अगर आप भी गोद लिए बच्चे के पैरेंट्स है तो आज से ही देना शुरु करें इन बातों पर ध्यान

अगर गोद लिए हुए बच्चे को इस बात का लगातार एहसास कराते हैं कि वह परिवार के अन्य सदस्यों से अलग दिखता है तो यह गलत बात है। बच्चा इसके प्रति संवेदनशील हो सकता है।

जयपुर:जो कपल मां-बाप नहीं बन पाते हैं वे बच्चों को गोद लेना पसंद करते हैं और उनकी परवरिश करते हैं। लेकिन जाने-अनजाने में कुछ ऐसा होता हैं जिसकी वजह से गोद लिए हुए बच्चों के मन को तकलीफ होती हैं और उन्हें दर्द महसूस होता हैं। अगर आप भी बच्चा गोद लिए है तो इन बातों का ध्यान रखें।

*अधिकांश माता-पिता इस बात को महान मानते हैं कि वो बच्चे को कभी नहीं बताते हैं कि उन्होंने उसे गोद लिया हुआ है। जबकि ये बच्चे के लिए गलत साबित हो सकता है। बल्कि जितना जल्दी हो सके बच्चे को उसकी वास्तविकता के बारे में बताएं। इस तरह गोद लिया हुआ बच्चा सच्चाई जानने तक अपने जीवन के बेहतर हिस्से के लिए इस छलावे में नहीं रहेगा। हर वक्त बच्चों के प्रति सहानुभूति न दिखाएं

*हर समय गोद लिए हुए बच्चे के प्रति सहानुभूति  ना दिखाएं। आपका काम स्वस्थ वातावरण बनाना और उसकी मानसिकता को मजबूत करना है। सहानुभूति देकर आप बस अपने दत्तक बच्चे को कमजोर बना रहे हैं। उन्हें एक सामाम्य जीवन जीने दें और अनावश्यक सहानुभूति से बचें।

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* कभी भी बच्चे के सामने यह न कहें कि अगर उनका खुद का बच्चा होता तो वह बहुत ही खूबसूरत होता। ऐसा कहने से बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा अगर गोद लिए हुए बच्चे को इस बात का लगातार एहसास कराते हैं कि वह परिवार के अन्य सदस्यों से अलग दिखता है तो यह गलत बात है। बच्चा इसके प्रति संवेदनशील हो सकता है।

*कभी भी गोद लिए हुए बच्चे को इस बात का एहसास न होने दें कि अगर आपने उसे गोद नहीं लिया होता तो उसका कोई नहीं होता। इससे बच्चे के दिल को चोट पहुंच सकती है। इसके अलावा हमेशा उसके सामने यह बात न कहें कि जबसे आपने बच्चे को गोद लिया है आपकी जिंदगी में सबकुछ सही हो गया है।