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कभी अफसर बन कर देते थे हुक्म, अब नेता बन कर थामना चाहते हैं प्रदेश की कमान

पार्टी का कहना है कि जिन पार्टियों को वोट देकर लोगों ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाई, उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे घोटाला, घटिया सड़क निर्माण घोटाला, और अन्य तमाम घोटाले दिए। अब समय आ गया है कि इन भ्रष्ट, लूटखोर नेताओं को अपराधों की सजा दी जाए।

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zafarBy zafar

Published on 1 Dec 2016 9:48 AM GMT

कभी अफसर बन कर देते थे हुक्म, अब नेता बन कर थामना चाहते हैं प्रदेश की कमान
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लखनऊ: पूर्व आईएएस और आईपीएस अफसरों ने भ्रष्ट राजनीतिक दलों के खिलाफ आवाज उठाते हुए एक नई पार्टी के गठन का ऐलान किया है। इस पार्टी का नाम 'लोक गठबंधन पार्टी' रखा गया है। पूर्व अधिकारियों का आरोप है कि प्रदेश की राजनीतिक बागडोर अक्षम, अकुशल, अकर्मण्य और भ्रष्ट राजनैतिक नेतृत्व के हाथों में रही है। अब समय आ गया है कि इन भ्रष्ट, स्वार्थी, लूटखोर नेताओं को उनके द्वारा वर्षों से किए जा रहे अपराधों की सजा दी जाए।

शिक्षाविद, वैज्ञानिक, पूर्व लोकसेवक हैं शामिल

-इस पार्टी में शिक्षाविद, वैज्ञानिक, पूर्व लोकसेवक और न्यायविद शामिल हैं।

-इसके संयोजक हरीश चन्द्र पाण्डेय, पूर्व कुलपति, बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नॉलॉजी हैं।

-इसके अलावा इसमें पूर्व सचिव भारत सरकार, एसएटी रिजवी और भूरेलाल शामिल हैं।

-जो अन्य लोग इस पार्टी में शामिल हैं, उनमें पूर्व पुलिस महानिदेशक, सतर्कता अधिष्ठान यूपी, आईसी द्विवेदी।

-पूर्व पुलिस महानिदेशक यूपी एवं महानिदेशक बीएसएफ प्रकाश सिंह।

-पूर्व सदस्य, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार परिषद, एसपी तालुकेदार।

-सेवानिवृत्त आईएएस एसएन शुक्ला, पूर्व आईएएस एसआर लाखा।

-पूर्व डीजी सीएसआईआर, प्रो. एसके जोशी, पूर्व अध्यक्ष यूजीसी, डॉ. हरीगौतम।

-पूर्व निदेशक, आईआईटी खड़गपुर, प्रो. एसके दुबे, पूर्व एडीजी एसएन सिंह।

-पूर्व निदेशक, कोषागार लखनऊ, वीबी सिंह और वरिष्ठ पत्रकार एम हसन शामिल हैं।

कहा- एक्सप्रेस वे घोटाला है

-पार्टी का कहना है कि जिन पार्टियों को वोट देकर लोगों ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाई, उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे घोटाला, घटिया सड़क निर्माण घोटाला, और अन्य तमाम घोटाले दिए।

-अब, जबकि प्रदेश में एक बार फिर से चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हुई है, तो इन विध्वंसकारी राजनैतिक ताकतों ने फिर से साम, दाम, दण्ड, भेद के जरिए गरीब जनता को गुमराह कर सत्ता पर काबिज होने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।

अभियानों से जुड़े रहे हैं संस्थापक

-इस पार्टी के संस्थापक सदस्य भारत पुनरुत्थान अभियान से जुड़े रहे हैं और जिलों के ग्रामीण इलाकों में अपनी इकाइयों को मजबूत किया है।

-इसके सदस्यों में से कई ने भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए कदम उठाए हैं। इनमें कार्रवाइयां भी हुई हैं।

-पार्टी का दावा है कि आगामी चुनाव में सिर्फ साफ छवि के प्रत्याशियों को ही टिकट देगी।

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