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यूपीए सरकार में रोहिंग्या मुसलमानों को बसने की इजाजत बड़ी लापरवाही

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 8 Oct 2018 4:44 PM GMT

यूपीए सरकार में रोहिंग्या मुसलमानों को बसने की इजाजत बड़ी लापरवाही
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लखनऊ: यूपीए सरकार के दौरान रोहिंग्या मुसलमानों को पूरे देश में इधर उधर कहीं भी जाने और बसने देने की छूट देकर बड़ी लापरवाही की गई थी, जिसका नतीजा है कि आज अवैध घुसपैठ करने वालों की तादात काफी ज्यादा है हो गई है। सरकार अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर करने के लिए दृढ संकल्पित है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि रोहिंग्या परिवार के अवैध तरीके से उप्र में भी रहने की जानकारी सामने आ रही है। अवैध शरणार्थियों से देश की सुरक्षा को खतरे से कोई इन्कार नही कर सकता है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई इस तरह के तत्वों के इस्तेमाल की फिराक में रहती है। आईएसआई ने पहले भी देश में अस्थिरता फैलाने की नाकाम कोशिश कर चुकी है।

शुक्ल ने बताया कि रोहिंग्या की अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए केंद्र सरकार नये सिरे से अभियान चलाने जा रही है। यूपीए सरकार की गलत नीतियों के कारण शरणार्थी के रूप में आये रोहिंग्या की भी वास्तविक संख्या की जानकारी नही है, अनुमान है कि करीब 40 हजार रोहिंग्या शरणार्थी के रूप में है, लेकिन अवैध रूप से घुसपैठ कर आने वालों की संख्या की जानकारी जुटाने की केंद्र सरकार की पहल में सभी प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करें यह जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कहा है कि जरूरत पड़ने पर असोम की तरह उप्र में भी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा। ध्यान रहे केंद्र सरकार ने 7 अवैध रोहिंग्या को म्यांमार वापस भेजा है, सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के फैसले पर मुहर लगाई। साथ साथ हमारी सरकार का स्पष्ट मानना ह कि बंग्लादेश, पाकिस्तान, व श्रीलंका से आये हिन्दू, बौद्ध, सिख को शरणार्थी मानते हुए देश की नागरिकता भी देगे।

प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि रोहिंग्या शांति सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने इससे पहले इनको चिन्हित कर तत्काल बाहर भेजा जाय। यह मोदी सरकार की विदेश नीति की सफलता है कि म्यांमार सरकार ने भारत में रह रहे अवैध रोहिंग्या की पहचान में मदद कर रही है। म्यांमार सरकार ने दो भाषाओं वाले फार्म का प्रारुप मुहैया कराया है। केंद्र सरकार ने इसे राज्यों को भेजा है, प्रदेश सरकार अवैध रोहिंग्या को वापस भेजने की मुहिम को आगे बढ़ाएगी।अवैध रोहिंग्या की उप्र के मथुरा, आगरा, नोयडा, गाजियाबाद, मेरठ सहित कई जगहों पर मौजूदगी मिली है।

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