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अयोध्या के बाद अब काशी से उठी राममंदिर निर्माण की आवाज, कथावाचकों ने बनाई व्यास सेना

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 7 Oct 2018 11:39 AM GMT

अयोध्या के बाद अब काशी से उठी राममंदिर निर्माण की आवाज, कथावाचकों ने बनाई व्यास सेना
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वाराणसी: लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर का मुद्दा गर्माने लगा है। विश्व हिंदू परिषद के बाद अब देश के कथावाचकों ने भी मोर्चा खोल लिया है। राममंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आवाज उठी है। कथावाचकों की व्यास सेना ने सरकार को अल्टीमटेम दिया है। साथ पूरे देश में मंदिर के लिए आंदोलन चलाने की बात कही है।

कथावाचकों ने भरी हुंकार

मंदिर निर्माण को लेकर पूरे देश में तेजी से समीकरण बदल रहे हैं। अयोध्या में संत आमरण अनशन पर बैठे हैं तो पिछले दिनों दिल्ली में वीएचपी ने बैठक कर सरकार को आगाह कर दिया। ऐसे में काशी में रविवरा को देश भर से कथावाचक इकट्ठा हुए और व्यास संघ का निर्माण किया है। इस संघ के जरिए देश की जनता को जागरूक करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सरकार पर भी अपने वादे को पूरा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। व्यास संघ के निर्माण पर पातालपुरी मठ के महंत बाबा बालक दास ने कहा है कि देश के लोगों को जागरूक करने का अब यही एक तरीका है। राम मंदिर के बारे में कथा बांच कर देश के लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही सरकार पर बिना किसी हिंसा के या आक्रोश के एक शांतिपूर्ण दबाव बनाया जाए।

व्यास संघ चलाएगा पूरे देश में आंदोलन

कथावाचकों के मुताबिक इस संघ की देश को बहुत जरूरत है। व्यास समाज सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे राममंदिर बनाने के लिए आंदोलन चलाएगा। कथावचाकों ने कहा कि राम मंदिर बनाना इस देश की जरूरत है और हमें इस जरूरत को सरकार के सामने बेहतर ढंग से पेश करना है। कथावचक शिवाकांत मिश्रा के अनुसार हम सरकार से गुजारिश करते है कि 4 साल पहले उसने देश के साधु संतों से जो वादा किया था उसे पूरा करे। मिश्र का कहना है कि आज इस संघ को बनाने के लिए शुरुआत कर दी गई है जिसके साथ ही राम मंदिर कैसे बनना चाहिए और क्यों बनना चाहिए इस बारे में अब पूरे देश में जागरूकता फैलाई जाएगी। व्यास संघ का हेड क्वार्टर काशी को ही बनाया गया है और जो भी कार्य प्रणाली अपनाई जाएगी उसमें देश भर से आए हुए व्यास समाज के लोगों की स्वीकृति होगी।

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