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एमपी इलेक्शन : वोटर्स को कोई नहीं कर पायेगा गुमराह, सात हजार जासूस रखेंगे नजर

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 28 Sep 2018 11:46 AM GMT

एमपी इलेक्शन : वोटर्स को कोई नहीं कर पायेगा गुमराह, सात हजार जासूस रखेंगे नजर
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भोपाल: पैसे और शराब का लालच दिखाकर वोटर्स को गुमराह करने वाले नेताओं की अब खैर नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव में इलेक्शन कमीशन मैदान में उतरे कैंडीडेट्स की जासूसी करने की तैयारी कर रहा है। इलेक्शन कमीशन यह भी नजर रखेगा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कैंडीडेट्स वोटर्स को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए शराब, उपहार और पैसा न बांट पाएं। कमीशन कैंडीडेट्स पर नजर रखने के लिए सात हजार से ज्यादा खुफिया लोग मैदान में रखने की प्लानिंग बनाई है।

चुनाव में प्रत्याशियों पर नजर रखे जाने की सारी जानकारी कलेक्टर सुदाम खाडे ने दी। खाडे ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची में करीब 18 लाख 54 हजार 847 मतदाता शामिल हैं। 2013 के विस चुनाव के मुकाबले इस बार 543 मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं। इसबार संख्या 2,259 हो गई है।

यह व्यवस्था डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से की गई है। इसके लिए बूथ स्तर पर अवेयरनेस ग्रुप भी बनाए गए हैं। ऐसी सूचना है कि एक समूह में तीन जासूस रखे जायेंगे।

इन जासूस का काम कैंडीडेट्स की सभाओं में शामिल होकर यह देखना होगा कि कितने पंडाल लगाए गए, कितने स्टेज बनाए गए और प्रचार के लिए कितनी गाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है। जासूस यह सारी जानकारी इलेक्शन कमीशन के आला अधिकारियों को देगा।

दिव्यांगों के लिए खास व्यवस्था

बता दें कि जिले में करीब चार हजार मतदाता दिव्यांग हैं। जिला प्रशासन ने इन्हें मतदान केंद्रों तक लाने के लिए घर से घर तक की योजना बनाई है। प्रशान एक-एक दिव्यांग को मतदान के दिन बूथ तक लाने के लिए एक-एक व्यक्ति को जिम्मेदारी देगा। योजना के मुताबिक दिव्यांगों को लाने वाला व्यक्ति या तो उनका परिजन, पड़ोसी या फिर कोई सामाजिक कार्यकर्ता हो सकता है।

मतदान के लिए भरवाएंगे संकल्प पत्र

आयोग इस बार कई तरह के प्रयोग करने जा रहा है। 2013 के चुनाव में महज 64.7 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इसे बढ़ाने के लिए प्रशासन आम लोगों से संकल्प पत्र भी भरवाएगा। इसके लिए प्रशासन बच्चों का सहारा लेगा, संकल्प पत्र के साथ जिला प्रशासन का अमला स्कूल और कॉलेजों में बच्चों को संकल्प पत्र देगा और इसे अपने माता पिता से भरवाकर मतदान करने के लिए संकल्प लेने को प्रेरित करेगा। यही नहीं लोगों को जागरुक करने के लिए एक केलेंडर बनाया गया है इसके अनुसार समय-समय पर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया जाएगा और कई आयोजन भी किए जाएंगे।

अपराधियों की होगी पड़ताल

यही नहीं चुनाव के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश कर सकने वाले लोगों की एक लिस्ट तैयार की गई है। इसके लिए पुलिस के साथ मिलकर अपराधियों की कुंडलियां भी निकाल ली गई हैं। बहुतायत में जिलाबदर और एनएसए की कार्रवाई की गई है। अब पुलिस की ओर से अपराधियों को रेड कार्ड जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

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