुनी जा सकती है तो पायलट की अनदेखी क्यों की जा रही है।

बढ़ सकता है राजस्थान कांग्रेस का झगड़ा

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और पिछले साल पायलट ने अपने समर्थक विधायकों के साथ इस मुद्दे को लेकर खुली बगावत भी की थी। हालांकि पार्टी आलाकमान के दखल पर वे मान गए थे मगर अब एक बार फिर राजस्थान कांग्रेस का झगड़ा खुलकर सामने आने लगा है।

सचिन के समर्थक विधायक हेमाराम चौधरी अपने क्षेत्र के विकास की अनदेखी के खिलाफ इस्तीफा भी दे चुके हैं। उनके अन्य समर्थक विधायक भी अब खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि अगर पार्टी आलाकमान की ओर से जल्द कदम नहीं उठाया गया तो राजस्थान कांग्रेस का झगड़ा भी बड़ा रूप ले सकता है।
Shivani

Shivani

Next Story