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ज़ौहर विश्वविद्यालय को निशाने पर लेना, अल्पसंख्यक विरोध की गहरी साजिश का हिस्सा

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RishiBy Rishi

Published on 12 May 2017 1:12 PM GMT

ज़ौहर विश्वविद्यालय को निशाने पर लेना, अल्पसंख्यक विरोध की गहरी साजिश का हिस्सा
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लखनऊ : विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल तथा मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि मोहम्मद आजम खां द्वारा मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना भाजपा नेताओं की आंख की किरकिरी बन गई है। उन्होंने तालीम का इंतजाम कर एक नेक काम किया है।

ज़ौहर विश्वविद्यालय में समाज के सभी वर्गो के छात्र-छात्राओं के दरवाजे खुले है। किन्तु उसको लेकर उन पर तमाम अनर्गल बेबुनियाद आरोप लगायें जाने का अभियान चलाया जा रहा है। और उनकी छवि बिगाड़ने के प्रयास हो रहे हैं। जौहर विश्वविद्यालय के बहाने मोहम्मद आजम खां का अपमान और उत्पीड़न करने की साजिश हो रही है।

इसमें दो राय नहीं कि मोहम्मद आजम खां भाजपा की सांप्रदायिकता और उसकी समाज को विभाजित करने की नीति की खुली खिलाफत करते आए हैं। वे धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखने वाले नेता है। 1975-76 में आपात काल के विरोध में और लोकतंत्र के बचाव में उन्होंने जेल यातना भी सही थी। उन्होंने हमेशा सामाजिक सद्भाव के लिए काम किया है। उनके नगर विकास मंत्री रहते सन् 2013 में इलाहाबाद में कुम्भ के सफल आयोजन की प्रशंसा साधु समाज ने मुक्त कंठ से की थी। विदेशी संस्थाओं ने भी उनकी सराहना की थी। यह बात भाजपा को पच नहीं रही है। किसी बहाने से मोहम्मद आजम खां की आड़ में भाजपा का उद्देश्य अल्पसंख्यकों को आतंकित करने का भी है।

भाजपा और उसका मूल संगठन आरएसएस अपनी अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों के लिए जाने जाते हैं। मोहम्मद आजम खां चूंकि अल्पसंख्यक समाज के एक सम्मानित एवं लोकप्रिय नेता हैं इसलिए भाजपा काफी समय से उनके बारे में दुष्प्रचार करती रही है। ज़ौहर विश्वविद्यालय को निशाने पर लेना तो उनकी अल्पसंख्यक विरोध की गहरी साजिश का ही एक हिस्सा है। भाजपा सांप्रदायिक राजनीति करके ही सत्ता में पहुंची है।

उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा के मंसूबों से भली-भांति परिचित है। आजम के उत्पीड़न के पीछे भाजपा की दुर्भावनापूर्ण नीति है। समाजवादी पार्टी मोहम्मद आजम खां के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। भाजपा मोहम्मद आजम खां के अपमान का अभियान जारी रखेगी तो समाजवादी पार्टी हर स्तर पर इसका विरोध करेगी।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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