Top

एक वक़्त खाएंगे-जान गंवाने गुजरात नहीं जाएंगे', जान बचाकर पहुंचे लोगों ने सुनाई खौफ की दास्‍तां

sudhanshu

sudhanshuBy sudhanshu

Published on 10 Oct 2018 1:17 PM GMT

एक वक़्त खाएंगे-जान गंवाने गुजरात नहीं जाएंगे, जान बचाकर पहुंचे लोगों ने सुनाई खौफ की दास्‍तां
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

अमेठी: गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले पर सियासत गर्म है। राजनैतिक पार्टियां हमले के जरिए वोटों की रोटियां सेंकने में मस्त हैं। सत्तारुढ़ पार्टी के मातहत अधिकारियों का कहना है कि लोग यहां से पलायन नहीं कर रहे। लेकिन सच्चाई इससे इतर है। बुधवार को सुल्तानपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन जब

अमेठी के निहालगढ़ रेलवे स्टेशन पर रुकी तो ट्रेन से उतरे यात्रियों ने कहा एक वक़्त खाएंगे लेकिन जान गंवाने गुजरात नहीं जाएंगे।

सुल्तानपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन से सैंकड़ों की संख्या में उतरे यात्री

जिले के निहालगढ़ रेलवे स्टेशन का मंजर बुधवार को तब देखने वाला था जब सुल्तानपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन से सैंकड़ों की संख्या में दर्जनों परिवार के लोग उतरे। गुजरात में गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हुए हमलें के बाद पलायन कर घर लौटे इन यात्रियों ने यहां पहुंच कर राहत की सांस लिया। यही नहीं जिंदा घर पहुंचने पर इनके चेहरों पर मुस्कान देखनें को मिली। इस संदर्भ में बात करने अमेठी के फुलवारी गांव निवासी राम आसरे ने बताया कि माता रानी की कृपा ही थी कि हम लोग बच गए वरना गुजराती लोग तो जानवर बन चुके थे। गुजराती केवल इतना ही पूछ्ते कि उत्तर भारतीय हो और अगर जवाब हां में होता तो जिसके हाथ में जो होता वो उसी से प्रहार करना शुरु कर देता। जगदीशपुर के मोहम्मद ऐबाद बताते हैं कि इस वक़्त गुजरात में हर उत्तर भारतीय अपराधी से कम नहीं है। बेगुनाहों पर बर्बरता हो रही और गुजरात की पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी है। गौरीगंज के रामकेवल ने बताया कि हमारे इलाके में तो गुजराती उत्तर भारतीयों को घरों से निकाल-निकाल कर पीटा जा रहा है, महिलाओं तक को बक्शा नहीं गया। रामकेवल ने कहा जब तक गुजरात मे शांति बहाल नही हो जाती तब तक हम गांव में ही रहेंगे। वही जामों के श्याम चंद्र ने कहा की ग्रामीण इलाकों में पुलिस स्वयं गुजरातियों के साथ बल प्रयोग कर रही ऐसे में हम एक वक़्त खाएंगे लेकिन जान गंवाने गुजरात नहीं जाएंगे।

बच्ची के साथ हुई थी दुष्कर्म की घटना

आपको बता दें कि गुजरात के साबरकांठा में 14 माह की बच्ची से दुष्कर्म के बाद गैर गुजरातियों, खासकर बिहार-यूपी के लोगों पर हमलों के बीच 8 हजार से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। पिछले चार दिनो में इन पर 42 हमले हुए। गैर गुजरातियों के खिलाफ आक्रोश महेसाणा, साबरकांठा, अहमदाबाद (ग्रामीण), अहमदाबाद (शहरी), अरावली, पाटण, गांधीनगर में सबसे ज्यादा दिखा। दरअसल, साबरकांठा के हिम्मतनगर में 28 सितंबर को बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस मामले में बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद से ही गैर गुजरातियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया।

sudhanshu

sudhanshu

Next Story