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Radha Soami Satsang Beas: क्यों है डेरा ब्यास इतना ताकतवर, जहाँ पीएम नरेंद्र मोदी के जानें की हो रही है चर्चा

Radha Soami Satsang Beas: अमृतसर स्थित डेरा ब्यास का पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में खासा महत्व है। इसीलिए हिमाचल चुनाव से पहले पीएम मोदी के डेरा प्रमुख से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

aman
Written By aman
Updated on: 3 Nov 2022 8:32 AM GMT
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेरा ब्यास मुखी बाबा गुरिंदर सिंह (Social Media)

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Radha Soami Satsang Beas: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव (Himachal Election 2022) से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पंजाब जा रहे हैं। पीएम मोदी 5 नवंबर को अमृतसर में डेरा ब्यास मुखी बाबा गुरिंदर सिंह (Dera Beas Mukhi Baba Gurinder Singh) से मुलाकात करेंगे। इन दोनों की मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब आने वाले दिनों में बीजेपी शासित दो राज्यों हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव होने हैं। इनकी मुलाकात के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

गौरतलब है कि, अमृतसर के ब्यास स्थित राधा स्वामी डेरे का पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में खासा महत्व है। इस डेरे से जुड़े समर्थक देश ही नहीं विदेशों में भी फैले हैं। हालांकि, इस डेरे ने राजनीति से दूरी बनाए रखी है, मगर बड़े पैमाने पर इनके समर्थक हैं, जो राजनीतिक दलों से संबंध रखते हैं। इसका लाभ पॉलिटिकल पार्टियों को भी मिलता है। याद करें तो इसी साल पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव से पहले कई राजनेताओं ने डेरा का दौरा किया था और डेरा ब्यास प्रमुख से आशीर्वाद लिया था।

जानें क्यों ताकतवर माना जाता है डेरा ब्यास?

भले ही डेरा ब्यास का किसी राजनीतिक दल से खुले तौर पर कोई संबंध नहीं है। मगर, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में इसके व्यापक प्रभाव को नकारा भी नहीं जा सकता। समय-समय पर कई राजनीतिक हस्तियां यहां पहुंचते रहे हैं। राजनीतिक मामलों के जानकार भी मानते हैं कि इसका फायदा उन पॉलिटिकल पार्टीज को मिलता रहा है। यही वजह है कि किसी भी दल के नुमाइंदे क्यों न हो, चुनावों से पहले मत्था टेकने डेरा ब्यास जरूर पहुंचते हैं। राजनीतिक हस्तियों के यहां पहुंचने के बाद उनके राजनीतिक मायने भी तलाशे जाते हैं। जैसा अभी पीएम मोदी के दौरे को लेकर कयासबाजी जारी है। आपको बता दें, ये पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से मुलाकात करने जाएंगे। इससे पहले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भी दोनों की मुलाकात हो चुकी है।

डेरा ब्यास की स्थापना कब हुई थी?

राधा स्वामी डेरे की स्थापना सन 1891 में हुई थी। बाबा जैमल जी ने डेरे की स्थापना की थी। राधा स्वामी सत्संग डेरा ब्यास एक आध्यात्मिक केंद्र है। बीते 130 सालों में इसके अनुयायियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ। आध्यात्मिक केंद्र के विस्तार के साथ अनुयायी भी जुड़ते गए। 130 साल पुराने इस डेरे की ख्याति इतनी बढ़ी कि आज ये 90 देशों में विस्तार पा चुका है। इन देशों में इसके आध्यात्मिक केंद्र हैं। पंजाब के अमृतसर में भी डेरा ब्यास का आध्यात्मिक केंद्र है। अमृतसर में यह शहर से 43 किलोमीटर दूर ब्यास नदी के किनारे बना है।

कौन हैं डेरा प्रमुख?

वर्तमान में बाबा गुरिंदर सिंह (Baba Gurinder Singh) राधा स्वामी ब्यास (Radha Swami Beas) के प्रमुख हैं। वो डेरा के 5वें प्रमुख हैं। बाबा गुरिंदर सिंह 32 सालों से डेरा ब्यास प्रमुख हैं। इनसे पहले बाबा जैमल सिंह (1891-1903), महाराज सावन सिंह (1903-1948), महाराज जगत सिंह (1948-1951) और महाराज चरण सिंह (1951-1990) डेरा प्रमुख रहे। बाबा गुरिंदर सिंह का जन्म पंजाब के मोगा में वर्ष 1954 में हुआ था। उनका परिवार खेती-किसानी करता था। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने हिमाचल प्रदेश में की थी। बाद की शिक्षा के लिए वो पंजाब आ गए। फिर, पंजाब यूनिवर्सिटी से वाणिज्य में स्नातक किया। बाबा गुरिंदर सिंह के दो बेटे हैं। एक, गुरप्रीत सिंह ढिल्लों और दूसरा गुरुकीरत सिंह ढिल्लों। बता दें, गुरुप्रीत सिंह रेलिगेयर हेल्थ ट्रस्ट के सीईओ हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा को इसीलिए अहम माना जा रहा है। पीएम के आगमन से पहले सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं, डेरा ब्यास के अधिकारियों तथा जिला पुलिस को भी सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए जा चुके हैं। खबर है कि, प्रधानमंत्री मोदी डेरा ब्यास के मुखी से मुलाकात के बाद दरबार साहिब में भी मत्था टेकेंगे।

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