Top

मां बनने के बाद कमाल की दौड़, तोड़ दिया उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड

दोहा में चल रही विश्व चैंपियनशिप में दो धाविकाओं ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए सबका दिल जीत लिया। मजे की बात तो यह रही कि ये दोनों धाविकाएं मां बनने के बाद पहली बार किसी बड़ी प्रतियोगिता में वापसी कर रही थीं।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 30 Sep 2019 12:47 PM GMT

मां बनने के बाद कमाल की दौड़, तोड़ दिया उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: दोहा में चल रही विश्व चैंपियनशिप में दो धाविकाओं ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए सबका दिल जीत लिया। मजे की बात तो यह रही कि ये दोनों धाविकाएं मां बनने के बाद पहली बार किसी बड़ी प्रतियोगिता में वापसी कर रही थीं। जमैका की शेली एन फ्रेजर प्राइस व अमेरिका की एलिसन फेलिक्स का प्रदर्शन देख हर किसी ने अंगुली दबा ली। फेलिक्स ने तो उसेन बोल्ट का सर्वाधिक स्वर्ण पदकों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

फेलिक्स ने जीता 12वां स्वर्णपदक

एलिसन फेलिक्स ने पिछले साल नवंबर में बेटी कैमरिन के जन्म के चलते इस साल जुलाई में मैदान पर वापसी की थी। दोहा में व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में क्वालिफाई करने में नाकाम रही 33 साल की फेलिक्स ने चार गुणा 400 मिश्रित मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीता। अमेरिका की टीम ने तीन मिनट 9.34 सेकेंड के रिकॉर्ड समय के साथ खिताब पर कब्जा किया। विश्व चैंपियनशिप में यह एलिसन फेलिक्स का यह 12वां स्वर्ण पदक है और उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में 11 स्वर्ण पदकों के जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट के रिकार्ड को तोड़ दिया। इससे पहले फेलिक्स स्वर्ण पदकों के मामले में बोल्ट के बराबर थीं। बोल्ट में 2017 में आखिरी बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था।

दस महीने पहले मां बनीं हैं फेलिक्स

फेलिक्स का प्रदर्शन इसलिए भी हैरतअंगेज माना जा रहा है क्योंकि वे 10 महीने पहले ही एक बेटी की मां बनी हैं। फेलिक्स के अब विश्व चैम्पियनशिप में पांच अलग-अलग स्पर्धाओं- 200 मीटर, 400 मीटर, चार गुणा 100 मीटर, चार गुणा 400 मीटर और मिक्स्ड चार गुणा 400 मीटर रिले में कुल 12 स्वर्ण पदक हो गए हैं। मां बनने के बाद फेलिक्स ने पहली बार जुलाई 2019 में ट्रैक पर खुद को आजमाया। यूएसए ट्रैक एंड फील्ड आउटडोर चैम्पियनशिप में वह 400 मीटर में छठे स्थान पर रही थीं। 7 सितंबर 2019 को फेलिक्स ने स्टॉकटन (कैलिफोर्निया) में ग्रेट नॉर्थ सिटी गेम्स में 150 मीटर की दौड़ जीती। उन्होंने 17.37 सेकेंड के साथ ब्रिटिश स्प्रिंटर एशले नेल्सन और स्कॉटलैंड की बेथ डॉबिन को हराया।

नाइकी ने नहीं बढ़ाया था करार

नाइकी के साथ फेलिक्स का सात साल का प्रायोजन दिसंबर 2017 में समाप्त हो गया था। करार न बढ़ाने पर फेलिक्स नाइकी से नाराज थीं और उन्होंने आरोप लगाया था कि बेटी के जन्म के वक्त नाइकी का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा। मां बनने के बाद जुलाई 2019 में उन्हें स्पॉन्सर मिल गया। फेलिक्स को पोशाकों से जुड़े गैप ब्रांड का करार हासिल हुआ और एक बार फिर ट्रैक पर उन्होंने बादशाहत साबित की।

फ्रेजर ने चौथी बार जीती सौ मीटर की दौड़

उधर, जमैका की दिग्गज फर्राटा धाविका शेली एन फ्रेजर प्राइस ने 100 मीटर की दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए अभूतपूर्व चौथा खिताब जीत लिया। अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण 2017 की विश्व चैंपियनशिप से बाहर रहने वाली 32 साल की फ्रेजर प्राइस ने 10.71 सेकेंड के साथ 100 मीटर का खिताब अपनी झोली में डाला। हर कोई उनके इस कमाल के प्रदर्शन से दंग रह गया। इससे पहले वे 2009, 2013 और 2015 में भी विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। मजे की बात यह थी कि स्टेडियम का विजयी चक्कर लगाने के दौरान उनका दो साल का बेटा जियोन भी उनके साथ था। हर कोई प्राइस को इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दे रहा था। वे हर किसी के आकर्षण का केन्द्र बन गईं क्योंकि उन्होंने अपने बेटे को गोदी में ले रखा था।

चार बार चैम्पियन बनने वाली पहली रेसर

अपने इस प्रदर्शन के साथ प्राइस 100 मीटर रेस में चार बार चैम्पियन बनने वाली दुनिया की पहली रेसर बन गईं। उन्होंने जमैका के उसेन बोल्ट, अमेरिका के कार्ल लुईस और मॉरिस ग्रीन के 3-3 स्वर्ण पदक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। महिलाओं में प्राइस के बाद सबसे ज्यादा 2 स्वर्ण अमेरिका की मरियन जोन्स के नाम हैं। प्राइस ने सीजन का सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने 10.71 सेकेंड का समय लिया। ब्रिटेन की डाइना एशर-स्मिथ 10.83 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। 32 साल की प्राइस ने 2008 और 2012 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। दोहा में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद खेल के जानकार उनके अगले साल टोक्यो ओलिंपिक में भी स्वर्ण जीतने की संभावना जताने लगे हैं।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumar

Next Story