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25 हजार होमगार्डों को ड्यूटी से हटाने का फरमान निराशावादी: रालोद

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने गुरुवार को कहा कि सूबे के 25 हजार होमगार्डों को ड्यूटी से हटाने का फरमान घोर निराशावादी है। इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 17 Oct 2019 1:02 PM GMT

25 हजार होमगार्डों को ड्यूटी से हटाने का फरमान निराशावादी: रालोद
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लखनऊ: राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने गुरुवार को कहा कि सूबे के 25 हजार होमगार्डों को ड्यूटी से हटाने का फरमान घोर निराशावादी है। इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार द्वारा 25 हजार होमगार्डों को दीपावली के त्योहार के अवसर पर ड्यूटी से हटाना घोर निराशावादी फरमान है। इससे होमगार्डों के 25 हजार परिवार प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार के इस गलत फैसले से प्रदेश में अराजकता का माहौल पैदा हो सकता है, क्योंकि दीपावली के त्योहार के दौरान 25 हजार होमगार्ड घर बैठे होंगे।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में युवाओं को रोजगार देने का काम तो किया नहीं बल्कि रोजगार छीनने का काम किया है। कानून -व्यवस्था में अहम योगदान देनेे वाले होमगार्डों की ड्यूटी समाप्त करके प्रदेश की व्यवस्था नियंत्रण प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से मांग की कि इस फरमान पर पुनर्विचार करके होमगार्डों की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से बहाल की जाए ताकि उनका भी घर-परिवार चल सके।

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Aditya Mishra

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