Top

पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा अब, बंद हुए 7 हजार पेट्रोल पंप, जानिए वजह

आज राज्य के करीब 7 हजार पेट्रोल पंप बंद रहेंगे, जिसकी वजह से 3 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री कम होगी।

Suman

SumanPublished By Suman

Published on 10 April 2021 1:42 AM GMT

7 हजार पेट्रोल पंप बंद रहेंगे,
X

सोशल मीडिया से फोटो

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

जयपुर : राजस्थान में शनिवार सुबह से सभी पेट्रोल पंप 12 घंटे के लिए बंद रहेंगे। वैट कम करने की मांग को लेकर प्रदेश के लगभग 7 हजार पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल की खरीद और बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी। यह बंदी आज सुबह 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक रहेगी।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले यह एक दिन की हड़ताल होगी। जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल और ऑयल की नो परचेज, नो सेल रहेगी। इससे राजस्थान में इसकी बिक्री में 34 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है और डीलर्स के साथ-साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा।

महंगाई ने कमर तोड़ दी

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि इस समय देश में पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा वैट राजस्थान में है। राजस्थान में राज्य सरकार की ओर से वेट दरों में वृदिृध के कारण प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में करीब 5 से 10 रुपए तक महंगा है। महंगाई से जनता की भी कमर टूट रही है। बगई ने कहा कि राज्य में पेट्रोल डीजल पर वैट कम करने और प्रदेश स्तर पर एक समान मूल्य रखे जाने की मांग को लेकर यह एक दिवसीय हड़ताल की जा रही है। मांगें नहीं मानने पर 25 अप्रेल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी उन्होंने दी है।पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में डीजल पर वैट करीब 18 प्रतिशत है, जबकि राजस्थान में यह 28 प्रतिशत है। वहीं पेट्रोल पर प्रदेश में वैट 38 प्रतिशत है, जबकि पंजाब में 32, हरियाणा में 31, दिल्ली में 30, उत्तर प्रदेश में 27, गुजरात में 24 और मध्य प्रदेश में 40 प्रतिशत है।



इनको दी जाएगी पेट्रोल डीजल

आज राज्य के करीब 7 हजार पेट्रोल पंप बंद रहेंगे, जिसकी वजह से 3 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री कम होगी। इससे प्रदेश में करीब 150 करोड़ रुपये की बिक्री प्रभावित होगी। वहीं राज्य सरकार को 34 करोड़ के वैट का नुकसान होगा।वैट कम कराने की मांग को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों की यह एक दिन की सांकेतिक हड़ताल है। मांगें नहीं मानी गईं तो 25 अप्रैल से प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। हड़ताल के दौरान आपातकालीन वाहनों अग्निशमन, एंबुलेंस और अन्य वाहनों को आपूर्ति की जाएगी।




26 प्रतिशत से बढ़ाकर 38 प्रतिशत

बता दें कि जब से राज्य में गहलोत सरकार बनी है तब से लेकर करीब दो साल की अवधि में अब तक राज्य सरकार ने पेट्रोल पर वैट 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 38 प्रतिशत और डीजल पर 18 से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया है। इस प्रकार डीजल पर कुल 10 और पेट्रोल पर कुल 12 प्रतिशत की वृद्धि की गई। इसमें भी पेट्रोल पर 8 एवं डीजल पर 6 प्रतिशत की वैट वृद्धि केवल कोराना काल में की गई हालांकि राज्य सरकार ने 28 जनवरी को जनता को कुछ राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर 2 प्रतिशत वैट कम किया है।

Suman

Suman

Next Story