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Punjab Politics: कैप्टन ने रावत और सुरजेवाला के खिलाफ खोला मोर्चा, सिद्धू की कॉमेडी के रंग में रंग गई है पूरी कांग्रेस

Punjab Politics: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेसी नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे पंजाब कांग्रेस में कलह को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे और अब मेरे खिलाफ दुष्प्रचार करने में जुट गए हैं।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShreyaPublished By Shreya

Published on 3 Oct 2021 4:39 AM GMT

Punjab Politics: कैप्टन ने रावत और सुरजेवाला के खिलाफ खोला मोर्चा, सिद्धू की कॉमेडी के रंग में रंग गई है पूरी कांग्रेस
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(कॉन्सेप्ट फोटो साभार- सोशल मीडिया) 

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Punjab Politics: पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने कांग्रेस (Congress) के खिलाफ हमलावर मुद्रा अख्तियार कर ली है। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे पंजाब कांग्रेस में कलह (Punjab Congress Crisis) को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे और अब मेरे खिलाफ दुष्प्रचार करने में जुट गए हैं। कैप्टन ने कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत (Harish Rawat) और पार्टी के नेता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) के बयानों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि पहले रावत की ओर से बयान दिया गया कि पार्टी के 43 विधायकों ने मुझे हटाने के संबंध में पार्टी हाईकमान (Congress High Command) को पत्र सौंपा था। अब सुरजेवाला का कहना है कि 79 में से 78 विधायक मेरे खिलाफ थे। कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का यह बयान मजाक नहीं तो और क्या है। सच्चाई तो यह है कि पूरी पार्टी नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की कॉमेडी के रंग में रंगी दिखाई दे रही है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो साभार- सोशल मीडिया)

विधायकों से जबरन कराया साइन

कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का हाल यह हो गया है कि वे कुछ भी बयान दे सकते हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस नेताओं की ओर से यह भी बयान दिया जा सकता है कि पंजाब के सभी 177 विधायकों की ओर से मुझे हटाने के संबंध में ज्ञापन दिया गया था।

कैप्टन ने कांग्रेस नेतृत्व पर विधायकों से जबरन लेटर पर साइन कराने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि 43 कांग्रेस विधायकों से जबरन साइन कराया गया ताकि मुझे पद से हटाया जा सके। पार्टी में बढ़ती कलह की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि अब अपनी नाकामी छुपाने के लिए कांग्रेस नेताओं की ओर से झूठ बोला जा रहा है।

नवजोत सिंह सिद्धू- अमरिंदर सिंह (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

सिद्धू को क्यों दिया जा रहा है इतना भाव

कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस बात को स्वीकार करना चाहिए कि पार्टी आलाकमान की ओर से पंजाब के मुद्दे को ठीक तरीके से नहीं सुलझाया गया। उन्होंने कहा कि पूरे विवाद की जड़ नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) हैं। पता नहीं क्यों पार्टी हाईकमान की ओर से सिद्धू को इतना भाव दिया जा रहा है। पंजाब कांग्रेस में संकट पैदा करने की पूरी साजिश सिद्धू और उनकी सहयोगियों की ओर से ही रची गई थी। अब पार्टी नेताओं की ओर से इस बात को स्वीकार न करके मुझ पर अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। मैं इस तरह का अपमान नहीं सह सकता। हर आरोप का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हूं।

कैप्टन ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि पूरी कांग्रेस पार्टी अव्यवस्था का शिकार हो चुकी है। नेताओं के बीच कोई आपसी सामंजस्य नहीं रह गया है। पार्टी में संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का पूरी तरह मोहभंग होता जा रहा है।

अमरिंदर सिंह (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

मेरी अगुवाई में पार्टी लगातार मजबूत हुई

कैप्टन ने अपने कार्यकाल में कांग्रेस की मजबूती की याद दिलाते हुए कहा कि 2017 के चुनाव में पार्टी 77 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही। इसके बाद हुए उपचुनाव में भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया और 4 में से 3 सीटों पर जीत हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव के समय पूरे देश में भाजपा की लहर चल रही थी । मगर पंजाब में कांग्रेस भाजपा की लहर को रोकने में पूरी तरह कामयाब रही। यहां पर कांग्रेस ने 13 में से 8 सीटों पर जीत हासिल की। इस साल फरवरी में 7 नगर निगमों में हुए चुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा।

रणदीप सुरजेवाला (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

सुरजेवाला के दावों में दम नहीं

इससे साफ है कि मेरी अगुवाई में पार्टी लगातार मजबूत बनी रही। इससे यह भी साफ होता है कि सुरजेवाला के इन दावों में कोई दम नहीं है कि पंजाब के लोगों का मुझ में भरोसा नहीं रह गया था। सच्चाई तो यह है कि पार्टी में संकट नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी टीम के आने के बाद शुरू हुआ।

सिद्धू के इशारे पर ही पार्टी के कुछ विधायकों ने माहौल खराब करना शुरू किया। इसी कारण पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सिद्धू और उनके समर्थकों ने चुनावी वादे पूरे न करने का झूठा आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। दरअसल, ये लोग किसी भी तरह पंजाब की सत्ता पर काबिज होने की साजिश रच रहे थे। इसी कारण पार्टी पंजाब में गहरे संकट में फंस चुकी है।

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