एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल

मैदान नरेन्द्र मोदी का, मुद्दे नरेन्द्र मोदी के, सरकार नरेन्द्र मोदी की। सवाल गुजरात गौरव और अस्मिता का। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गुजरात के, फिर किस चश्मे से गुज

एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल

एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल

अंशुमान तिवारी
अंशुमान तिवारी

मैदान नरेन्द्र मोदी का, मुद्दे नरेन्द्र मोदी के, सरकार नरेन्द्र मोदी की। सवाल गुजरात गौरव और अस्मिता का। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गुजरात के, फिर किस चश्मे से गुजरात में भाजपा की पराजय का दृश्य देखा जा सकता था। गुजरात में मतदान के बाद आए एग्जिट पोल के नतीजों ने यह साफ कर दिया कि एक बार फिर गुजरात में कमल खिलेगा। अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में सीटों की संख्या भले ही अलग-अलग हो पर सारे एग्जिट पोल के नतीजों में यह संदेश साफ है कि अमित शाह की धारदार रणनीति के आगे राहुल की रणनीति कारगर नहीं हो पाई। तीन युवा नेताओं हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर व जिग्नेश मेवाणी की तिकड़ी भी मिलकर भी कांग्रेस की नैया पार नहीं लगा पाई।

कांग्रेस की नैया पार लगाने के लिए भाजपा को लोकसभा चुनाव में जो वोट मिले थे उसके 18 फीसदी वोटों का कांग्रेस में ट्रांसफर जरूरी था जबकि आजादी के बाद से अब तक गुजरात में अधिकतम दस फीसदी वोट ही स्विंग हो पाए हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को 60 फीसदी वोट मिले थे और विधानसभा के लिहाज से उसने 161 सीटों पर बढ़त दर्ज कराई थी। भाजपा 45 सीटों पर पिछले 15 सालों से लगातार जीतती आ रही है जबकि कांग्रेस दो चुनावों से 23 सीटों पर ही कामयाबी दर्ज करा पाई है। अगर 15 हजार वोट कांग्रेस को हर सीट पर ज्यादा मिल जाएं तो भी वह लोकसभा चुनाव में भाजपा की बढ़त वाले 161 सीटों पर में से सिर्फ 70 सीटों पर ही जीत सकती है।

एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल
एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल

गुजरात में 9.97 फीसदी मुसलमान है जो 25 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभाव रखते हैं मगर यहां मुसलमान 87 उपजातियों में बंटे हुए हैं। गुजरात का चुनाव सॉफ्ट बनाम हार्ड हिन्दुत्व पर था। राहुल गांधी भाजपा की लगातार कामयाबी का तिलिस्म तोडऩे के लिए इस बार हिन्दुत्व की पिच पर ही बैटिंग करते दिखे मगर यह कांग्रेस की यह रणनीति भी इस बार कामयाब होती नहीं दिख रही है। गुजरात की चौसर पर चालें तो एक तरह की ही चलीं गयीं मगर अंतत: मोदी ही कांग्रेस को मात देते दिख रहे हैं।

गुजरात चुनाव में अहमद पटेल के नाम की चर्चा और पाकिस्तान का जिक्र टोटकों के लिहाज से मोदी को सूट करता है। इस चुनाव में मोदी का नाम व मोदी का काम गुजरात अस्मिता व गौरव से इस कदर गुथ गया था कि सर्वे के नतीजों में नोटबंदी, जीएसटी, सत्ता विरोधी रुझान व पटेलों व व्यापारियों की नाराजगी और विपरीत दिखती जातीय गणित सबकुछ हवा हो गए। इसी कारण कांग्रेस का 22 साल का वनवास इस बार खत्म होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। मोदी आजाद भारत के शायद पहले ऐसे नेता हैं जो जब लड़ाई के मैदान में उतरते हैं तो जीतने के लिए ही उतरते हैं और मैदान मारने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं। वे यह नहीं सोचते कि मैदान में हारे तो क्या होगा क्योंकि वे जीतने के लिए ही मैदान में उतरते हैं। इस बार भी उन्होंने अपनी पूरी ताकत भाजपा के लिए झोंक दी और सर्वे के नतीजे यही बता रहे हैं कि पार्टी को इसका भारी फायदा मिलता दिख रहा है।

भाजपा को पिछली बार से ज्यादा सीटें:चाणक्य
चैनल 24 पर जारी टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा फिर गुजरात में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। पोल के नतीजों के मुताबिक राज्य में भाजपा इतनी ज्यादा सीटें जीतने जा रही है जितनी सीटें उसने मोदी के मुख्यमंत्री रहते भी नहीं जीती थीं। भाजपा को इस बार पिछली बार से अधिक सीटें मिलती दिख रही हैं। कांग्रेस का 22 साल का वनवास इस बार भी खत्म होता नहीं दिख रहा है। 2012 के चुनाव में भाजपा को गुजरात में 115 सीटें मिलीं थीं,लेकिन इस बार उससे भी आगे निकलती दिख रही है। चाणक्य के मुताबिक इस बार गुजरात में भाजपा को 135 ((+/-११) सीटें मिलने की उम्मीद है। इस तरह भाजपा राज्य में और मजबूत होती दिख रही है। दूसरी ओर कांग्रेस की हालत पिछले चुनाव की अपेक्षा और पतली होती दिख रही है।

एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल
एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल

पिछले चुनाव में कांग्रेस को 61 सीटों पर विजय हासिल हुई थी मगर इस बार कांग्रेस 47 (+/-११) सीटों पर सिमटती दिख रही है। गुजरात में मोदी की आंधी का अन्य को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। चाणक्य के मुताबिक अन्य शून्य (+/-३) पर भी रह सकते हैं। चाणक्य के मुताबिक अन्य को 13 फीसदी मत मिलने की संभावना जताई गई है। जहां तक मत प्रतिशत का सवाल है तो चाणक्य के मुताबिक भाजपा को 49 (+/-३) फीसदी मत मिलने की संभावना है जबकि कांग्रेस इस मामले में पिछड़ती दिख रही है। कांग्रेस को इस बार 38 (+/-३) फीसदी मत हासिल होने की संभावना है। गुजरात में इस बार पटेल मतों को लेकर जोरदार जंग हुई। चाणक्य के मुताबिक 54 प्रतिशत पटेलों का मत भाजपा को मिलने की उम्मीद है जबकि हार्दिक पटेल के समर्थन के बावजूद कांग्रेस को 37 प्रतिशत पटेलों का मत हासिल होने की ही संभावना है।

इसी तरह अगड़ी जातियों के मामले में भी भाजपा कांग्रेस से आगे है। भाजपा को 58 फीसदी अगड़ी जातियों का मत मिलने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस को 32 प्रतिशत अगड़ी जातियों का मत मिलने की उम्मीद है। जहां तक एसटी मतों का सवाल है तो भाजपा को 52 फीसदी और कांग्रेस को 35 प्रतिशत मत मिलने की उम्मीद है। एससी मतों के मामले में कांग्रेस भाजपा से आगे निकलती दिख रही है। भाजपा को 41 प्रतिशत एससी व कांग्रेस को 46 प्रतिशत एससी मत मिलने की संभावना है मगर ओबीसी मतों में भाजपा कांग्रेस पर भारी दिख रही है। भाजपा को 53 प्रतिशत ओबीसी मत व कांग्रेस को 30 प्रतिशत ओबीसी मत मिलने की संभावना है।

एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल
एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल

गुजरात में फिर भाजपा की सरकार:आजतक
आजतक के सर्वे में गुजरात में एक बार फिर कमल खिलता नजर आ रहा है। चैनल के मुताबिक इस बार के चुनाव में भाजपा को 99 से 113 व कांग्रेस को 68 से 82 सीट हासिल होने की आशा है। इस लिहाज से भाजपा कांग्रेस से काफी आगे दिख रही है। वैसे चैनल के मुताबिक सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचने के बावजूद पीएम मोदी के गृह राज्य में ही उनकी लहर पहले के मुकाबले कमजोर पड़ती दिख रही है। राहुल गांधी की मेहनत का राज्य में असर पड़ा है और पिछली बार की अपेक्षा कांग्रेस को ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद दिख रही है। आजतक के मुताबिक पहले चरण के मतदान में भाजपा व कांग्रेस में काफी कड़ा मुकाबला दिख रहा है। पहले चरण में भाजपा को 48 व कांग्रेस को 40 सीटें मिलती दिख रही हैं। एक सीट अन्य के खाते में जा सकती है। आजतक के मुताबिक इस बार गुजरात में भाजपा को 47 फीसदी और कांग्रेस को 42 फीसदी मत मिलने की आशा है। अन्य को 11 प्रतिशत मिल सकता है।

कांग्रेस पर भारी दिख रही भाजपा:एबीपी
एबीपी न्यूज चैनल के मुताबिक गुजरात एक फिर भाजपा के हाथों में रहेगा। फाइनल एग्जिट पोल के अनुसार भाजपा व कांग्रेस की सीटों में काफी अंतर दिख रहा है। चैनल का कहना है कि इस बार भाजपा को 117 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि कांग्रेस 64 सीटों पर सिमटती दिख रही है। अन्य को एक सीट मिलने की संभावना है। एबीपी के मुताबिक मध्य गुजरात में भाजपा को 47 फीसदी और कांग्रेस को 42 प्रतिशत सीट मिलने की उम्मीद है। अन्य को 13 प्रतिशत मत मिलने की उम्मीद है। मध्य गुजरात की 40 सीटों में से भाजपा को 24 सीटें व कांग्रेस को 16 सीटें मिलती दिख रही हैं। उत्तरी गुजरात से मिले रुझानों के अनुसार भाजपा यहां भी कांग्रेस पर भारी पड़ती दिख रही है। उत्तरी गुजरात की 53 सीटों में से भाजपा को 53 व कांग्रेस को 18 सीटें मिलती दिख रही हैं।

