कोरोना के बाद बदल जाएगा, Love-sex और रोमांस का अंदाज

प्रेम किसी भी वायरस से बड़ा होता है। वो महामारी को मात दे देता है। और हर हाल में खुद को बनाएं रखता है।प्यार में लोग हर हद पार कर जाते हैं तो फिर कोरोना के बाद क्या सोचे।

Published by suman Published: July 12, 2020 | 7:35 pm

नई दिल्ली:  प्रेम किसी भी वायरस से बड़ा होता है। वो महामारी को मात दे देता है। और हर हाल में खुद को बनाएं रखता है।प्यार में लोग हर हद पार कर जाते हैं तो फिर कोरोना के बाद क्या सोचे। लेकिन इस तरह की बीमारी आज तक किसी ने नहीं देखी और न सुनी थी तो ऐसे में कोरोना वायरस जैसी बीमारी के बाद शायद प्यार का अंदाज बदलेगा और नहीं भी बदलेगा।

दिल्ली में रहने वाले प्रोफेशनल पप्स रॉय समलैंगिक हैं और कोरोना के बाद प्रेम के भविष्य पर बड़ी गहराई से बाते करते हैं। अभी फिलहाल पप्स रॉय अपने फोन के साथ एक फ्लैट में फंसे हुए हैं। वो कहते हैं, “प्यार हैं कहीं बाहर। बस हमें प्यार करने के पुराने तरीके भुला कर नए तरीके सीखने होंगे। सोशल डिस्टंसिंग अब एक दूसरे से दूरी में तबदील हो गई थी। अब वो दिल्ली वापिस लौट आए हैं। साथ में फोन है और कई प्रेमी भी। वो ज्यादातर एक दूसरे के साथ चैट करते हैं।

 

प्यार का अंदाज बदल जाएगा।

कोरोना महामारी के बाद प्यार का अंदाज बदल जाएगा।  प्रेम और सेक्स अलग-अलग चीजें होंगी? इसी तरह हम भविष्य में कदम रखते हैं। ई-हारमनी, ओके क्यूपिड और मैच जैसे डेटिंग प्लैटफॉर्म पर लॉकडाउन के दौरान वीडियो डेटिंग में काफी वृद्धि हुई है। कई दूसरी बातों के भविष्य पर बहस हो रही है। धर्म, पर्यटन, शिक्षा, वगैरह। लेकिन प्रेम का भविष्य?इसकी बात कुछ और है। ब्रिटेन में लॉकडाउन की शुरुआत मे ही सरकार ने लोगों को सलाह दी कि वो अपने लवर के साथ ही रहें।

संक्रमण फैलने का खतरा बढ़

संक्रमण फैलने की वजह से लोग एक-दूसरे के घर जाने से कतराने लगा है।  मई में नीदरलैंड की सरकार ने अकेले रहने वाले लोगों से कहा कि वो अपने लिए सेक्स पार्टनर खोज लें। साथ ही यह सलाह भी दी कि दोनों मिल कर ये भी तय कर लें कि वो और कितने लोगों से मिलेंगे। क्योंकि वो जितने ज्यादा लोगों से मिलेंगे कोरोना संक्रमण का खतरा भी उतना ज्यादा बढ़ेगा।  वीडियो चैट्स अब आम हो चुके हैं और फोन सेक्स भी।

 

डेटिंग ऐप्स

अब लोग अकेले ही वाइन के ग्लास और कुछ डिश के साथ डेटिंग ऐप डेटिंग ऐप पर टाइम बिताएंगे।   आशीष सहगल दिल्ली में रहते हैं। वो एक ‘लाइफ कोच’ हैं। इनका काम लोगों को उनकी समस्याओें को समझने और उनसे निपटने में मदद करना है। वो कहते हैं कि हाल के दिनों में उन्हें ऐसे कपल्स से बहुत फोन आते हैं जो वैवाहिक जीवन में समस्याओं से जूझ रहे हैं। महामारी के डर के कारण प्रेम संबंधो में कई बदलाव आएँगे।”

प्रेम एक अवधारणा के रूप में और भी मजबूत होगा। डर के माहौल में प्रेम और भी फलता फूलता है।” प्रेम के संबंध में उनके और भी कई अनुमान हैं। “ज्यादा शादियां होंगी। तलाक भी बढ़ेंगे। और बच्चे भी ज्यादा पैदा होंगे।

आशीष सहगल का मानना है कि, “बहुत सारे लोग अकेलापन महसूस कर रहे हैं।” बहरहाल जहां तक प्रेम के भविष्य की बात है वो किसी भी सरकारी दिशा निर्देश या वायरस विशेषज्ञों के नीति निर्देश के दायरे से बाहर है। यह भविष्य फिलहाल एक मंथन के हवाले है।

 

 

