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लोकसभा चुनाव : मंत्री जी सीट फंस गई आपकी, फिर मत कहना बताया नहीं

सपा-बसपा गठबंधन ने केंद्र की एनडीए सरकार के 6 मंत्रियों के लिए टेंशन टाईट कर दी है। पीएम नरेंद्र मोदी भी वाराणसी से सांसद हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है। ये बात हम पिछले लोकसभा चुनाव और वोटिंग पैटर्न के आकड़ों के आधार पर कह रहे हैं। हमारे साथ जानिए उन मंत्रियों का हाल...

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RishiBy Rishi

Published on 14 Jan 2019 10:55 AM GMT

लोकसभा चुनाव : मंत्री जी सीट फंस गई आपकी, फिर मत कहना बताया नहीं
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लखनऊ : सपा-बसपा गठबंधन ने केंद्र की एनडीए सरकार के 6 मंत्रियों के लिए टेंशन टाईट कर दी है। पीएम नरेंद्र मोदी भी वाराणसी से सांसद हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है। ये बात हम पिछले लोकसभा चुनाव और वोटिंग पैटर्न के आकड़ों के आधार पर कह रहे हैं। हमारे साथ जानिए उन मंत्रियों का हाल...

ये भी देखें :भाजपा संविधान विरोधी पार्टी, यूपी-बिहार से होगा सफाया: तेजस्वी यादव

मनोज सिन्हा गाजीपुर से सांसद हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में सिन्हा को 3 लाख 6 हजार 929 वोट मिले। सपा को 2 लाख 74 हजार और बसपा को 2 लाख 41 हजार वोट मिले। इस तरह सपा-बसपा गठबंधन यदि इस बार भी इतने ही वोट पाता है तो वोटों का आकड़ा होगा पांच लाख 41 हजार से अधिक, जो सिन्हा को हराने के लिए पर्याप्त है।

उमा भारती झांसी से सांसद हैं। इस बार उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया है। लेकिन, उनके स्थान पर जो भी उम्मीदवार आएगा उसके लिए दिक्कतें बड़ी होने वाली हैं। पिछले चुनाव में उमा को 5 लाख 75 हजार वोट मिले थे। वहीं सपा को 3 लाख 85 हजार और बसपा को 2 लाख 13 हजार से अधिक वोट मिले। यदि यही वोट इसबार भी सपा-बसपा को मिलते हैं तो बीजेपी उम्मीदवार का जीतना मुश्किल हो जाएगा।

कृष्णा राज शाहजहांपुर से सांसद हैं। पिछले चुनाव में उन्हें 5 लाख 25 हजार से अधिक वोट मिले थे। वहीं बसपा को 2 लाख 89 हजार और सपा को 2 लाख 42 हजार से ज्यादा वोट आए। सपा-बसपा के संयुक्त उम्मीदवार को यदि उसी पैटर्न में वोट मिलता है तो राज को जीत के लिए पसीना बहाना पड़ेगा।

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सत्यपाल सिंह बागपत से सांसद हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें 4 लाख 23 हजार से अधिक वोट मिले। सपा को 2 लाख 13 हजार से अधिक वोट मिले, वहीं बसपा को 1 लाख 41 हजार से ज्यादा मत मिले। ऐसे में अंदाजा लगाना आसान है कि सपा-बसपा महागठबंधन क्या गुल खिलाने वाला है।

साध्वी निरंजन ज्योति फतेहपुर से सांसद हैं। साध्वी को 4 लाख 85 हजार से अधिक वोट मिले थे। वहीं बसपा को 2 लाख 98 हजार और सपा के खाते में 1 लाख 78 हजार से ज्यादा वोट गए। वैसे तो साध्वी को सीधे कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन जब अखिलेश यादव और मायावती मिलकर चुनाव प्रचार करेंगे तो मुश्किल हो सकती है।

महेश शर्मा गौतमबुद्ध नगर से सांसद हैं पिछले चुनाव में उन्हें 5 लाख 99 हजार 702 वोट मिले। सपा को 3 लाख, 19 हजार से अधिक वोट मिले जबकि बसपा को 1 लाख 98 हजार से अधिक वोट मिला। लेकिन यहां ये बात भी मानने वाली है कि इस बार अभीतक देश में कोई लहर बीजेपी के पक्ष में नजर नहीं आ रही, और जब सपा बसपा के बड़े नेता अपने उम्मीदवारों के लिए वोट मांगते नजर आएंगे तो समीकरण बदल भी सकते हैं।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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