कोर्ट का आदेश, हाजिर हो दिल्ली के CM केजरीवाल और कुमार विश्वास

कोर्ट का आदेश, हाजिर हो दिल्ली के CM केजरीवाल और कुमार विश्वास

सुल्तानपुर: आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह को 10 साल पहले दर्ज हुए केस में SC-ST कोर्ट ने बेल दे दिया है। वहीं 2014 के लोकसभा इलेक्शन के दौरान अमेठी के गौरीगंज में दर्ज हुए केस में तारीख पर गैर हाज़िर चल रहे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास के खिलाफ यहां की सीजीएम कोर्ट सख्त हो गई, कोर्ट ने 25 सितम्बर को दोनों नेताओं को हाज़िर होने के आदेश दिए हैं।

लोकसभा इलेक्शन का मामला

उधर 2014 में सम्पन्न हुए  लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल व कुमार विश्वास विश्वास समेत अन्य के खिलाफ दर्ज केस में एसीजेएम षष्ठम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। केस में सुनवाई के दौरान जज अनिल कुमार सेठ ने 25 सितंबर को हाज़िर होने के आदेश दिए हैं।

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20 अप्रैल 2014 को गौरीगंज में दर्ज हुआ था केस

मालूम हो कि वर्ष 20 अप्रैल 2014 को लोकसभा चुनाव के दौरान कुमार विश्वास के खिलाफ गौरीगंज थाना परिसर में समर्थकों के साथ घेराबंदी करने व अवैध प्रचार सामाग्री बरामदगी समेत अन्य आरोपों में दो मुकदमें दर्ज किये गये थे। जिसका विचारण एसीजेएम षष्ठम की अदालत में चल रहा है। इन दोनों मामलों में कुमार विश्वास ने उन्मोचन अर्जी भी की थी। जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था और उनके विरुद्ध आरोप तय किए जाने के लिए पेश होने को कहा था। अदालत के इसी आदेश को कुमार विश्वास ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जिसे अभी विचाराधीन होने का तर्क रखते हुए उनके अधिवक्ता की तरफ से हाजिरी माफी एवं आरोप के बिन्दु पर सुनवाई के लिए अवसर की मांग की गई। अदालत ने उन्हे इन दोनों मामलों में आरोप के बिन्दु पर सुनवाई के लिए एक अवसर देते हुए अगली तिथि पर तलब किया है।

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केजरीवाल और कुमार विश्वास पर दर्ज हुआ था आचार संहिता की धज्जी उड़ाने का केस

वहीं थाना क्षेत्र में रोड शो कर आचार संहिता की धज्जी उड़ाने के आरोप में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल व कुमार विश्वास समेत पांच के खिलाफ दर्ज हुआ मामला भी इसी अदालत में चल रहा है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम आदेश तक अरविंद केजरीवाल व कुमार विश्वास को हाजिरी से मुक्त रखने का आदेश हुआ है। जबकि शेष आरोपी अजय को जरिए जमानतीय वारण्ट, राकेश को जरिए सम्मन एवं हरिकृष्ण को जरिए एनबीडब्ल्यू अग्रिम तिथि पर तलब किया गया है।

10 साल पहले 5 जून 2007 को दर्ज हुई थी FIR

गौरतलब रहे कि 5 जून 2007 को सदर तहसील के रजिस्ट्री आफिस में तैनात रहे दलित लिपिक रामसागर ने कोतवाली नगर में आम आदमी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह के खिलाफ ये आरोप लगाते हुए तहरीर दिया था कि मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने को लेकर संजय सिंह ने गाली-गलौज करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई थी। संजय सिंह उस वक़्त तात्कालीन सदर विधायक अनूप संडा के पीआरओ थे। कोतवाली पुलिस ने क्लर्क की तहरीर पर क्राइम न. 1020/07 पर 353, 504 और SC-ST के तहत FIR दर्ज किया था।

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गुरुवार को संजय सिंह को मिली थी अंतरिम बेल

उक्त मामले में शनिवार को संजय सिंह की ओर से अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने स्पेशल जज SC-SC एक्ट की कोर्ट में फाइनल बेल के एप्लीकेशन डाली, जहाँ सुनवाई करते हुए कोर्ट ने संजय सिंह को 30-30 हज़ार की 2 बेल बाउंड पर बेल दे दिया। इससे पहले संजय सिंह ने केस में पहली बार गुरुवार को सीजीएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जहां बेल अर्जी को प्रभारी सीजेएम प्रभानाथ त्रिपाठी ने खारिज कर दिया था। तदुपरांत संजय सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से स्पेशल जज SC-SC एक्ट की कोर्ट में सुनवाई के लिए अर्जी दिया था। स्पेशल जज उत्कर्ष चतुर्वेदी ने सुनवाई करते हुए संजय सिंह को अंतरिम बेल पर रिहा किया था।

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