जयंती विशेष: आखिर पूर्व पीएम राजीव गांधी का एक फैसला कैसे बना उनकी हत्या का कारण

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की समाधि पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, बेटी प्रियंका गांधी, दामाद रॉबर्ट वाड्रा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

लखनऊ: इंदिरा गांधी के बेटे और जवाहरलाल नेहरू के नाती राजीव गांधी भारत के सातवें प्रधानमंत्री थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी का 75वां जन्मदिन आज है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आखिर कैसे उनका एक फैसला बना उनकी हत्या की वजह बन गया।

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20 अगस्त 1944 को जन्मे राजीव तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में 21 मई 1991 को आम चुनाव में प्रचार के दौरान एक भयंकर बम विस्फोट में हत्या कर दी गई।

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रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी। इस साजिश को लेकर काफी विवाद भी हुआ। यही नहीं, इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपी जेल में कैद हैं और आरोपियों के रिहा होने को लेकर समय-समय पर विवाद हुआ है। वैसे चालीस साल की उम्र में देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने वाले राजीव गांधी ने ही देश में कम्प्यूटरीकरण की शुरुआत की थी।

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वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की समाधि पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, बेटी प्रियंका गांधी, दामाद रॉबर्ट वाड्रा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत ने श्रद्धांजलि अर्पित की।