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अमेठी​ के दंगल में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल से मांगा प्रियंका का साथ

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अध्यक्षी संभालने के बाद अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी में पहला दो दिवसीय दौरा यादगार रहेगा। दो दिनों में जहां बीजेपी ने रायबरेली-अमेठी में राहुल का विरोध किया वहीं अपने नेता का विरोध होता देख बचाव में उतरे कांग्रेस वर्कर्स पर कहीं पुलिस की लाठियां बरसी तो कहीं उन्हें खदेड़ा गया। बावजूद इसके राहुल से लेकर कांग्रेस वर्कर्स का मनोबल टूटा नहीं, राहुल ने जहां गौरीगंज में कई

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 16 Jan 2018 12:30 PM GMT

अमेठी​ के दंगल में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल से मांगा प्रियंका का साथ
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असगर नकी

अमेठी: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अध्यक्षी संभालने के बाद अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी में पहला दो दिवसीय दौरा यादगार रहेगा। दो दिनों में जहां बीजेपी ने रायबरेली-अमेठी में राहुल का विरोध किया वहीं अपने नेता का विरोध होता देख बचाव में उतरे कांग्रेस वर्कर्स पर कहीं पुलिस की लाठियां बरसी तो कहीं उन्हें खदेड़ा गया। बावजूद इसके राहुल से लेकर कांग्रेस वर्कर्स का मनोबल टूटा नहीं, राहुल ने जहां गौरीगंज में कई किलोमीटर का सफर पैदल तय कर विरोध को फेस किया वहीं गौरीगंज के पनियार में अमेठी और इलाहाबाद के कांग्रेसियों ने प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लानें की राहुल से डिमांड रखी।

अमेठी​ के दंगल में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल से मांगा प्रियंका का साथ अमेठी​ के दंगल में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल से मांगा प्रियंका का साथ

मुस्कराकर आगे बढ़ गये राहुल

यहां अपने दौरे के दूसरे दिन मंगलवार की सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मुंशीगंज गेस्ट हाउस में सबसे पहले कांग्रेस के वर्कर्स और लोकल लोगों की फरियाद सुनते रहे, फिर उनका काफ़िला गेस्ट हाउस से निकला और गौरीगंज के लिये रवाना हुआ।

गौरीगंज के पनियार में राहुल का इंतजार कर रहे कांग्रेसियों ने जैसे ही दूर से राहुल के काफ़िले की लग्ज़री गाड़ियों को आते देखा तो उन्होंंने 'राहुल गांधी ज़िंदाबाद' के नारे लगाने शुरु कर दिये। काफ़िला क़रीब आया तो राहुल ने गाड़ी रुकवाया और उनसे मिलने पहुंच गये।

अमेठी​ के दंगल में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल से मांगा प्रियंका का साथ अमेठी​ के दंगल में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल से मांगा प्रियंका का साथ

जमा लोगों में अमेठी और इलाहाबाद के कांग्रेसियों शामिल थे, उन्होने राहुल से दो टूक कहा 'आप कांग्रेस अध्यक्ष हो गये, अब प्रियंका को सक्रिय राजनीति में लाये'। इलाहाबाद से आये कांग्रेस वर्कर्स ने प्रियंका को ज़िले की फूलपुर सीट से चुनाव लड़ाने की भी मांग किया। वर्कर बोले अगर प्रियंका को चुनाव नहीं लड़ाते तो चुनाव संचालन समिति की बागडोर उनको दीजिए। इस पर 'राहुल मुस्कुरा कर आगे बढ़ गये'।

प्रियंका ने 1999 में नये सिरे से रखी अमेठी में कांग्रेस की राजनीति की आधार शिला

आपको बता दें कि नेहरु-गांधी परिवार का गढ़ कहे जानें वाली अमेठी में राजीव गांधी के बाद राजनीति की जो शुरुआत हुई उसकी आधार शिला 1999 में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने रखा था। पहले मां और फिर 2004 में यहां से भाई के राजनैतिक कैरियर की शुरुआत उन्होंंने ही की।

इस संदर्भ में वरिष्ठ पत्रकार विवेक विक्रम सिंह की मानें तो जब पहली 1999 में अमेठी से सोनिया गांधी ने चुनाव लड़ा था तो कमान प्रियंका गांधी ने ही थामी थी, और उन्हें 67.12% वोट मिले थे। इसके बाद 2004 में सोनिया ने बेटे राहुल के लिये अमेठी सीट छोड़कर रायबरेली से चुनाव लड़ा। दोनों ही सीटों की चुनावी कमान प्रियंका के हाथों में रही, अमेठी में राहुल को 66.18% तो रायबरेली में सोनिया को 58.75% वोट मिले।2009 में तो प्रियंका की कमान ने अमेठी से राहुल की जीत में चार चांद लगा दिया था, उन्हें 71.78% वोट मिले थे, जबकि रायबरेली से सोनिया को 72.23% वोट।

विक्रम सिंह बताते हैं के 2014 मोदी लहर में भी प्रियंका का दादी की पारम्परिक सीट पर जलवा क़ायम रहा। रायबरेली में उनकी मां एक दिन भी कैम्पेन में नहीं आई, फिर भी 63.80% वोट उन्हें मिले। जबकि अमेठी में बीजेपी ने सारा तंत्र लगा रखा था, राजनैतिक परम्परा को तोड़ खुद पीएम पद के उम्मीदवार तक कैम्पेन को पहुंचे थे। बावजूद इसके ये प्रियंका की ही देन थी के कड़े मुकाबले के बाद भाई राहुल को उन्होंने 46.71% वोट कराये।

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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