Top

रिटायरमेंट के बाद IAS कुंवर फतेह बहादुर ने ज्वॉइन की बीएसपी, बनाए गए पार्टी प्रवक्ता

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 13 May 2017 8:30 AM GMT

रिटायरमेंट के बाद IAS कुंवर फतेह बहादुर ने ज्वॉइन की बीएसपी, बनाए गए पार्टी प्रवक्ता
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक और रिटायर्ड अधिकारी राजनीति में आ गए। पिछले महीने नौकरी से अवकाश प्राप्त करने वाले कुंवर फतेह बहादुर सिंह ने बहुजन समाज पार्टी ज्वॉइन की है । बसपा में शामिल होते ही पार्टी प्रमुख मायावती ने उन्हें प्रवक्ता बना दिया। 1981 बैच के आईएएस अधिकारी फतेह बहादुर, मायावती के विश्वासपात्र रहे हैं।

मायावती के कार्यकाल में वो हमेशा महत्वपूण्र पदों पर रहे, लेकिन यूपी से बसपा की सरकार जाते ही उन्हें नेपथ्य में धकेल दिया गया। मायावती के 2007 से 2012 तक के कार्यकाल में फतेह बहादुर गृह और नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव थे।

बसपा के महासचिव और पार्टी में नंबर दो के नेता रहे नसीमुद्दीन को निकाले जाने के बाद फतेह बहादुर की पार्टी में इंट्री हुई है। वो टीवी डिबेट में पार्टी खासकर मायावती का पक्ष मजबूती से रख सकेंगे। चूंकि वो गृह विभाग के भी प्रमुख सचिव रहे हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था के सवाल पर भी योगी सरकार को घेर सकेंगे। लोग मानते हैं कि मायावती के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी रही थी, लेकिन आखिरी साल में निसाधन थाने में युवती के साथ रेप समेत अन्य घटनाओं ने उनके शासन पर सवाल खड़े हुए थे।

मायावती के एक और विश्वासपात्र आईएएस पीएल. पुनिया हुआ करते थे। नौकरी से अवकाश के बाद वो भी राजनीति में आए, लेकिन उन्हें अपना भविष्य कांग्रेस में दिखाई दिया। वो बसपा में शामिल नहीं हुए। पुनिया बाराबंकी से लोकसभा का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीते। कांग्रेस ने उन्हें अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष भी बनाया। वो हाल तक इस पद पर रहे।

Rishi

Rishi

आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

Next Story