पेरेंटिंग: अपने बच्चे के लिए पढ़ें एनिमेशन से जुड़ी यह रिसर्च, तय करेगा उसका भविष्य

आजकल बच्चों का ध्यान आउटडोर गेम पर तो कम लगता है। मोबाइल पर ज्यादा। तो क्या बच्चों को मोबाइल से भी ध्यान भटकाने के लिए एनिमेशन के बारे में बताकर उसकी रुचि पैदा की जाए। कहने का मतलब कि एनिमेटेड किताबों के माध्यम से बच्चे ज्यादा आसानी से चीजों को समझ सकते हैं

Published by suman Published: January 6, 2020 | 8:54 am
Modified: January 6, 2020 | 12:00 pm

जयपुर:  आजकल बच्चों का ध्यान आउटडोर गेम पर तो कम लगता है। मोबाइल पर ज्यादा। तो क्या बच्चों को मोबाइल से भी ध्यान भटकाने के लिए एनिमेशन के बारे में बताकर उसकी रुचि पैदा की जाए। कहने का मतलब कि एनिमेटेड किताबों के माध्यम से बच्चे ज्यादा आसानी से चीजों को समझ सकते हैं। जिन बच्चों को कोई भी चीज समझने में मुश्किल होती है, अगर उन्हें एनिमेशन से कहानी या कविता बताई जाए तो वे उसे अच्छे से समझते हैं। यह दावा डाइट्रिक कॉलेज ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड साइंस के शोध में किया गया है।

डाइट्रिक कॉलेज में साइकोलॉजी के प्रोफेसर एरिक थियेसन ने बताया कि पिछले कुछ समय से डिजिटल प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता में काफी बढ़ोतरी हुई है और बच्चों की शिक्षा में भी इसका महत्व है।

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एरिक थियेसन के मुताबिक ई-बुक्स, कंप्यूटर, स्मार्टफोन और टैबलेट के जमाने में लोगों की इस बात को लेकर चिंता रहती है कि इनसे बच्चे कोई भी चीज सीख नहीं पाएंगे, लेकिन यह उनका भ्रम है।

शोध के दौरान जब बच्चों को ई-बुक्स, कंप्यूटर, स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए, तब वे ज्यादा से ज्यादा सीख पाए। शोध में पाया गया कि जब बच्चों को एनिमेटेड वीडियो के जरिए कोई कहानी बताई गई तो उनकी रुचि उसमें बनी और वह उनके दिमाग में आसानी से चीजें बैठ गई है। वैसे भी हमारा दिमाग विजुअल ज्यादा इफेक्ट डालते हैं।स्क्रीन पर आने वाली चीजों पर बोलचाल के मुकाबले ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया देता है।
आज ऐसे कई ऐप हैं, जिन पर किसी भी विषय की जानकारी मिल सकती है। हालांकि कई ऐसे ऐप और एनिमेटेड वीडियो हैं, जो बच्चों की शिक्षा के लिहाज से ठीक नहीं हैं, लेकिन हम अगर इन्हें बेहतर बना दें तो ये बच्चों के लिए काफी फायदेमंद हैं।

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शोध में सबसे पहले किताबें पढ़ाकर बच्चों को सिखाया और बाद में डिजिटल माध्यम से बच्चों को सिखाते हुए उस कहानी से जुड़ी तस्वीर स्क्रीन पर दिखाई और मिलता-जुलता गीत भी सुनाया। बच्चों ने कहा कि दूसरी विधि से उन्होंने चीजों को ज्यादा आसानी से सीखा।