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Captain Amarinder Singh की पाकिस्तानी दोस्त के प्रकरण में उछला सोनिया का नाम, पूर्व CM ने तस्वीर जारी करके उठाए सवाल

Captain Amarinder Singh ने पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के साथ भी आलम की तस्वीर जारी की है।

Anshuman Tiwari

Report Anshuman TiwariPublished By Ragini Sinha

Published on 24 Oct 2021 6:42 AM GMT

Punjab Political News
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कैप्टन की पाकिस्तानी दोस्त के प्रकरण में उछला सोनिया का नाम (social media)

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Captain Amarinder Singh: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ,(पंजाब Former CM Captain Amarinder Singh) की पाकिस्तानी मित्र और पत्रकार अरूसा आलम (pakistani journalist friend Aroosa Alam) को लेकर पैदा हुए विवाद में अब कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia gandhi) का नाम भी उछल गया है। कैप्टन की ओर से सोशल मीडिया (social media) पर कई तस्वीरें शेयर की गई हैं। इनमें एक तस्वीर में पाक पत्रकार अरूसा आलम सोनिया गांधी से हाथ मिलाते हुए दिख रही हैं। कैप्टन ने पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के साथ भी आलम की तस्वीर जारी की है। कैप्टन की ओर से उठाए गए इस कदम को कांग्रेस पर पलटवार बताया जा रहा है।

शुक्रवार को पंजाब के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा (Punjab Deputy Chief Minister and Home Minister Sukhjinder Singh Randhawa) ने अरूसा आलम (Aroosa alam) के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से लिंक की जांच कराने की घोषणा की थी। उन्होंने इस बाबत किए गए ट्वीट में यह जानकारी दी थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपना यह ट्वीट डिलीट भी कर दिया था। रंधावा की ओर से जांच की घोषणा के बाद से ही कैप्टन ने कांग्रेस नेताओं पर हमले का रुख अपना रखा है। शनिवार को उन्होंने सोनिया गांधी की तस्वीर जारी करके कांग्रेस पर बड़ा पलटवार किया है।

रंधावा के बयान पर गरमाई सियासत

रंधावा की ओर से कैप्टन (captain) की महिला मित्र के आईएसआई (ISI) से लिंक की जांच कराने की घोषणा के बाद से ही पंजाब (Punjab) की सियासत गरमाई हुई है। रंधावा ने कहा था कि वे पंजाब के डीजीपी (DGP) से इस बात की भी जांच कराएंगे कि कैप्टन को किस तरह पता चला कि पंजाब को आईएसआई (ISI) से खतरा है। उन्होंने कहा कि कैप्टन के कहने पर ही पंजाब में बीएसएफ (BSF) का अधिकार क्षेत्र सीमावर्ती इलाकों में बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से जारी इस आदेश का कैप्टन को छोड़कर पंजाब के सभी नेताओं ने विरोध किया था। दूसरी और कैप्टन का कहना था कि पड़ोसी देश से बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया जाना जरूरी था और केंद्र सरकार ने सही समय पर उचित फैसला लिया है।

कैप्टन ने जारी की सोनिया की तस्वीर

कैप्टन की ओर से उनके मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने पाकिस्तानी महिला पत्रकार अरूसा आलम (pakistani journalist friend Aroosa Alam) की तस्वीरें जारी की हैं। पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा (Former Punjab DGP Mohammad Mustafa) को टैग करते हुए लिखा गया है कि इन तस्वीरों में आपकी पत्नी और बेटी के साथ वही महिला है। आप कैसे पॉलिटिक्स को दोस्ती के साथ मिला रहे हैं। अरूसा आलम की आपके परिवार के साथ कुछ मीठी यादें। कैप्टन के मीडिया सलाहकार ने एक और पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अरूसा आलम की तस्वीरें जारी की हैं। इस तस्वीर के कैप्शन के साथ ही इसे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Punjab Chief Minister Charanjit Singh Channi), डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुखजिंदर सिंह रंधावा (Deputy Chief Minister Sukhjinder Singh Randhawa) और कांग्रेस पार्टी (Congress) को टैग किया गया है। कैप्शन में लिखा गया है कि बस ऐसे ही।

कांग्रेस को कैप्टन का तीखा जवाब

सियासी जानकारों का मानना है कि इन तस्वीरों के साथ कैप्टन ने रंधावा को जवाब देने की कोशिश की है। कैप्टन ने कल भी कांग्रेस से सवाल पूछा था कि अरूसा आलम पिछले 16 साल से भारत आती रही हैं और इसके लिए उन्हें भारत सरकार की ओर से मंजूरी मिलती रही है। उनका कहना था कि यूपीए सरकार की ओर से भी अरूसा को भारत दौरे की मंजूरी दी गई थी। आखिर यह मंजूरी कैसे दे दी गई। वैसे, रंधावा की ओर से अरूसा आलम का प्रकरण उछाले जाने के बाद अकाली दल ने भी हमलावर रुख अपना रखा है। अकाली दल का कहना है कि जब पार्टी की ओर से अरूसा आलम को लेकर सवाल पूछे जाते थे तो रंधावा कैप्टन का बचाव करने के लिए उतर जाते थे। अब वे किस मुंह से अरूसा आलम के आईएसआई से लिंक की जांच कराने की बात कह रहे हैं।

पंजाब में वार-पलटवार की सियासत

दरअसल, पंजाब (Punjab) की सियासत में इन दिनों कांग्रेस और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच जबर्दस्त मोर्चा खुल चुका है। कैप्टन की ओर से नए राजनीतिक दल बनाने और भाजपा से चुनावी गठजोड़ करने के एलान के बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ हमलावर रुख अपना लिया है। सियासी पंडितों का मानना है कि कैप्टन के इस कदम से सबसे ज्यादा सियासी नुकसान कांग्रेस का ही होगा। यदि कैप्टन ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाए तो भी वे तमाम सीटों पर कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभी तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ही कैप्टन पर ज्यादा हमले करते रहे हैं मगर अब कांग्रेस के अन्य नेता भी खुलकर कैप्टन पर वार करने में जुट गए हैं।

Ragini Sinha

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