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देश में बनेंगे पांच हाई एक्सीलेंस स्पोर्ट्स अकादमी

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 24 Oct 2018 12:41 PM GMT

देश में बनेंगे पांच हाई एक्सीलेंस स्पोर्ट्स अकादमी
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मेरठ: उत्तर प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने और अलग-अलग खेलों में बेहतरीन खिलाड़ी तैयार करने के लिए प्रदेश में पांच शहरों में हाई एक्सीलेंस स्पोर्ट्स एकेडमी बनाई जाएगी। आज यहां एक कार्यक्रम में भाग लेने आए प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान ने कहा की अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स अकैडमी में खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं और ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी। इससे पहले खेल मंत्री ने कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में बनाए जा रहे हॉकी एस्ट्रोटर्फ के साथ ही अन्य विभागों का निरीक्षण भी किया।

इन क्षेत्रों में बनेंगी एकेडमी

इस मौके पर संवाददाताओं से बात करते हुए प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान ने बताया कि तैराकी के लिए यह स्पोर्ट्स एकेडमी सैफई में बनेगा जिसमें प्रदेश भर से तैराकी के अलग-अलग इवेंट के 40 से 50 बच्चों को चुनकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा शूटिंग के लिए लखनऊ में एकेडमी बनेगी। बैडमिंटन की एकेडमी इलाहाबाद में बनेगी, हॉकी की एकेडमी लखनऊ में और कुश्ती की एकेडमी वाराणसी में बनाई जाएगी।

खेल मंत्री ने बताया कि हाई एक्सीलेंस स्पोर्ट्स एकेडमी के लिए मेरठ को भी चुना गया है। यहां किस खेल की अकैडमी बनेगी इसका निर्णय अगले चरण में किया जाएगा। खेल मंत्री बुधवार को एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मेरठ पहुंचे थे। उससे पहले उन्होंने कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में बनाए जा रहे हॉकी एस्ट्रोटर्फ के साथ ही अन्य विभागों का निरीक्षण भी किया

मेरठ में शूटिंग रेंज के साथ ही शूटिंग हॉस्टल भी बनाया जाएगा

खेल मंत्री चेतन चौहान ने बताया कि मेरठ और आस-पास के जिलों से एक से बढ़कर एक सूटर्स निकल रहे हैं जिन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यहां के खिलाड़ियों को मेरठ में ही अभ्यास का अवसर प्रदान करने और अपने ही शहर में सुविधा प्रदान करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज बनाई जाएगी। इस ट्रैप शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं होंगी जिससे उन्हें मेरठ से दिल्ली न जाना पड़े। इसके लिए भी 10 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। जल्द ही ट्रैप शूटिंग रेंज की रिपोर्ट शासन को दी जाएगी। इसी तरह का रेंज लखनऊ में भी बन रहा है जिसका काम अगले कुछ समय में शुरू हो जाएगा। मेरठ में शूटिंग रेंज के साथ ही शूटिंग हॉस्टल भी बनाया जाएगा जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के खिलाड़ी हॉस्टल में रहते हुए अभ्यास कर सकें।

एक सवाल के जवाब में खेल मंत्री ने कहा कि मेरठ को स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। खेल मंत्री ने बताया कि स्पोर्ट्स कॉलेज का प्रस्ताव उन तक पहुंचा है। वह जल्द ही इस बारे में मुख्यमंत्री से बात कर इसको आगे बढ़ाएंगे, लेकिन इसमें अभी कुछ महीने का वक्त लग सकता है। अभी तक स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए मेरठ में जमीन चिन्हित नहीं की जा सकी है। जमीन मिलने के बाद स्पोर्ट कॉलेज बनाने में देरी नहीं की जाएगी।

प्रस्ताव खेलो इंडिया के तहत केंद्र सरकार को भेजा गया है

खेल मंत्री चेतन भगत ने बताया कि स्टेडियम में बनाए जा रहे हॉकी एस्ट्रोटर्फ का शुभारंभ दिसंबर के अंतिम सप्ताह में किया जा सकता है। एक अन्य सवाल के जवाब में खेल मंत्री ने बताया कि स्टेडियम के लिए सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक और उसके भीतर सिंथेटिक फुटबॉल ग्राउंड का एक और प्रस्ताव खेलो इंडिया के तहत केंद्र सरकार को भेजा गया है। 14 करोड़ का यह प्रोजेक्ट भी स्टेडियम को मिलने की उम्मीद है। ऊपर से हरी झंडी मिलते ही नीचे जमीनी स्तर पर काम की शुरुआत कर दी जाएगी। इसमें फुटबॉल ग्राउंड और एथलेटिक ट्रैक के बाद जो भी जगह बचेगा उसका इस्तेमाल एथलेटिक्स के अन्य खेलों जैसे लंबी कूद, ऊंची कूद, डिसकस आदि के लिए किया जाएगा।

संवाददाताओं के इस सवाल पर के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रोटर्फ और एथलेटिक सिंथेटिक फुटबॉल ग्राउंड और सिंथेटिक ट्रेक बनने के बाद क्रिकेट के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। फिलहाल क्रिकेट के खिलाड़ी विक्टोरिया पार्क में व अन्य जगहों पर ट्रेनिंग ले रहे हैं। खेल मंत्री ने कहा की जल्द ही क्रिकेट की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। क्रिकेट को यहां से शिफ्ट किया जाएगा। प्राथमिक तौर पर लखनऊ और कानपुर दोनों जगह ले जाने की बात है लेकिन संभावना कानपुर की ही अधिक है क्योंकि वहां पहले से खेल विभाग का जगह है और वहां क्रिकेट की ट्रेनिंग चल भी रही है। आने वाले समय में पर्याप्त स्थान मिलने पर मेरठ में भी क्रिकेट ट्रेनिंग के लिए व्यवस्था की जाएगी।

आउटसोर्सिंग के जरिए कोच नियुक्त किए जाएंगे

खेल मंत्री ने प्रदेश में कोई कोचो की कम संख्या को स्वीकार करते हुए बताया कि प्रदेशभर में वर्तमान में करीब 600 कोच हैं जो विभिन्न स्टेडियम में कार्यरत हैं। कोचिंग के लिहाज से संख्या काफी कम है। प्रथम चरण में इस संख्या को बढ़ाकर 950 करने की योजना बनाई गई है। इस बाबत पद सृजित होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। आउटसोर्सिंग के जरिए कोच नियुक्त किए जाएंगे।

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