एक यौनकर्मी ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा

मुंबई के कामाठीपुरा में रहने वाली एक यौनकर्मी ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि उसने सुना है कि कई यौनकर्मी अब वीडियो कॉल के जरिए अपने ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। लेकिन उसे यह अजीब लगता है। एचआईवी/एड्स की बात अलग थी। उससे बचने के लिए कॉन्डम काफी था। लेकिन कोरोना वायरस तो छूने मात्र से संक्रमित कर सकता है। फोन या कंप्यूटर की स्क्रीन स्पर्श का विकल्प तो नहीं हो सकती। नेहा (बदला हुआ नाम) कहती हैं, “वो अपने ग्राहकों को जानने समझने में या उनके साथ किसी अर्थपूर्ण संवाद में कोई रुचि नहीं रखतीं। सेक्स उनके लिए बस काम है। इसलिए यह तरीका काम करता है।”

 

प्रेम का भविष्य काफी अंधकारमय

नंदिता राजे, 28 साल की हैं। मेबेल इंडिया नाम के कपड़ों के ब्रैंड की मालकिन हैं। वो सिंगल हैं। वो कहती हैं अब उन्हें लोगो से मिलने में खास दिलचस्पी नहीं है। वो कहती हैं, “प्रेम का भविष्य काफी अंधकारमय है। और मेरे लिए शायद अब इसका कोई माइने नहीं बचा है।”

 

अगर इस महामारी को रोकने के लिए कोई टीका विकसित हो भी जाए, तब भी लोग बेफिक्र हो कर एक दूसरे के गले मिलें, इस में काफी समय लगेगा। प्यार, सेक्स और रोमांस का भविष्य हमेशा के लिए बदल गया है। कपल्स के लिए भी ये समय बहुत मुश्किल भरा है। लोग ऑफिस कम जा रहे हैं या ज्यादातर घर में रह कर काम कर रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार तलाक के मामले बढ़े हैं। घरेलू हिंसा की घटनाएं भी बढ़ी हैं। लेकिन लोग किसी तरह निबाह रहे हैं। अंतरंग संबंधों मे हुई बढ़ोतरी के चलते कॉन्डम और गर्भ निरोधक दवाइयों की बिक्री में भी वृद्धि हुई है। लॉकडाउन में बंबल डेटिंग ऐप के नए सबस्क्राइबर खूब बढ़े हैं। बंबल की टीम का कहना है, “भारत में वीडियो और फोन काल की औसत अवधि कम से कम 18 मिनट तक रही है। यह एक संकेत है कि हमारे ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोग सोशल डिस्टेंसिंग के इस दौर में एक दूसरे को समझने और गहरे और अर्थपूर्ण संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”

वर्चुअल प्रेम के लिए तैयार नहीं

टिंडर समेत कई डेटिंग एप्स के इस्तेमाल में पिछले हफ्तों मे काफी तेजी आई है। सिर्फ कॉफी ऐप का कहना है कि वो दुनिया भर में बसे भारतीयों को प्यार तलाश करने में मदद करता है। सिर्फ कॉफी ऐप मे ऐसे साथी ढूंढने में मदद मिलती हैं जिनकी सोच या मिजाज एक दूसरे से मेल खाता हो। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से अब तक सिर्फ कॉफी ऐप की मुंबई, दुबई और लंदन स्थित टीम ने दुनिया भर मे 500 से ज्यादा मुलाकातें तय की हैं। लेकिन कई लोग अभी इस वर्चुअल प्रेम के लिए तैयार नहीं हैं। करन अमीन 39 साल के हैं और मुंबई में विज्ञापन एजेंसी में काम करते हैं। वो कहते हैं कि उन्होंने डेटिंग एप्स पर कई लोगों की प्रोफाइल चेक की। इनमें से बहुत से लोगों का कहना था कि वो बोरियत की वजह से डेटिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। करण अमीन आगे कहते हैं, “टिंडर एक ऐसा ऐप था जहां आप लोगों से संबंध बनाने के लिए संपर्क करते थे। लेकिन अब आप बाहर ही नहीं जा सकते थे।”

 

ऐप पर होगी शादियां

कुछ विशेषज्ञों का ये भी अनुमान है कि दिसंबर 2020 तक अधिक संख्या में बच्चों का जन्म देखने को मिल सकता है। और हो सकता है ये नई पीढ़ी 2033 में ‘क्वारंटीन’ कहलाए। न्यूयॉर्क में जूम ऐप पर हुई शादियों को कानूनी वैधता मिल चुकी है। भारत में भी कुछ शादियों और शादी की सालगिरह जूम ऐप पर मनाई गईं।  महामारी के संक्रमण काल में बहुत से लोगों के लिए प्रेम करने के गैर पारंपरिक तरीके विकल्प बन रहे हैं। बशर्ते कि उनका दिल प्यार के लिए खुला हो।

 

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