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Punjab Politics: पंजाब में कैप्टन और सिद्धू खेमे में जंग और तेज, मोदी-शाह के साथ CM का नाम जोड़ने पर बवाल

Punjab Politics: सिद्धू के सलाहकार मलविंदर सिंह माली ने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ कैप्टन का नाम जोड़ा है। माली के इस आरोप के बाद पंजाब की सियासत में नया तूफान खड़ा हो गया है।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShreyaPublished By Shreya

Published on 16 Aug 2021 9:32 AM GMT

Captain Amarinder Singh Navjot Singh Sidhu
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कैप्टन अमरिंदर सिंह-नवजोत सिंह सिद्धू (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

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Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के खेमों के बीच लड़ाई और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से मुलाकात के बाद सिद्धू खेमे की ओर से कैप्टन पर बड़ा हमला बोला गया है।

सिद्धू के सलाहकार मलविंदर सिंह माली (Malwinder Singh Mali) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ कैप्टन का नाम जोड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी, शाह और कैप्टन की तिकड़ी पंजाब में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की साजिश रच रही है।

माली के इस आरोप के बाद पंजाब की सियासत में नया तूफान खड़ा हो गया है। माली कैप्टन अमरिंदर सिंह के तीखे आलोचक रहे हैं और हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें अपना सलाहकार नियुक्त किया है। ऐसे में माली के आरोपों के पीछे सिद्धू की भी रजामंदी बताई जा रही है।

मलविंदर सिंह माली (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

सिद्धू के सलाहकार ने कैप्टन को घेरा

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सिद्धू ने हाल ही में अपने चार सलाहकारों की नियुक्ति की है। कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सिद्धू ने मुख्यमंत्री के तीखे आलोचक माली को भी अपना सलाहकार मनाया है। माली ने फेसबुक पर पंजाबी में लिखे एक पोस्ट में कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने पंजाब के लोगों को सावधान करते हुए कहा कि कैप्टन, अमित शाह और पीएम मोदी की तिकड़ी पंजाब में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश में जुटी हुई है।

उन्होंने कहा कि यह पंजाबियों और किसानों के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कैप्टन पर केंद्र सरकार से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि कैप्टन ने अपना एजेंडा पूरी तरह केंद्र सरकार को सौंप दिया है।

माली ने एक दूसरे पोस्ट में भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने कैप्टन की आलोचना करने के साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी की तारीफ भी की है। माली के मुताबिक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फासीवादी मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष छेड़ रखा है जबकि दूसरी और पंजाब का कप्तान मोदी, शाह और डोभाल के साथ है।

नवजोत सिंह सिद्धू (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

आरोपों के पीछे सिद्धू का हाथ

सिद्धू के करीबी माने जाने वाले माली के आरोपों को सियासी नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके आरोपों के पीछे भी सिद्धू का ही हाथ है। माली का कहना है कि कैप्टन की ओर से किया गया यह दावा कि उन्होंने 93 फीसदी चुनावी वादे पूरे कर दिए हैं, सही नहीं है।

इस बाबत सवाल पूछे जाने पर माली ने सफाई भी पेश की। उनका कहना है कि सिद्धू की ओर से की गई उनकी नियुक्ति से पहले उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट लिखे थे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे उनके पोस्ट काफी पुराने हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मैं कांग्रेस का सदस्य नहीं हूं। इसलिए मुझसे किसी भी प्रकार के सवाल नहीं किए जाने चाहिए।

सिद्धू खेमे के आरोपों से कैप्टन समर्थक नाराज

सिद्धू के सलाहकार की ओर से हमला किए जाने के बाद कैप्टन खेमे के नेताओं ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने माली की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। कैप्टन समर्थकों का कहना है कि सिद्धू खेमे की ओर से कैप्टन सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी की जा रही हैं। यह सबकुछ जानबूझकर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपनी सरकार को लेकर खड़े किए जा रहे सवालों पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने पिछले दिनों कहा भी था कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और उनका खेमा मेरी सरकार के लिए दिक्कतें पैदा कर रहा है और पार्टी का नुकसान करने में जुटा हुआ है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फोटो साभार- ट्विटर)

कैप्टन ने सोनिया से की थी शिकायत

उन्होंने इस बाबत दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करके शिकायत भी दर्ज कराई थी। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान की ओर से दोनों नेताओं को मिलकर पार्टी को मजबूत बनाने की हिदायत दी गई है। जानकारों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व की ओर से जल्दी ही पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत को पंजाब भी भेजा जा सकता है।

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