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विधानसभा में बैनर लहराना, सीटी बजाना सदन की अवमानना

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RishiBy Rishi

Published on 9 Jan 2018 2:40 PM GMT

विधानसभा में बैनर लहराना, सीटी बजाना सदन की अवमानना
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लखनऊ : सदन के अन्दर योजनाबद्ध तरीके से बैनर या पोस्टर लेकर आना और सीटी बजाना विधानसभा का अपमान है। विधानसभाध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने राज्यपाल के अभिभाषण के समय हंगामें पर चिंता जताते हुए यह भी कहा कि एक छोटे से वर्ग द्वारा प्लानिंग के साथ सदन की कार्यवाही बाधित करना संसदीय गरिमा के विपरीत है।

राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन हाल में नये साल के मौके पर पूर्व विधायकों द्वारा लोगो का उपयोग करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक पूर्व विधायक ने विधानसभा के लोगो का प्रयोग करते हुए पत्र लिखा था। उस पर राज्यपाल ने पत्र लिखकर अपेक्षा की थी कि लोगो का उपयोग किया जाना विधि सम्मत नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व विधायकों के लोगों के प्रतिबंध संबंधी परामर्शी परिपत्र जारी किया गया है।

अध्यक्ष ने कहा कि संसद द्वारा पारित अधिनियम The State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 Act No. 50 वर्ष 2005 में ही यूपीए शासन के दौरान जारी किया गया था। इस में भूतपूर्व मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों, पूर्व जजों, पूर्व संसद सदस्यों एवं पूर्व अधिकारियों को सरकार के लोगो का प्रयोग करने के लिए प्रतिबन्धित किया गया है। इसी अधिनियम के तहत सभी माननीय सदस्यों को यह सलाह दी गयी है कि विधान सभा के लोगो का उपयोग न किया जाय।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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