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Drugs Case: केस दर्ज होने के बाद मजीठिया अंडरग्राउंड, पंजाब पुलिस की सुरक्षा छोड़ी, तलाश में एसआईटी की ताबड़तोड़ छापेमारी

Drugs Case: मजीठिया की तलाश में एसआईटी लगातार रेड डालने में जुटी हुई है मगर अभी तक मजीठिया का कोई पता नहीं लग सका है।

Anshuman Tiwari

Written By Anshuman TiwariPublished By Monika

Published on 22 Dec 2021 5:58 AM GMT

Bikramjit Singh Majithia
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अकाली दल के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया (फोटो : सोशल मीडिया ) 

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Drugs case: पंजाब की सियासत में गर्मी लाने वाले ड्रग्स केस (Drugs Case) में अभी तक अकाली दल के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया (Bikramjit Singh Majithia) की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जानकारों के मुताबिक मजीठिया को पहले ही इस बात की भनक लग चुकी थी कि पंजाब पुलिस (Punjab Police) उनके खिलाफ ड्रग्स मामले में केस दर्ज करने वाली है। इसलिए वे पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को चकमा देने में कामयाब रहे।

मजीठिया की तलाश में एसआईटी लगातार रेड (SIT raid) डालने में जुटी हुई है मगर अभी तक मजीठिया का कोई पता नहीं लग सका है। पंजाब पुलिस की सुरक्षा छोड़कर मजीठिया अंडरग्राउंड (Bikramjit Singh Majithia Underground) हो गए हैं। दूसरी ओर मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज करने के मामले को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है और अकाली दल ने राज्य सरकार पर हमलावर रुख अपना लिया है।

मोबाइल लोकेशन के जरिए दिया चकमा

जिन पांच राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव (Vidhan sabha Election ) होने हैं उनमें पंजाब भी शामिल है और इस कारण राज्य में सियासी गतिविधियां काफी तेज हो चुकी हैं। ऐसे में मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज करने का मामला सियासी रूप अख्तियार करता जा रहा है। पंजाब पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए मजीठिया भूमिगत हो चुके हैं और एसआईटी अभी तक उनका पता नहीं लगा सकी है। मजीठिया अपने मोबाइल की लोकेशन के जरिए पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। उनके मोबाइल को ट्रैक करने के बाद जब पंजाब पुलिस की एसआईटी रेड डालने पहुंची तो उसके हाथ सिर्फ मजीठिया का मोबाइल ही लगा जबकि मजीठिया खुद मौके से निकल चुके थे।

मजीठिया की गिरफ्तारी पंजाब सरकार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है क्योंकि सरकार मजीठिया को गिरफ्तार करके ड्रग्स मामले (Drugs case) में अपनी छवि सुधारना चाहती है। यही कारण है कि मजीठिया की तलाश में ताबड़तोड़ छापे डाले जा रहे हैं मगर अभी तक पंजाब पुलिस के हाथ मजीठिया नहीं लग सके हैं।

पुलिस के हाथ लगा सिर्फ मोबाइल

पंजाब पुलिस (punjab police) ने केस दर्ज करने के बाद ही मजीठिया को गिरफ्तार करने की योजना बनाई थी मगर पुलिस की सारी योजना धरी की धरी रह गई। मजीठिया के खिलाफ आधी रात को केस दर्ज किया गया और तत्काल उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रैक करके चंडीगढ़ स्थित सरकारी फ्लैट पर रेड डाली गई मगर वहां पर पुलिस को मजीठिया नहीं मिले। पुलिस के यहां सिर्फ उनका मोबाइल ही लगा और इसके बाद मजीठिया की तलाश में राज्य में अन्य स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है मगर अभी तक पंजाब पुलिस उनकी गिरफ्तारी में कामयाब नहीं हो सकी है।

छवि सुधारने की सरकार की कोशिश

पंजाब पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए मजीठिया ने चालाकी दिखाते हुए पुलिस की ओर से मिली सुरक्षा छोड़ दी है और वे भूमिगत हो गए हैं। मजीठिया के साथ ही अकाली दल के अन्य नेता भी ड्रग्स केस में सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई पर नजर बनाए हुए थे और उन्हें इस बात की भनक पहले ही मिल गई थी कि सरकार केस दर्ज करने की तैयारी में जुटी हुई है।

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इस बाबत प्रदेश की चन्नी सरकार पर दबाव बना रखा था। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से ड्रग्स मामले में बड़ी कार्रवाई का चुनावी वादा किया गया था। इसलिए चुनाव मैदान में उतरने से पहले प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस बाबत कार्रवाई करके अपनी छवि सुधारने की कोशिश में जुटी हुई है।

कानूनी विकल्पों पर विचार

दूसरी और अकाली दल ने इस कार्रवाई को सरकार का बदला लेने वाला कदम बताया है। अकाली दल का आरोप है कि सरकार ने सियासी फायदा उठाने के लिए यह कार्रवाई की है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अकाली दल ने बसपा से गठबंधन कर रखा है और पार्टी को आशंका है कि इस मामले से सियासी नुकसान हो सकता है। इसलिए मजीठिया के बचाव के लिए कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक अकाली दल की ओर से इस मामले में अग्रिम जमानत हासिल करने की कोशिश की जाएगी नहीं तो मजीठिया के चुनाव से दूर रहने पर पार्टी को सियासी नुकसान होगा।

Monika

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