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हृदय नारायण दीक्षित का विधानसभा स्पीकर बनना लगभग तय, औपचारिकता बाकी

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RishiBy Rishi

Published on 28 March 2017 4:32 PM GMT

हृदय नारायण दीक्षित का विधानसभा स्पीकर बनना लगभग तय, औपचारिकता बाकी
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लखनऊ: यूपी के सीएम को लेकर भले ही बीजेपी को जद्दोजेहद करनी पड़ी हो, लेकिन सूत्रों की माने तो यूपी बीजेपी के कद्दावर नेता ह्रदय नारायण दीक्षित का स्पीकर बनना तय हो चुका है, सिर्फ औपचारिक ऐलान बाकी है।

हृदय नारायण दीक्षित को संसदीय परंपराओं का ज्ञाता माना जाता है। यही नहीं, उनके पक्ष में कई और बाते भी जाती हैं, जो उन्हें स्पीकर की कुर्सी तक ले जा सकती हैं। साफ़ छवि के नेता होने के चलते इनके प्रस्तावक लगभग सभी दलों से हैं।

निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया के साथ ही गौरी गंज विधायक राकेश प्रताप सिंह दे सकते हैं दीक्षित को अपना समर्थन।

कई हैं कारण

अगर हृदय नारायण दीक्षित को 17वीं विधानसभा का स्पीकर बनाया जाता है, तो भाजपा के लिये कई कारणों से वह मुफीद साबित हो सकते हैं।

  • हृदय नारायण दीक्षित 6 बार के विधायक हैं।
  • वह भाजपा सरकार में संसदीय कार्यमंत्री भी रह चुके हैं।
  • दीक्षित संसदीय परंपराओं और नियमों का बड़ा ज्ञान रखते हैं।
  • दीक्षित का सम्मान हर दल में है और उनके संचालन में किसी दलगत सीमा की बाधा नहीं आएगी।
  • वाकपटु होने की वजह से वह विधानसभा के अच्छे संचालक और अधिष्ठाता साबित हो सकते हैं।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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