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क्या अन्य की कीमत पर GROOM किया जा रहा हार्दिक पांड्या को ?

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Published on 29 Sep 2017 10:25 AM GMT

क्या अन्य की कीमत पर GROOM किया जा रहा हार्दिक पांड्या को ?
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लखनऊ: याद करें जब ग्रेग चैपल भारतीय क्रिकेट टीम के कोच थे, तो उन्होंने टीम में नए आए वडोदरा के इरफान पठान को आल राउंडर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। इरफान टीम में गेंदबाज के तौर पर शामिल किए गए थे।

हरफनमौला बनाने के चक्कर में हुआ ये कि वो न तो बल्लेबाज बन सके और न उनकी गेंदबाजी में पहले जैसी धार रह गई। नतीजा ये हुआ कि उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। भारतीय टीम में बहुत से ऐसे खिलाड़ी आए, जिनका कैरियर छोटा रहा, जिसमें एक नाम पठान का भी लिया जा सकता है।

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ऐसे बहुत से उदाहरण हैं कि स्ट्रोक प्लेयर को उनके कैरियर की शुरूआत में ही बड़ी जिम्मेदारी दे दी जाती है, लेकिन बाद में वो खुद को ऐसी जगह पर पाते हैं। जहां उनके लिए कोई जमीन नहीं होती। यही हो रहा आजकल टीम में, आए नए हरफनमौला हार्दिक पांड्या के साथ। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथा वन डे जो 28 सितंबर को बेंगलुरू के चेन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया, उसमें भी किया प्रयोग बेमतलब था।

पांड्या को 23वें ओवर में ही बल्लेबाजी के लिए भेज दिया गया। वो समझ ही नहीं पा रहे थे कि ईनिंग संभालनी है या पिंच हिटिंग करनी है। नतीजा ये हुआ कि वो जल्द ही अपना विकेट फेंक के चले गए। साफ है कि अगर किसी खिलाड़ी में प्रतिभा ज्यादा है, तो उसे मौके दिए जाने चाहिए। लेकिन यह किसी अन्य की कीमत पर नहीं होना चाहिए।

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335 रन का पीछा कर रही भारतीय टीम को चार नंबर के स्थापित बल्लेबाज मनीष पांडेय या केधार जाधव को भेजा जाना चाहिए था, लेकिन टीम प्रबंधन या कप्तान के पांड्या पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर लिया। खिलाड़ी कितना भी अच्छा हो उसकी सीमा होती है। उसी तरह पांडया की भी अपनी सीमा है।

भारतीय टीम की दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने कहा था कि समय और स्थिति के अनुसार खिलाडी को किसी भी पोजिशन में हमेशा खेलने को तैयार रहना चाहिए। लेकिन ये किसी खिलाड़ी को ग्रूम करने के लिए नहीं होना चाहिए, लेकिन रवि शास्त्री और विराट कोहली की जोड़ी हार्दिक पांड्या के साथ यही कर रही है।

इससे केधार जाधव और मनीष पांडेय का कैरियर तो प्रभावित हो ही रहा है, हार्दिक के कैरियर के लिए भी ये अच्छा नहीं है। इससे तीनों के आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।

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