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Punjab Politics: पंजाब में सियासी बदलाव के संकेत, सिद्धू गुट ने कैप्टन को कुर्सी से नीचे उतारने की बनाई रणनीति

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खेमे ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से नीचे उतारने की कवायद तेज कर दी है। कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के घर पर तीन कैबिनेट मंत्री सहित करीब 20 विधायक और कुछ पूर्व विधायकों ने बैठक कर मुख्यमंत्री को बदलने की रणनीति तैयार की।

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NetworkNewstrack NetworkShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 24 Aug 2021 12:55 PM GMT

Chief Minister Captain Amarinder Singh and Navjot Singh Sidhu
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कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की फाइल तस्वीर (फोटो साभार सोशल मीडिया)

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Punjab Congress Dispute: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह के बीच सियासी तनातनी ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है। पंजाब में कांग्रेस का अंदरूनी काफी दिनों से जारी है । नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनाए जाने के बाद माना जा रहा था कि सभी विवाद शांत हो जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

बता दें कि मंगलवार को कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों और अन्य सीनियर नेताओं सहित करीब दो दर्जन लोगों की बैठक ने पार्टी की अंदरूनी लड़ाई और तेज होने के संकेत दे दिए।

कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से नीचे उतारने की रणनीति

पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक 6 महीने पहले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खेमे ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से नीचे उतारने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार को कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के घर पर तीन कैबिनेट मंत्री सहित करीब 20 विधायक और कुछ पूर्व विधायकों ने बैठक कर मुख्यमंत्री को बदलने की रणनीति तैयार की।

कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा: फोटो- सोशल मीडिया

मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चरणजीत चन्नी ने कहा कि अब मुख्यमंत्री सभी चुनावी वादों को पूरा करेंगे, हमें इस बात का भरोसा नहीं रहा है। उनके नेतृत्व में पंजाब की जनता की समस्याएं हल नहीं होने वाली हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को बदलने की मांग को लेकर पांच सदस्यों का एक शिष्टमंडल कांग्रेस हाईकमान यानि कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेगा। जिसमें तृप्तं राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखविंदर सिंह सरकारिया, परगट सिंह शामिल होंगे।

कैबिनेट मंत्री चरणजीत चन्नी: फोटो- सोशल मीडिया

आगामी 26 अगस्त को कैबिनेट मीटिंग

बैठक के बाद विधायक परगट सिंह ने भी दावा किया कि कांग्रेस के विधायक कैप्टन की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। उधर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि हमने जनता के लिए कार्य किए हैं इसलिए उन्हें मंत्री पद खोने का कोई डर नहीं है। बताया जा रहा है कि आगामी 26 अगस्त को कैबिनेट मीटिंग भी होनी वाली है जिसमें आगामी विधानसभा सत्र को बुलाने का निर्णय भी लिया जाना और कैबिनेट में संभावित फेरबदल भी किया जाना है। जानकारों की माने तो कुछ मंत्रियों को पद खोने का डर है, इसलिए वह इस तरह से बैठक बुलाकर कांग्रेस हाईकमान के जरिए कैप्टन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस में दो फाड़

यह बैठक इस बात का भी संकेत है कि आगामी विधानसभा चुनाव तक अंदरखाने कांग्रेस दो धड़ों में ही बंटी रहेगी। सिद्धू और कैप्टन में खींचतान खत्म नहीं होने वाली है, क्योंकि सिद्धू अब अपने सलाहकार मालविंदर माली की विवादित पोस्ट के बावजूद उनके ही पक्ष में उतर आए हैं। माली को लेकर सिद्धू का बयान आया है कि माली की कश्मीर को लेकर अपनी निजी राय है, इससे कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है। हालांकि इस बैठक में सिद्धू उपस्थित नहीं थे, लेकिन यह किसी से छिपा नहीं है कि उनका खेमा लंबे समय से कैप्टन के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है।

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