उत्तर गुजरात में भाजपा को 49 प्रतिशत व कांग्रेस को 42 प्रतिशत मत मिलने की संभावना है जबकि अन्य को 9 प्रतिशत मिलते दिख रहे हैं। दक्षिण गुजरात में वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को 52 प्रतिशत,कांग्रेस को 40 प्रतिशत व अन्य को 8 प्रतिशत मत मिलने का अनुमान जताया गया है। दक्षिण गुजरात में 35 सीटें हैं और एग्जिट पोल के मुताबिक इनमें भाजपा को 24 व कांग्रेस को 11 सीटें मिलने की संभावना है। सौराष्ट्र-कच्छ में भाजपा को 49 प्रतिशत,कांग्रेस को 41 प्रतिशत व अन्य को 10 प्रतिशत मिलने की उम्मीद है। इस इलाके की 54 सीटों में भाजपा को 34 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस को 19 व अन्य को एक सीट मिलने की उम्मीद है।

गुजरात में भाजपा की सरकार बनना तय:इंडिया टीवी
इंडिया टीवी-वीएमआर के एग्जिट पोल के मुताबिक गुजरात में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनना तय है। गुजरात में इस बार भाजपा को 104-114 सीटें और कांग्रेस को 65-75 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं अन्य के खाते में 4 सीटें जा सकती हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले बीजेपी को 6 सीटों का नुकसान जबकि कांग्रेस को नौ सीटों का फायदा होता दिख रहा है। बीजेपी को 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 115 सीटें मिली थीं जबकि कांग्रेस को 61 और अन्य के खाते में 6 सीटें गई थीं। वोट शेयर की बात करें तो 2012 में बीजेपी को 48 फीसदी वोट मिले थे जबकि एग्जिट पोल में इस बार भाजपा को 47 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है यानी पार्टी को एक फीसदी वोट का नुकसान हो रहा है। कांग्रेस को 2012 में 39 फीसदी वोट मिले थे जबकि एग्जिट पोल में इस बार भी 39 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है।

एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल
एग्जिट पोल:जोरदार जंग हुई, गुजरात में फिर खिलेगा कमल

चैनल के मुताबिक सौराष्ट्र व कच्छ में कांग्रेस व बीजेपी में कड़ी टक्कर दिख रही है। एक्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक सौराष्ट्र-कच्छ में 54 सीटों में से बीजेपी को 25-31 सीटें, कांग्रेस को 23-29 सीटें, अन्य के खाते में 0-1 सीटें जाने का अनुमान है। दक्षिण गुजरात की 35 सीटों में से बीजेपी को 24-30, कांग्रेस-6-8, अन्य को 0-2 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। एग्जिट पोल के मुताबिक मध्य गुजरात की 40 सीटों में से बीजेपी को 21-25 सीटें, कांग्रेस को 14-18 सीटें व अन्य को 0-2 सीटें मिल सकती हैं। उत्तर गुजरात की 53 सीटों में से बीजेपी को 28, कांग्रेस को 18-24 व अन्य को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है।

भाजपा को 109 सीटें मिलने की संभावना:टाइम्स नाउ
टाइम्स नाउ के एग्जिट पोल के नतीजे भी गुजरात में भाजपा की कामयाबी की बात कह रहे हैं। चैनल के मुताबिक इस बार गुजरात की 182 सीटों में भाजपा को 109 और कांग्रेस को 70 सीटें मिलती दिख रही हैं। हालांकि पिछली बार के मुकाबले इस बार भाजपा का वोट प्रतिशत कम होता दिख रहा है। भाजपा को इस बार पिछली बार से एक फीसदी कम यानी 47 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस को पहले से दो फीसदी ज्यादा यानी 41 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि अन्य के हिस्से में 12 फीसदी वोट आएंगी। इस तरह वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी के बावजूद कांग्रेस को ज्यादा फायदा मिलता नहीं दिख रहा है।

भाजपा को मिलेगा स्पष्ट बहुमत: इंडिया टुडे
इंडिया टुडे के एग्जिट पोल में भी भाजपा कांग्रेस पर भारी दिख रही है। इसके मुताबिक 99-113 सीटों के साथ भाजपा को राज्य में स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। वहीं कांग्रेस पिछड़ती दिख रही है। चैनल के मुताबिक कांग्रेस को राज्य में सिर्फ 68-82 सीटें मिलने की उम्मीद दिख रही है। इसके मुताबिक राहुल के जोरदार प्रचार के बावजूद कांग्रेस की सत्ता में वापसी होती नहीं दिख रही है।

सी वोटर के अनुसार भाजपा को 108 सीटें
सी वोटर के एग्जिट पोल नतीजों में भी भाजपा की विजय दिखाई दे रही है। इन नतीजों के मुताबिक इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा के खाते में 182 सीटों में से 108 सीटें जाती दिख रही हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के खाते में 74 सीटें आने की उम्मीद जताई गई है। सी वोटर के मुताबिक इस बार भाजपा को पिछली बार की अपेक्षा कम सीटें मिल सकती हैं मगर वह सरकार बनाने में कामयाब होगी। दूसरी ओर कांग्रेस को पिछली बार की अपेक्षा फायदा होता दिख रहा है।