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बॉलीवुड को अब दरकार... एक अदद इंटीमेसी कोआर्डिनेटर की

आजकल बॉलीवुड फिल्मों में हॉट सीन्स की डिमांड है या ऐसे दृश्य होना आम बात हैं, लेकिन एक दर्शक के रूप में आप नहीं जानते कि ऐसे सीन को करते वक्त लंबी चौड़ी टीम खड़ी होती है। जिसके सामने ऐसे सीन करना एक्टर्स के लिए भी उतना ही मुश्किल हो जाता है जितना किसी एक्ट्रेस के लिए होता है।

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 9 March 2020 6:49 AM GMT

बॉलीवुड को अब दरकार... एक अदद इंटीमेसी कोआर्डिनेटर की
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रामकृष्ण वाजपेयी

आजकल बॉलीवुड की फिल्मों में हॉट सीन्स का चलन बढ़ गया है। ऐसे दृश्यों को फिल्माए जाते वक्त चूंकि शूटिंग क्रू के तमाम मेंबर सेट पर मौजूद होते हैं तो ऐसे में एक्ट्रेस को कई बार असहज या मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है।

मी टू कैम्पेन के इंडिया में आने के बाद मेल एक्टर भी सीन करते वक्त घबड़ाने लगे हैं। ऐसे सीन को फिल्माते वक्त डायरेक्टर्स को भी कई बार बहुत अधिक पापड़ बेलने पड़ते हैं। हालांकि हालिवुड ने ऐसी स्थितियों से उबरने के लिए इंटीमेसी कोआर्डिनेटर रखना और एक्ट्रेस-एक्टर दोनो से सीन के बारे में कंसेंट लेना शुरू कर दिया है। अब समय आ गया है जबकि बॉलीवुड को भी इसके बारे में विचार करना चाहिए...

आजकल बॉलीवुड फिल्मों में हॉट सीन्स की डिमांड है या ऐसे दृश्य होना आम बात हैं, लेकिन एक दर्शक के रूप में आप नहीं जानते कि ऐसे सीन को करते वक्त लंबी चौड़ी टीम खड़ी होती है। जिसके सामने ऐसे सीन करना एक्टर्स के लिए भी उतना ही मुश्किल हो जाता है जितना किसी एक्ट्रेस के लिए होता है।

बॉलीवुड में भी लिमिट की दरकार

फिल्म में हॉट सीन्स देख दर्शक हाय हाय या उफ्फ करने लगते हैं। दर्शकों को ये सीन बहुत आसान लगते होंगे, लेकिन असल में इन सीन्स को शूट कराते वक्त एक्ट्रेस व एक्टर्स दोनो के पसीने छूटने लगते हैं।

शूटिंग में सभी क्रू मेंबर्स फिल्म के सेट पर मौजूद रहते हैं, ऎसे में अगर इंटिमेट सीन शूट करना हो तो एक्ट्रेस मानसिक दबाव में आ जाती है और नर्वस हो जाती हैं। एक्टर्स को कंफर्टेबल करने के लिए डायरेक्टर्स को कई बार उनके लिए विशेष इंतेजाम करने पड़ते हैं।

एचबीओ की द ड्यूस (1970 के अमेरिकी पोर्न उद्योग पर आधारित) फिल्म की एक्ट्रेस एमिली मीडे ने सेक्स सीन को करने के बारे में हमेशा फिजिकली और इमोशनली असहज महसूस किया, जबकि यह उसके काम का अनिवार्य हिस्सा था।

एक पर्यवेक्षक की दरकार

पिछले साल हॉलीवुड में मी टू मूवमेंट के बाद मीडे ने एक सहयोगी या अधिवक्ता की मांग की, जो सेट पर मौजूद रहकर देखे कि कहीं अतिरेक तो नहीं हो रहा।

एचबीओ ने एलिसिया रोडिस को नेटवर्क के पहले 'इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर' के रूप में नियुक्त किया। रोडिस ने एक गैर-लाभकारी कंपनी को कोफाउंड किया था, जो थिएटर और फिल्म में सेक्स दृश्यों के प्रदर्शन के आसपास मानकों और प्रथाओं के एक सेट को सामान्य करने पर ध्यान देती थी, और इसलिए यह नौकरी के लिए एकदम सही थी। इसके बाद एचबीओ ने नीति बना ली कि उसके सभी शो और फिल्में जिसमें सेक्स दृश्य हैं, की शूटिंग अंतरंगता समन्वयक की देखरेख में ही होगी।

सेक्स सबसे सबके लिए कमजोरी का सबब

देखा जाए तो एमिली की मांग जायज थी कि जब सेक्स की बात आती है, जो सभी मनुष्यों, पुरुषों और महिलाओं के लिए यह सबसे कमजोर चीजों में से एक है, और इसके फिल्मांकन के समय संरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है।

बॉलीवुड फिल्मों में दीपिका और रणबीर की कैमेस्ट्री सिल्वर स्क्रीन पर जबरदस्त दिखती है। लेकिन 2013 में अयान मुखर्जी की फिल्म "ये जवानी है दीवानी" में इंटीमेट सीन की शूटिंग के दौरान दोनो ही नर्वस हो गए थे। जब सेट से मेल क्रू मेंबर्स को हटाया गया तब जाकर कहीं दोनो ये सीन कर पाए।

फीमेल की मौजूदगी सहज बनाती है

बॉलीवुड की मशहूर फिल्म मेकर एकता कपूर की 'XXX' फिल्म के लिए उन्होंने फीमेल फोटोग्राफी डायरेक्टर को हायर किया था, जिससे शूटिंग के वक्त एक्ट्रेसेस कंफर्टेबल रहें।

अनुराग कश्यप ने भी 20 मिनट लंबी शॉर्ट फिल्म के लिए एक्ट्रेस राधिका आप्टे के फ्रंटल न्यूड सीन की शूटिंग के लिए क्रू में मेल की बजाय फीमेल मेंबर्स को हायर किया था, ताकि राधिका को सीन शूट करते हुए कोई परेशानी ना हो। बीते दो सालों में हॉलीवुड में इंटिमेसी कॉर्डिनेटरों की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है। अब समय आ गया है कि बालीवुड को भी इस पर विचार करना चाहिए।

राम केवी

राम केवी

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