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जिग्नेश मवानी बोले- BJP और गोरक्षक गुजरात में कर रहे दलितों का उत्पीड़न

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amanBy aman

Published on 26 Aug 2016 2:57 PM GMT

जिग्नेश मवानी बोले- BJP और गोरक्षक गुजरात में कर रहे दलितों का उत्पीड़न
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लखनऊ: ऊना की घटना के बाद दलित उत्पीडन के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले जिग्नेश मवानी ने 'गुजरात मॉडल' पर सवाल खड़ा करते हुए बीजेपी के साथ गोरक्षा का दावा करने वालों पर गुजरात में दलितों के उत्पीडन का आरोप लगाया है।

दलित नेता जिग्नेश मवानी अपने साथियों के साथ शुक्रवार को लखनऊ में थे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने दलितों के मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही साथ उन्होंने अपनी भावी रणनीति के बारे में बताया।

राजनेताओं पर कसा तंज़

देश में दलितों की दिन ब दिन खराब होती हालात पर नाराज़गी जताते हुए दलित नेता जिग्नेश ने मायावती और स्वामी प्रसाद मौर्य पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'खुद को दलित का मसीहा बताने वाले ये नेता या तो चुप्पी साधे रहते हैं या फिर उनका भगवाकरण हो जाता है।' उन्होंने कहा कि यदि 'आज भगत सिंह और अम्बेडकर होते तो दोनों एक-दूसरे से कंधे से कंधा मिलाकर काम करते और बोलते सावित्री बाई फुले ज़िंदाबाद।'

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पीएम के बयान को बताया खोखला

गौरतलब है कि ऊना में दलितों की पिटाई के बाद जिग्नेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 'गाय की पूंछ तुम रखो, हमारी ज़मीन हमको दो' का नया नारा दिया। जिग्नेश ने दलितों पर गोरक्षकों के हमले पर पीएम के बयान को खोखला करार दिया।

सरकार के मुंह पर लगा है तमाचा

जिग्नेश मवानी ने कहा, दलित उत्पीडन की बढ़ती घटना के बाद 31 जुलाई को दलित महासम्मेलन किया गया था। इस महासम्मेलन में 20-25 हज़ार दलित शामिल हुए थे। इस दौरान समुदाय के लोगों ने मैला ना उठाने, मृत पशुओं को ना उठाने और गटर में ना उतरने की शपथ लेकर बीजेपी और जातिवादी ताक़तों के मुंह पर जोरदार तमाचा मारा था।

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गुजरात मॉडल की खोलेंगे पोल

बीजेपी को घेरते हुए दलित आंदोलन के नेता जिग्नेश का कहना था, कि 'पूरे देश में गुजरात मॉडल का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, जबकि गुजरात आज भी दलित उत्पीडन जैसे कड़वे सच के बीच जी रहा है। यही नहीं गुजरात के कई ऐसे गांव हैं जो पुलिस प्रोटेक्शन के साए में सांसें ले रहे हैं।'

थानगढ़ की घटना का ज़िक्र करते हुए जिग्नेश का कहना था कि दलितों पर मेला परिसर में स्टॉल लगाने को लेकर हुए तनातनी में पुलिस ने सरकार के इशारे पर गोलियां बरसाई। गुजरात में दलित महिलाओं से हुई बलात्कार की घटना में पीएम मोदी, गुजरात की पूर्व सीएम आनंदी बेन पटेल और गृहमंत्री रजनी पटेल का बलात्कार पीड़ितों से ना मिलने जाना गुजरात मॉडल की पोल खोलने के लिए काफी है।

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सरकार को दी 'रेल रोको आंदोलन' की चुनौती

दलित आत्म सम्मान और स्वाभिमान की बात करने वाले दलित नेता जिग्नेश ने कहा कि गुजरात मॉडल का पोस्टमार्टम होना चाहिए, जिससे जनता की आंखें खुल सके। इन दलित नेताओं ने एक आवाज़ में भूमिहीन दलितों के लिए 55 एकड़ ज़मीन की मांग की है। दलित नेताओं ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को' रेल रोको आंदोलन' की चुनौती दी है।

यूपी के किसानों का भी उठाएंगे मुद्दा

जिग्नेश ने आगे कहा, गुजरात मॉडल का भांडा फोड़ने और दलित-मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए शुरू हुए इस आंदोलन को पूरे देश में फैलाया जाएगा। इसके लिए दलित नेताओं ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में यूपी में हो रही किसान आत्महत्या के लिए 'किसान बचाओ, संविधान बचाओ' यात्रा की शुरुआत होगी।

माना जा रहा है कि दलित नेता इस मुद्दे को भुनाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। यह मुद्दा उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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