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Rajasthan Politics: गहलोत और पायलट एक बार फिर उलझे, सीएम के तंज पर सचिन का पलटवार

Rajasthan Politics: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान के बाद सचिन पायलट ने भी मंगलवार को जालौर की घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री पर पलटवार किया।

Anshuman Tiwari
Written By Anshuman Tiwari
Updated on: 17 Aug 2022 4:33 AM GMT
Sachin Pilot - Ashok Gehlot
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सचिन पायलट-अशोक गहलोत (photo: social media )

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Rajasthan Politics: राजस्थान में कांग्रेस के दो बड़े चेहरों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच खींचतान का दौर जारी है। दोनों नेता नाम लिए बगैर एक-दूसरे पर तंज कसने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पायलट का नाम लिए बिना उन पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कार्यकर्ताओं के मान सम्मान की बात कहकर उन्हें भड़काने की कोशिश में जुटे हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि कार्यकर्ताओं के मान सम्मान की बात करने वालों ने क्या खुद कभी यह काम किया है? उनका इशारा साफ तौर पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर ही था।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सचिन पायलट ने भी मंगलवार को जालौर की घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री पर पलटवार किया। पायलट ने कहा कि यह कहना नाकाफी है कि अपराध तो हर प्रदेश में होते रहते हैं। कोई भी हादसा होने पर हमें उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। जालौर में शिक्षक की पिटाई से दलित छात्र की मौत के बाद राज्य का सियासी माहौल गरमाया हुआ है। अब इस घटना के बहाने सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए पलटवार किया है।

गहलोत ने किया पायलट पर हमला

राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं मगर कांग्रेस नेतृत्व चाह कर भी गहलोत और सचिन पायलट के बीच सुलह कराने में नाकाम साबित हुआ है। हाल के दिनों में गहलोत ने कई बार नाम लिए बिना सचिन पायलट पर हमला बोला है। सोमवार को भी कांग्रेस की एक बैठक के दौरान उन्होंने पायलट पर तंज कसते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान कुछ लोगों के लिए जुमला बन गया है। वे कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की बात कहकर उन्हें भड़काने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या आपने खुद कभी कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान किया है? क्या आपको इस बात की जानकारी है कि कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान क्या होता है? मेरे जैसे लोग तो कार्यकर्ता के तौर पर मान-सम्मान पाकर ही नेता बन गए। हालांकि अपने संबोधन के दौरान गहलोत ने पायलट का नाम नहीं लिया मगर उनका इशारा साफ तौर पर सचिन पायलट की ओर ही था क्योंकि सचिन पायलट हमेशा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की बात उठाते रहे हैं।

दलित छात्र की मौत को लेकर पलटवार

गहलोत के इस बयान के बाद सचिन पायलट भी मुख्यमंत्री पर पलटवार करने का मौका नहीं चूके। पायलट ने बुधवार को जालौर का दौरा किया। जालौर में शिक्षक की पिटाई से दलित छात्र की मौत के बाद सियासी माहौल काफी गरमाया हुआ है। इस घटना को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। सचिन पायलट ने दलित छात्र की मौत के मामले में मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि हम यह बयान देकर नहीं बच सकते कि क्राइम तो हर प्रदेश में होता रहता है। हमें घटना की जिम्मेदारी लेनी होगी। यहां पर यह उल्लेखनीय है कि जालौर की घटना के बाद सीएम गहलोत ने कहा था कि क्राइम तो हर प्रदेश में होता रहता है मगर राजस्थान की पुलिस किसी भी घटना पर तुरंत एक्शन लेती है।

घटना होने पर लेनी होगी जिम्मेदारी

पायलट ने कहा कि अगर किसी भी दलित, आदिवासी या असहाय व्यक्ति के साथ कोई घटना होती है तो हम यह कहकर नहीं बच सकते कि बाकी राज्यों में ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो राजस्थान में भी हो रही हैं। हम सिर्फ इंतजार करते रहे कि अगला हादसा कब होता कि हम एक्शन लें। हमें इस तरह की मानसिकता छोड़कर तुरंत कुछ कदम उठाने होंगे।

उन्होंने कहा कि दलितों पर अत्याचार के मामले में आप बच नहीं सकते। सरकार का इकबाल कायम रहना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। लोगों के जेहन में यह बात रहनी चाहिए कि अगर उन्होंने कोई गलत काम किया तो उसके लिए उन्हें दंड भुगतना होगा। अगर लोगों के मन में कानून का डर नहीं रहेगा तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगा पाना संभव नहीं होगा।

खराब कानून व्यवस्था का उठाया मुद्दा

जालौर की घटना को लेकर अपने बयान के दौरान पायलट ने मुख्यमंत्री गहलोत का नाम तो नहीं लिया मगर उनका इशारा साफ तौर पर मुख्यमंत्री की ओर ही था। अपने बयान के जरिए उन्होंने राजस्थान की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाकर मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। पायलट और गहलोत के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला नया नहीं है। दोनों एक-दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूकते।

सियासी जानकारों का मानना है कि दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि राजस्थान कांग्रेस के मतभेद दूर करने में शीर्ष नेतृत्व अभी तक पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच खींचतान और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Monika

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