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10% आरक्षण दो, हो जाएगा JNU-जामिया का इलाज: मोदी के मंत्री की सलाह

संजीव बालियान ने कहा, 'मैं राजनाथ जी से निवेदन करूंगा, जो जेएनयू, जामिया में देश का विरोध में नारे लगाते हैं इनका इलाज एक ही है, पश्चिम उत्तर प्रदेश का वहां 10 फीसदी आरक्षण करवा दो, सबका इलाज कर देंगे, किसी की जरूरत नहीं पड़ने की।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 23 Jan 2020 6:55 AM GMT

10% आरक्षण दो, हो जाएगा JNU-जामिया का इलाज: मोदी के मंत्री की सलाह
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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में स्थि​त जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और जामिया मिलिया इस्लामिया युनिवर्सिटी को लेकर इन दिनों बवाल मचा हुआ है। मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने मेरठ में बुधवार को एक रैली संबोधित करते हुए कहा कि अगर चाहते हैं कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में देशविरोधी नारेबाजी न हो तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को 10 फीसदी आरक्षण दे दीजिए।

संजीव बालियान ने कहा, 'मैं राजनाथ जी से निवेदन करूंगा, जो जेएनयू, जामिया में देश का विरोध में नारे लगाते हैं इनका इलाज एक ही है, पश्चिम उत्तर प्रदेश का वहां 10 फीसदी आरक्षण करवा दो, सबका इलाज कर देंगे, किसी की जरूरत नहीं पड़ने की।

राजनाथ ने भी दिया बड़ा बयान

CAA पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, भारतीय मुसलमानों के लिए कही ये बड़ी बात

मेरठ में जिस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान बोल रहे थे, उसी कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए थे। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कोई भी किसी भारतीय मुसलमानों को छू तक नहीं पाएगा। साथ ही उन्होंने इन अफवाहों को भी नकारा कि अगर देश में NRC और NPR लागू हो जाता है तो समुदाय को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘हम सरकार नहीं, बल्कि देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं। राजनाथ सिंब ने ये बातें मेरठ के माधवकुंज मैदान में सीएए के समर्थन में आयोजित जन जागरण रैली को संबोधित करते हुए बोलीं।

हम मजहब की राजनीति कर स्वार्थ नहीं साधते- राजनाथ सिंह

बीजेपी की ओर से आयोजित रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि, (पिछली सरकार के दौरान) हमने नागरिकता संशोधन कानून बनाया था लेकिन उस वक्त यह लागू नहीं हो सका था। लेकिन इस बार हमने इसे कर दिखाया। उन्होंने आगे कहा कि लेकिन अब इसे हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से देखा जा रहा है। संदेह चाहे कोई भी कर ले हमारे प्रधानमंत्री धर्म के आधार पर नहीं, इंसानियत के आधार पर सोचते हैं। उन्होंने कहा कि, हम धर्म या मजहब की राजनीति कर स्वार्थ नहीं साधते।

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