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अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल: शिवसेना

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। सामना में छपे लेख में शिवसेना ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए क्रिश्चियन मिशेल पर पर दबाव डाला जा रहा है। सरकारी मशीनरियों का मनमाना इस्तेमाल बंद होना चाहिए।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 2 Jan 2019 9:08 AM GMT

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल: शिवसेना
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नई दिल्ली: शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। सामना में छपे लेख में शिवसेना ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी का नाम लेने के लिए क्रिश्चियन मिशेल पर पर दबाव डाला जा रहा है। इसमें यह भी कहा कि सोनिया गांधी या कांग्रेस के प्रति हमारे मन में किसी प्रकार की कोई ममता होने का सवाल ही नहीं उठता, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्र के लिए सरकारी मशीनरियों का मनमाना इस्तेमाल बंद होना चाहिए।

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सामान में लिखा, "3600 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले के दलाल क्रिश्चियन मिशेल ने प्रवर्तन निदेशालय के सामने सोनिया गांधी का नाम लिया। ऐसा ईडी ने कोर्ट को बताया है। इस पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच हाथापाई शुरू हो गई है.,ये जो भी मिशेल-फिशेल है उसे दुबई से जब दिल्ली लाया गया तब पांच राज्यों में चुनाव प्रचार चरम पर था और बीजेपी के पिछवाड़े में आग लगी थी। एक दो जनसभाओं में प्रधानमंत्री ने मिशेल का उल्लेख कर कहा कि देखो, अब क्या विस्फोट होता है। ब्रिटेन से दलाल आया है, अब मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा, ’ इन बातों का अर्थ अब समझ में आ रहा है।''

सामना में आगे लिखा है, ''मिशेल, सोनिया गांधी और बच्चे का नाम लेने वाला है यह पक्का था, ऐसा संकेत प्रधानमंत्री ने दिया था। मिशेल की जांच शुरू होने से पहले ही मोदी ने गांधी की ओर उंगली दिखाकर जांच की दिशा स्पष्ट कर दी, यह थोड़ा हास्यास्पद लगता है। मिशेल को हिंदुस्तान लाने के बाद भी पांच राज्यों मोदी की बीजेपी को जो नुकसान होना था वो हुआ। अब मिशेल का लक्ष्य 2019 है, मिशेल कोठरी में है और अंदर क्या चल रहा है ये कोई नहीं बता सकता। ''

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राफेल का जिक्र करते हुए सामना में लिखा है, ''अगस्ता वेस्टलैंड मामले में दलाली मिली है और संबंधित आरोपी कितने ही बड़े क्यों ना हों उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता, कांग्रेस को इस मामले में जवाब देना पड़ेगा। मगर मिशेल ने मिसेस गांधी का नाम लिया, इसलिए राफेल विमान घोटाले को लोग भूल जाएंगे, ऐसा कोई ना समझे। मिशेल ने जिस तरह सोनिया गांधी का नाम लिया है, ऐसा दावा किया जा रहा है कि उसी तरह फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने राफेल में पीएम मोदी और अनिल अंबानी का नाम लिया है। '

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की एक अदालत में यह जानकारी दी कि 3600 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे के 'ब्रिटिश दलाल' क्रिश्चियन मिशेल ने जांच के दौरान मिसेज गांधी का नाम लिया है। इस जानकारी पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच खींचतान शुरू हो गई।

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