कैफ का खुलासा: धोनी के साथ ऐसा करना पड़ा भारी, नहीं हुई टीम में वापसी

महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पदार्पण साल 2004 में किया था। जबकि कैफ उस समय भारतीय टीम के अहम सदस्य थे। और अपने कैरियर के चरम पर थे।

भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का आतंक फैला हुआ है। जिसके चलते दुनिया के अधिकतर देशों में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में क्रिकेट इस समय पूरी तरह से दुनिया में बंद है। जिसके चलते सभी खिलाड़ी अपने प्रशंसको से जुड़े रहने के लिए ऑनलाइन कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। और पुराने किस्सों को शेयर कर रहे हैं। ऐसे में कई तरह के खुलासे भी हो रहे हैं। हाल ही में ऐसा ही एक खुलासा भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने किया। कैफ ने बताया कि आखिर क्यों वो दोबारा टीम में वापसी नहीं कर पाए।

कैफ ने बताई खुद के बाहर होने की वजह

भारत को ऐतिहासिक नेटवेस्ट सीरीज जिताने वाले मोहम्मद कैफ ने आज एक खुलासा करते हुए बताया कि आखिर वो टीम में वापसी क्यों नहीं कर पाए। कैफ ने खुलासा करते हुए जो बताया उसके मुताबिक कैफ की वापसी न हो पाने में भारत के पूर्व महेंद्र सिंह धोनी का अहम रोल है। जबकि महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पदार्पण साल 2004 में किया था। जबकि कैफ उस समय भारतीय टीम के अहम् सदस्य थे। और अपने कैरियर के चरम पर थे। लेकिन उसके 1-2 साल में टीम में कैफ की जगह ख़तम हो गई।

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आखिर फिर ऐसा क्या हुआ जो कैफ के टीम में वापसी न कर पाने में धोनी का हाथ शामिल है। मोहम्मद कैफ ने स्पोर्ट्सस्क्रीन से बात करते हुए एक वाकया सुनाया जब उन्होंने पूरी भारतीय टीम को अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया था। कैफ ने उस किस्से को याद करते हुए बताया कि 2006 में नोएडा में मैंने सभी भारतीय क्रिकेटरों को अपने घर पर खाने के लिए बुलाया था। लेकिन मैं सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली जैसे बड़े क्रिकेटरों के साथ व्यस्त था। जिसकी वजह से महेंद्र सिंह धोनी जैसे युवा खिलाड़ी को मैं ठीक से अटेंड नहीं कर पाया।

धोनी को ठीक से बिरियानी न परोसना पड़ा भारी- कैफ

मोहम्मद कैफ ने आगे बताया, मैं उस समय बहुत नर्वस था जब सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली जैसे बड़े क्रिकेटरों को मैंने डिनर के लिए बुलाया था। साथ में तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल भी मौजूद थे। मुझे लगा मैं कैसे उनको अटेंड करूंगा। मेरा सारा ध्यान तेंदुलकर और गांगुली जैसे बड़े क्रिकेटरों की मेजबानी में था। कैफ ने आगे बताया कि एमएस धोनी और सुरेश रैना सहित अन्य युवा खिलाड़ी अलग कमरे में बैठे थे। लेकिन मैं सीनियर खिलाड़ियों के साथ व्यस्त था। मैं युवा खिलाड़ियों पर ध्यान नहीं दे पाया जो धोनी को शायद अच्छा नहीं लगा। कैफ ने आगे हँसते हुए कहा, ‘इस वजह से 2007 में धोनी जब कप्तान बने तो मैं टीम में वापसी नहीं कर सका।

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वो हमेशा मुझे याद दिलाते रहते हैं कि जब वो घर आए थे तो मैंने उनका अच्छे से ध्यान नहीं रखा था। कैफ ने हालांकि ये किसा मजाक में शेयर किया। कैफ ने अपने मजाकिया अंदाज को जारी रखते हुए बातचीत के दौरान ने कहा कि शायद तब धोनी के कप्तान बनने से पहले उनको ठीक से बिरयानी नहीं परोसना भारी पड़ गया। कैफ ने बताया कि तब धोनी ने उन्हें मजाकिया अंदाज में ताना मारते हुए कहा था कि जब वह घर आएंगे तो उनका ध्यान नहीं रखेंगे।