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उत्तर भारत के लोगों को मोदी की बड़ी सौगात, बीएचयू को मिलेगी एम्स जैसी सुविधाएं

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 4 Aug 2018 4:03 PM GMT

उत्तर भारत के लोगों को मोदी की बड़ी सौगात, बीएचयू को मिलेगी एम्स जैसी सुविधाएं
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वाराणसी: उत्तर भारत के लभगग 30 करोड़ लोगों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी सौगात दी है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्‍थित सर सुंदर लाल चिकित्सालय को भी विश्वस्तरी सुविधाएं मिलेंगी। यहां आने वाले मरीजों को हर वो सुविधा मिलेगी, जो एम्स में दी जाती है। जीहां बीएचयू अस्पताल को एम्स सरीखा दर्जा देने की मांग अब साकार होने लगी है। शनिवार को बीएचयू पहुंचे केंद्रीय मंत्रियों की एक टीम ने इसपर मुहर लगा दी। केएन उडुप्‍पा सभागार में इस ऐतिहासिक फैसले पर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्‍टैंडिंग (MoU) साइन कर दिया है। इस MoU के साइन होते ही सालों पुराना सपना भी अब पूरा होने के कगार पर पहुंच गया है।

बीएचयू के लिए ऐतिहासिक दिन

शनिवार का दिन बीएचयू के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्वनी चौबे, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, उत्तर प्रदेश के टेक्निकल और मेडिकल मंत्री आशुतोष टंडन की उपस्थिति में विश्वविद्यालय के कुलपति राकेश भटनागर और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने ऐतिहासिक MoU पर साइन कर दिया है। इसी के साथ सर सुंदर लाल चिकित्सालय को एम्स बनने की कागजी औपचारिकताएं पूरी हो गयी हैं। बीएचयू को एम्स का दर्जा हासिल होने के बाद पूर्वांचल का यह दूसरा संस्थान है। इसके पहले गोरखपुर में एम्‍स खोलने की कवायद तेजी से चल रही है। गोरखपुर के अलावा पूर्वांचल में दूसरा एम्‍स सरीखा अस्‍पताल यूपी-बिहार और नेपाल के गरीबों के इलाज में मील का पत्‍थर साबित होगा।

यूपी-बिहार के करोड़ों लोगों को फायदा

बीएचयू को एम्स सरीखा दर्जा हासिल होने के बाद यूपी-बिहार, छ्त्तीसगढ़स मध्य एमपी और नेपाल के लगभग 30 करोड़ आबादी को सहूलियत मिलेगी। गंभीर बीमारियों के लिए इन लोगों को दिल्ली और लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब मुश्किल हल हो गई है। सर सुंदर लाल चिकित्सालय के एमएस डॉ विजयनाथ मिश्रा के मुताबिक कई वर्षों से काशीवासी बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सल्य को एम्स का दर्जा देने औरइसे सुविधापरक बनाने की मांग कर रहे थे। अब वो ऐतिहासिक दिन आ गया है जब यह अस्पताल एम्स बनने जा रहा है।

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