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Relationship goals: सेक्स बचाता है दिल और दिमाग

Relationship Goals: अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि ऑरगाज्म जितना आनंददायक होगा, उसके अगले दिन ब्लड प्रेशर की रीडिंग उतना ही कम आयेगी।

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NetworkNewstrack NetworkRagini SinhaPublished By Ragini Sinha

Published on 13 Nov 2021 6:20 AM GMT

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Relationship goals: सेक्स बचाता है दिल और दिमाग  (Social Media)

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Relationship Goals: क्या आप जानते हैं कि सेक्सुअल रिलेशनशिप (Sexual Relationship) से आपका दिल स्वस्थ रहता है? यही नहीं, सेक्स से सिर्फ दिल ही नहीं बल्कि तमाम अन्य तकलीफों से भी हिफाजत मिलती है। लंदन स्थित डाक्टर रवीना भनोट (Dr. Raveena Bhanot) का कहना है कि नियमित सेक्स (Sex life) से न सिर्फ दिल स्वस्थ रहता है, बल्कि आपकी नींद, इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। एक अध्ययन के अनुसार सेक्सुअल रिलेशनशिप (Sexual Relationship) में सक्रिय रहने वालों में ह्रदय रोग होने की रिस्क कम होती है। अमेरिकन जर्नल ऑफ़ कार्डियोलॉजी (American Journal of Cardiology) में प्रकाशित स्टडी में पाया गया कि सप्ताह में दो बार सेक्स करने वालों के ह्रदय की सेहत उन लोगों की तुलना में काफी बढ़िया थी, जो महीने में एक बार या उससे भी कम सेक्सुअल सम्बन्ध (Sexual Life) बनाते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स आगाह करते हैं कि उम्रदराज लोगों में सेक्सुअल सक्रियता से हार्ट अटैक (Heart attack) का ख़तरा बढ़ भी जाता है। सो ऐसे में लोगों को धूम्रपान और अल्कोहल छोड़ देना चाहिए। सेहत के लिए फायदेमंद डाइट (Healthy Diet) लेनी चाहिए और नियमित व्यायाम करना चाहिए।


मानसिक सेहत और सेक्स

एक रिसर्च में पता चला है कि सेक्सुअल रिलेशनशिप (Sexual Relationship) से दम्पतियों में प्रगाढ़ता बढ़ती है। परस्पर विश्वास बढ़ता है और अकेलेपन की भावना कम होती है। इसके अलावा मानसिक चैतन्यता बढ़ती है और स्ट्रेस कम होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेक्स के दौरान मस्तिष्क में डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन हारमोंस ( oxytocin hormones) ज्यादा उत्पन्न होते हैं जिससे खुशी और संतोष महसूस होता है। डोपामाइन को हैप्पी हार्मोन कहा जाता है क्योंकि इससे ख़ुशी और अच्छा लगने की भावना पैदा होती है। सेक्सुअल सम्बन्ध (Sexual Relationship) के दौरान ऑक्सीटोसिन और डोपामाइन, दोनों हार्मोन से मन शांत होता है, स्ट्रेस खत्म हो जाता है और संतोष की अनुभूति होती है। इन दोनों हार्मोन का पीक लेवल चरम सुख यानी ऑरगाज्म में आता है। लेकिन इनका प्रोडक्शन सेंसुअल स्पर्श से ही शुरू हो सकता है। कई रिसर्च में पता चला है कि नियमित रूप से सेक्स करने पर मस्तिष्क में हिप्पोकैम्पस के वृद्धि को मदद मिलती है। हिप्पोकैम्पस अन्य कार्यों के अलावा शरीर के स्ट्रेस लेवल को कंट्रोल करता है। हाइपरटेंशन आजकल एक बहुत आम समस्या बन चुका है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नियमित सेक्स से ब्लड प्रेशर भी नियंत्रण में रहता है। एक स्टडी के अनुसार, वालंटियर्स में देखा गया कि ऑरगाज्म महूसस करने के अगले दिन उनका ब्लड प्रेशर 13 फीसदी कम हो गया। अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि ऑरगाज्म जितना आनंददायक होगा, उसके अगले दिन ब्लड प्रेशर की रीडिंग उतना ही कम आयेगी।

सेक्सुअल रिलेशनशिप से इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है

ऐसा भी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेक्सुअल रिलेशनशिप से इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है। एक स्टडी के अनुसार, इससे इम्यून कोशिकाओं में अस्थाई वृद्धि होती है । इनमें ऐसी किलर कोशिकायें भी होती हैं जो वायरस से लड़ती हैं। ऐसी किलर कोशिकाओं में लिम्फोसाईट शामिल हैं, जो कोरोना वायरस जैसे हमलावरों से संघर्ष करती हैं। स्टडी के अनुसार ऑरगाज्म के 45 मिनट बाद तक इम्यून सेल्स में वृद्धि देखी गयी है।

Ragini Sinha

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