नई पीटी ऊषा: ललिता ने 3000 मी. स्टीपलचेज फाइनल में किया क्वालीफाई

रियो डि जनेरो: रियो ओलंपिक में शनिवार को भारत की लंबी दूरी की महिला धावक ललिता शिवाजी बाबर ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है।  ललिता ने 9 मिनट 19.76 सेकेंड का समय निकालते हुए हीट-2 में चौथा स्थान हासिल किया।

जबकि हीट 3 में सुधा सिंह 9 मिनट 43.29 सेकेंड का समय लेकर नौवें स्थान पर रही और इस तरह से फाइनल के लिए क्वालीफाई करने से चूक गईं। ललिता बाबर ट्रैक स्पर्धाओं में पीटी ऊषा के बाद फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं। उषा ने साल 1984 में 400 मीटर दौड़ की ट्रैक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई थी।

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हीट-2 में शामिल 18 में से टॉप 3 ने सीधे-सीधे फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया और चौथे स्थान पर रहीं तंजानिया की धावक हबीबा गरीबी से ललिता मात्र 1 सेकेंड पीछे रहीं। 27 साल की ललिता बाबर ने ने सात सेकेंड के अंतर से अपनी साथी सुधा सिंह का नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ा जिन्होंने मई में शंघाई में नौ मिनट 26.76 सेकेंड का समय निकाला था।

ललिता का अब फाइनल का मुकाबला सोमवार को होगा। महिलाओं की 400 मीटर रेस में निर्मला श्रेरॉन फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। उन्होंने रेस पूरी करने के लिए 53.03 सेकंड का समय लिया।

प्रत्येक हीट से टॉप 3 में जगह बनाने वाली एथलीट अपने आप ही फाइनल में पहुंच जाती हैं, लेकिन इसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली अगली छह एथलीटों को भी फाइनल में जगह मिलती है। ललिता बाबर की शानदार टाइमिंग हीट 3 टॉप 3 पर रहीं खिलाड़ियों से बेहतर था।

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ललिता बाबर, महाराष्ट्र के सतारा जिले की रहने वाली हैं। ललिता को सबसे पहली बार बड़ी सफलता उस समय मिली जब उन्होंने अंडर-20 नेशनल मैराथन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।साल 2005 में यह रेस पुणे में आयोजित हुई थी।

साल 2014 में साउथ कोरिया के इंचियॉन गेम्स में ललिता बाबर ने गोल्ड मेडल जीता था। यहां पर उन्होंने 9.35.37 मिनट का समय निकाला था। साल 2015 एशियन एथलेटिक्स में ललिता ने अपना रिकॉर्ड तोड़ा और यह दूरी 9.34.13 मिनट में पूरी की और नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया।