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करतारपुर कॉरिडोर की उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने रखी नींव

भारत-पाकिस्तान की राजनीति में करतारपुर साहिब का मुद्दा काफी गर्माया हुआ है। बता दें, सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की 550वीं जयंती 2019 में मनाई जाएगी। ऐसे में आज यानि सोमवार (26 नवंबर) को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करतारपुर कॉरिडोर की नींव  रख दी है।

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 26 Nov 2018 3:30 AM GMT

करतारपुर कॉरिडोर की उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने रखी नींव
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करतारपुर कॉरिडोर की उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने रखी नींव
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नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान की राजनीति में करतारपुर साहिब का मुद्दा काफी गर्माया हुआ है। बता दें, सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की 550वीं जयंती 2019 में मनाई जाएगी। ऐसे में आज यानि सोमवार (26 नवंबर) को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करतारपुर कॉरिडोर की नींव रख दी है।

इस दौरान पंजाब के चीफ़ मिनिस्टर कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहे। बता दें, करतारपुर कॉरिडोर बनाने का ऐलान पहले पाकिस्तान ने किया था। इसके बाद ही भारत सरकार ने भी करतारपुर कॉरिडोर बनाने का ऐलान कर दिया।

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पाकिस्तान बॉर्डर से सटे मान गांव में डेरा बाबा नानक (पिंड) और करतारपुर साहिब रोड कॉरिडोर को इसके तहत किया जाएगा। वहीं, इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हरसिमरत कौर बादल भी वहां प्रस्तुत रहेंगी। 28 नवंबर को अपने इलाके में पाकिस्तान भी करतारपुर साहिब के लिए कॉरिडोर की नींव रखने वाला है।

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इसके लिए पाक सरकार ने भारत के दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया था लेकिन भारत से कोई नहीं जा रहा है। हालांकि, पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू यहां जाना चाहते हैं। आपको बता दें। करतारपुर कॉरिडोर के लिए पाकिस्तान ने 5 किलोमीटर तक इलाके को सील कर दिया है।

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करतारपुर कॉरिडोर पहली ऐसी कॉरिडोर होगी, जोकि आजादी के बाद बिना किसी रोक-टोक और लड़ाई-झगड़े के बन रही है और लोग इसे बिना किसी बाधा के पार कर सकेंगे।

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करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण से भारत और पाकिस्तान के बीच अमन की एक नई आशा देखी जा रही है। इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि किसी ने नहीं सोचा था कि ये पुल दोनों देशों के बीच रिश्ता सुधारने का काम करेगा। यह एक रिश्तों का पुल है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नहीं जाएंगी PAK

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पंजाब सरकार में मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कॉरिडोर के नींव रखने के कार्यक्रम का न्योता भेजा है। ऐसे में सुषमा ने तो न्योते को स्वीकारने से ही इनकार कर दिया है, जबकि सिद्धू साहब इस कार्यक्रम में शिरकत करना चाहते हैं। वहीं, भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी शामिल होंगे।

इसलिए जरूरी है कतारपुर साहिब

करतारपुर में सिखों के प्रथम गुरु नानकदेव ने अपने जीवन के अंतिम कुछ साल व्यतीत किए थे। करतारपुर साहिब नाम का एक गुरुद्वारा यहां पर है। भारत-पाकिस्तान सीमा से ये गुरुद्वारा महज चार किलोमीटर दूर है। यही कारण है की कॉरिडोर का नाम भी इसी पर पड़ा है।

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