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लोकसभा चुनाव -अखिलेश के सहारे ही चुनाव मैदान में उतरेगी सपा

देश में हो रहे लोकसभा चुनाव में वैसे तो सबकी निगाह यूपी में है लेकिन समाजवादी पार्टी की निगाह अपने एकमात्र नेता अखिलेश यादव पर टिकी है। पार्टी की स्थापना के बाद यह पहला चुनाव होगा जिसके प्रचार- प्रसार की पूरी जिम्मेदारी अखिलेश यादव पर होगी।

Shreedhar Agnihotri

Shreedhar AgnihotriBy Shreedhar Agnihotri

Published on 20 March 2019 8:17 AM GMT

लोकसभा चुनाव -अखिलेश के सहारे ही चुनाव मैदान में उतरेगी सपा
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श्रीधर अग्निहोत्री

लखनऊ। देश में हो रहे लोकसभा चुनाव में वैसे तो सबकी निगाह यूपी में है लेकिन समाजवादी पार्टी की निगाह अपने एकमात्र नेता अखिलेश यादव पर टिकी है। पार्टी की स्थापना के बाद यह पहला चुनाव होगा जिसके प्रचार- प्रसार की पूरी जिम्मेदारी अखिलेश यादव पर होगी।

समाजवादी पार्टी की 4 अक्टूबर 1992 की स्थापना के बाद 1993 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2017 के विधानसभा चुनाव तक जितने भी चुनाव हुए, उनमें मुलायम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव, अमर सिंह और अमिताभ बच्चन से लेकर न जाने कितने नामी-गिरामी अभिनेता-अभिनेत्री चुनाव प्रचार में अपनी भूमिका निभाते रहे है । पर इस बार चुनाव में पार्टी के अंदर पूरा माहौल बदला हुआ है।

कई पुराने नेता अब पार्टी में नहीं है। मुलायम सिंह यादव की सक्रियता कम हुई है। शिवपाल अपनी पार्टी बना चुके है। अमर सिंह पहले ही बाहर हो चुके हैं। इसलिए अभिनेता-अभिनेत्रियों के प्रचार-प्रसार में उतरने की संभावना न के बराबर है। इसलिए भाजपा के स्टार प्रचारक नरेन्द्र मोदी के मुकाबले समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव को ही स्टार प्रचारक के तौर पर पेश करेगी। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दम पर भाजपा चुनाव मैदान में उतरने जा रही है। वहीं समाजवादी पार्टी विकास के मुखौटे के रूप् में अखिलेश यादव को ही आगे कर चुनाव मैदान में उतरने जा रही है।

लोकसभा चुनाव में अबतक का जो परिदृश्य उभरकर सामने आया है तो इस चुनाव में पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव पीछे ही हैं। उम्मीदवारों के चयन से लेकर रणनीति बनाने और प्रचार करने तक सब कुछ अखिलेश यादव के हाथ में ही है। बताया जा रहा है कि एक रणनीति के तहत मुलायम सिंह यादव ने अपने को पीछे किया है। यह बात अलग है कि मुलायम सिंह यादव बहुजन समाज पार्टी के साथ हुए गठबन्धन को लेकर नाखुश है।

पार्टी के भीतर इस बात की चर्चा है कि अखिलेश सरकार में जितने विकास कार्य हुए उतने विकास कार्य पहले की सरकारों में नहीं हुए। पार्टी ने रणनीति बनाई है कि जिस तरह से भाजपा नरेन्द्र मोदी के विकास कार्यो का ढ़िढ़ोरा पीट कर चुनाव मैदान में जाने की तैयारी कर रही है। उसी तरह सपा भी अपनी सरकार के विकास कार्यो को लेकर चुनाव में उतरे।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव हर मंच पर ताल ठोककर कहते हैं कि विकास के मामले में जितना काम उन्होंने किया । योगी सरकार उसका 10 प्रतिशत भी नहीं कर सकी है। वह याद दिलाते हैं कि यूपी में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, मेदान्ता मेडिसिटी से लेकर आईटी सिटी, अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, मेट्रो से लेकर साईकिल ट्रैक सब कुछ उनकी सरकार में बनाया गया है। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए वुमेन हेल्पलाईन 1090, आशा ज्योति 181 जैसी सुविधाओं का आम जनता लाभ उठा रही है।योगी सरकार उनकी सरकार में शुरू हुई योजनाओं को ही आगे बढाने का काम कर रही है।

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