Top

बुरा मत मानिएगा! लेकिन भारतीय तीरंदाज विश्व कप से बाबा जी का ठुल्लू लाए हैं

कंपाउंड और रिकर्व के मिश्रित वर्ग में दूसरे दौर में हार के साथ शुक्रवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में भारत का अभियान बिना पदक के समाप्त हो गया। जगदीश चौधरी और प्रीति की जोड़ी रिकर्व वर्ग में अमेरिका की ब्राडी एलिसन और एरिन मिकेलबरे की जोड़ी से 1-1 से बराबरी पर थी लेकिन वे अपना लय बरकरार नहीं रख सके और 2-6 से हार का समाना करना पड़ा। 

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 10 May 2019 1:54 PM GMT

बुरा मत मानिएगा! लेकिन भारतीय तीरंदाज विश्व कप से बाबा जी का ठुल्लू लाए हैं
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

शंघाई : कंपाउंड और रिकर्व के मिश्रित वर्ग में दूसरे दौर में हार के साथ शुक्रवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में भारत का अभियान बिना पदक के समाप्त हो गया। जगदीश चौधरी और प्रीति की जोड़ी रिकर्व वर्ग में अमेरिका की ब्राडी एलिसन और एरिन मिकेलबरे की जोड़ी से 1-1 से बराबरी पर थी लेकिन वे अपना लय बरकरार नहीं रख सके और 2-6 से हार का समाना करना पड़ा।

ये भी देखें : पर्चा विवाद पर ये क्या बोल गये बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर?

इसके बाद कंपाउंड वर्ग में प्रवीण कुमार और परवीना की भारतीय जोड़ी कम रैंकिंग वाली मलेशिया की जोड़ी से 151-155 से हार गयी। जिससे टीम का अभियान बिना पदक के समाप्त हुआ।

इससे पहले गुरुवार को भारतीय तीरंदाज का रिकर्व और कंपाउंड दोनों वर्ग की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन से पदक की दौड़ से बाहर हो गये थे।

ये भी देखें : मम्मी कसम! इन 10 पाकिस्तानी सामान के बिना एक घंटा भी नहीं काट सकते

भारतीय तीरंदाजी संघ ने विश्व कप के लिए दूसरे स्तर की टीम को भेजा था। संघ की अंदरूनी कलह के करण कम्पाउंड टीम बिना किसी कोच के यहां पहुंची थी ।

Rishi

Rishi

आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

Next Story