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प्रियंका गांधी : फिल्म, शादी और राजनीति से जुड़े किस्से जानिए सिर्फ यहां

आज यूपी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की खुशी किसी पैमाने से नापी नहीं जा सकती। हो भी क्यों ना ! आखिर उनकी वर्षों की मांग को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूरा जो कर दिया है। राहुल ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी का महासचिव बना दिया है। उन्हें पूर्वी यूपी की जिम्मेदारी सौंप दी है।

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RishiBy Rishi

Published on 23 Jan 2019 11:32 AM GMT

प्रियंका गांधी : फिल्म, शादी और राजनीति से जुड़े किस्से जानिए सिर्फ यहां
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लखनऊ : आज यूपी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की खुशी किसी पैमाने से नापी नहीं जा सकती। हो भी क्यों ना ! आखिर उनकी वर्षों की मांग को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूरा जो कर दिया है। राहुल ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी का महासचिव बना दिया है। उन्हें पूर्वी यूपी की जिम्मेदारी सौंप दी है। लोकसभा चुनाव की आहट के बीच इस ताजपोशी ने कांग्रेस को मजबूती दी है। प्रियंका चुनावों के परिणाम पर कितना असर डालेंगी ये तो समय बताएगा। फिलहाल हम आपको बताएंगे वो सब जिसे जानने के आप हकदार हैं।

ये भी देखें : चुनाव से पहले कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक! राजनीति में प्रियंका की एंट्री

प्रियंका गांधी के नाना दादा पिता मां और भाई के बारे में तो आपको सब पता है। हम इनके बारे में कुछ बताएंगे भी नहीं। हम इससे हट कर बहुत कुछ बताएंगे...

12 जनवरी 1972 को प्रियंका का जन्म हुआ। दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से पढ़ी। जीसस एंड मैरी स्कूल से साइकॉलोजी की डिग्री मिली।

प्रियंका को रॉबर्ट से शादी करने के लिए दादी इंदिरा गांधी की तरह अड़ना पड़ा था।

प्रियंका पहले काफी गुस्सैल स्वभाव वाली थीं लेकिन समय के साथ उनके व्यवहार में सौम्यता आने लगी।

प्रियंका का हेयरस्टाइल, कपड़ों में दादी इंदिरा की छवि साफ नजर आती है।

फोटोग्राफी, कुकिंग, और पढ़ना पसंद है। अपने बच्चों के लिए प्रियंका खाना स्वयं बनाती हैं।

ये भी देखें : लोकसभा चुनाव: अमेठी से किस्मत आजमा सकती हैं प्रियंका, रायबरेली से राहुल

पार्टी की स्टार प्रचारक

आपको याद दिला दें मार्च 2004 में राहुल की राजनीति में एंट्री हुई और मई में हुए लोकसभा चुनाव में प्रियंका ने राहुल के के लिए प्रचार किया। इसी चुनाव में प्रियंका ने अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में जमकर प्रचार अभियान चलाया था।

इससे पहले सोनिया गांधी के चुनाव में वर्ष 1999 में अमेठी में प्रियंका ने उनका चुनाव संभाला।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने प्रियंका को इस चुनाव में सोनिया की सीट रायबरेली से चुनावी रण में उतारने का मन बना लिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सोनिया इस समय खराब सेहत के चलते अपनी राजनीतिक गतिविधियों को सीमित कर चुकी हैं।

ये भी देखें : प्रियंका के महासचिव बनने पर जोश में कांग्रेसी, कहा- राहुल आने वाले हैं-मोदी जाने वाले हैं

कार्यकर्ताओं से मधुर संबंध

अमेठी और रायबरेली में प्रियंका कार्यकर्ताओं के बीच बड़ी बहन की तरह पेश आती हैं। ज्यादातर वर्कर्स के नाम उन्हें रटे हुए हैं। जब भी वो उनके बीच होती हैं नेता का चोला कहीं नजर नहीं आता।

शादी तो फिल्मी थी

प्रियंका ने अपने बचपन के दोस्त रॉबर्ड वाड्रा से 18 फरवरी 1997 को शादी की। शादी के लिए प्रियंका अड़ गईं थी, क्योंकि परिवार नहीं चाहता था कि ये शादी हो। कहा जाता है कि सोनिया के सचिव वी जॉर्ज ने प्रियंका और रॉबर्ट की शादी के लिए दिल्ली के एक चर्च से संपर्क किया था। लेकिन, पादरी ने उनकी शादी कराने से इंकार कर दिया था। पादरी के मुताबिक जब तक वाड्रा के इसाई होने का सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा तब तक चर्च में शादी नहीं होगी। इसके बाद प्रियंका की शादी हिंदू रीति-रिवाज से मां सोनिया गांधी के आधिकारिक आवास 10 जनपथ में हुई।

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दंपति के दो बच्चे हैं। बेटी मिराया और बेटे रेहान वाड्रा।

प्रियंका गांधी ने एक पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने पहली बार रॉबर्ट वाड्रा को तब देखा था जब वो 13 साल की थीं।

क्यों रिलीज नहीं हो पाई प्रियंका पर बनी फिल्म

वर्ष 2000 में प्रियंका गांधी के जीवन पर एक फिल्म बन रही थी 'गुड नाइट प्रिंसेज'। जिसके डायरेक्टर थे एटली बरार। फिल्म में लीड रोल कर रही थीं प्रियंका चौपड़ा। प्रियंका गांधी उस समय 28 साल की थीं। फिल्म का काम तेजी से चल रहा था। लेकिन, अचानक खबर आई कि प्रोड्यूसर के पास पैसे नहीं हैं और फिल्म रोक दी गई।

अब जानिए प्रियंका क्या प्रभाव डाल सकती हैं

सपा-बसपा ने गठबंधन करते समय कांग्रेस को घास नहीं डाली। इसके बाद प्रियंका को मैदान में उतार दिया गया। सिर्फ इतना ही नहीं उन्हें पूर्वी यूपी की कमान दे ये साफ़ कर दिया गया है कि विपक्ष को अधिक मजबूती के साथ चुनावी रण में उतरना होगा।

आपको बता दें, फूलपुर, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर सहित पूर्वांचल के कई जिले पहले कांग्रेस के मजबूत गढ़ थे। लेकिन समय के साथ वो दरकते चले गए। वहां संगठन अभी भी है उसे सिर्फ जागृत करने की देरी है। ऐसे में प्रियंका यहां तुरुप का एक्का साबित हो सकती हैं।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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