×

Punjab News: मुख्यमंत्री ने 3 मिनट में बनाया अफसर, पिता हैं करोड़पति

पंजाब सरकार की कैबिनेट में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दो विधायकों के बेटों को अनुकंपा के आधार पर नौकरियां दी हैं, पता चला है कि वे दोनों ही करोड़पति हैं।

Network

NetworkNewstrack NetworkShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 21 Jun 2021 8:13 AM GMT

Punjab News: मुख्यमंत्री ने 3 मिनट में बनाया अफसर, पिता हैं करोड़पति
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

Punjab News: पंजाब सरकार की कैबिनेट में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दो विधायकों के बेटों को अनुकंपा के आधार पर नौकरियां दी हैं, पता चला है कि वे दोनों ही करोड़पति (Millionaire) हैं। विधायक फतेहजंग बाजवा 2007 और 2017 में विधायक बने थे। जबकि उनकी पत्नी चरणजीत कौर 2012 में विधायक रही हैं। विधायक राकेश पांडेय 6 बार विधायक बन चुके हैं।

2017 के चुनाव में दिए गए संपत्ति के विवरण में विधायक फतेहजंग बाजवा और उनकी पत्नी की चल-अचल संपति 29.53 करोड़ रुपये थी। 2015-2016 के आयकर रिटर्न के मुताबिक बाजवा के पास 78.2 लाख रुपये की इनोवा और लैंड क्रूजर (Landcruiser), पत्नी चरणजीत कौर के पास 35.71 लाख रुपये की BMW थी।

पंजाब कैबिनेट में मात्र तीन मिनट में लिया गया फैसला

अगर हम विधायक राकेश पांडेय की बात करें तो 2017 चुनाव में दिए गए संपत्ति के विवरण में उनके पास 2.25 करोड़ की चल अचल संपति थी। कांग्रेस विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा के बेटे अर्जुन प्रताप सिंह बाजवा (Arjun Pratap Singh Bajwa) को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर (Punjab Police) नियुक्त किया गया है और विधायक राकेश पांडेय के बेटे भीष्म पांडेय (Bhishm Pandey) को नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) बनाया गया है। यह फैसला पंजाब कैबिनेट में मात्र तीन मिनट में लिया गया था।


दो विधायकों के बेटों को अनुकंपा के आधार पर नौकरियां: फोटो- सोशल मीडिया

गौरतलब है कि अर्जुन बाजवा पूर्व मंत्री सतनाम सिंह बाजवा के पोते हैं, जिनकी आतंकियों ने 1987 में हत्या कर दी थी। वहीं, भीष्म पांडेय के दादा जोगिंदर पाल पांडेय की भी आतंकियों ने 1987 में हत्या की थी।

फैशन मैगजीन के कवर मॉडल भी बन चुके हैं अर्जुन बाजवा

इंस्पेक्टर का पद हासिल करने वाले अर्जुन बाजवा मॉडलिंग के शौकीन हैं। वह कई फैशन मैगजीन के कवर मॉडल भी बन चुके हैं। उन्होंने फिल्म 'सिंह इज ब्लिंग' में प्रभुदेवा के सहायक निर्देशक के रूप में काम किया है। वो ऑस्कर नॉमिनेटेड निर्देशक गिरीश मलिक द्वारा निर्देशित 'बैंड ऑफ महाराजा' से बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं। फिल्म 2020 में रिलीज होनी थी लेकिन इसकी डेट बढ़ गई। विधायक फतेहजंग बाजवा का कहना है कि उनके बेटे को कैबिनेट की स्वीकृति से नौकरी मिली है। इस आधार पर कई और लोगों को भी नौकरियां दी गई हैं।

नायब तहसीलदार बनाए गए भीष्म पांडेय ग्रेजुएट हैं

आपको बता दें कि नायब तहसीलदार बनाए गए भीष्म पांडेय ग्रेजुएट हैं। पिता के साथ ही सामाजिक कार्यों में लगे रहते हैं। विधायक राकेश पांडेय की ओर से 2012 में नामांकन पत्र दाखिल किया गया था, तब उनके पास कैश, बैंक डिपॉजिट और अन्य मिलाकर 1.40 करोड़ की चल प्रॉपर्टी थी। वहीं 2017 में संपत्ति 3.26 करोड़ हो गई है। विधायक पांडेय का कहना है कि करुणामूलक आधार पर उनके बेटे को ही नहीं बल्कि कई परिवारों को नौकरियां दी गई हैं। आज जो विरोध कर रहे हैं वे आतंक के दौर में भाग खड़े हुए थे।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

Next Story