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ओलंपिक में दुर्गति के बाद जागा केंद्र, टास्क फोर्स बनाने का मोदी का ऐलान

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Published on 26 Aug 2016 6:20 PM GMT

ओलंपिक में दुर्गति के बाद जागा केंद्र, टास्क फोर्स बनाने का मोदी का ऐलान
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नई दिल्लीः कहते हैं कि 'जो सोवत है सो खोवत है'। कुछ ऐसा ही हाल ही में हुए रियो ओलंपिक में भारत के साथ हुआ। 119 खिलाड़ियों में से सिर्फ साक्षी मलिक और पीवी सिंधु देश के लिए मेडल हासिल कर सके। ऐसे में सरकार अब जागी है। उसने खेलों में देश के बेहतर भविष्य के लिए प्लान बनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी ने अगले तीन ओलंपिक के लिए टास्क फोर्स बनाने का शुक्रवार को ऐलान किया।

टास्क फोर्स के जिम्मे क्या?

बता दें कि 2020 में टोक्यो में ओलंपिक होना है। इसके बाद 2024 और 2028 में ओलंपिक होंगे। मोदी जो टास्क फोर्स बनाने जा रहे हैं, वो स्पोर्ट्स के लिए फेसिलिटीज, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, उनके चुनाव का तरीका और अन्य जरूरी बातों पर नजर रखेगी। इस टास्क फोर्स में देश-विदेश के एक्सपर्ट होंगे। अगले कुछ दिन में सभी के नाम घोषित होंगे।

बजट भी दिया था घटा

रियो ओलंपिक में सबसे खराब प्रदर्शन के बाद अब ये बात भी सामने आ रही है कि इन खेलों के लिए दूसरे देशों ने बजट बढ़ाया, लेकिन भारत ने बजट घटा दिया था। 2013-14 में 301 करोड़ रुपए दिए गए, लेकिन इसे अगले साल घटाकर 114 करोड़ कर दिया गया। शूटर अभिनव बिंद्रा ने तो अपने एक ट्वीट में ये तक लिखा था कि ब्रिटिश सरकार हर एक खिलाड़ी पर 55 लाख पौंड खर्च करती है, जबकि यहां हर खिलाड़ी पर हर दिन 3 पैसे खर्च होते हैं। बता दें कि ब्रिटेन ने ओलंपिक की तैयारी पर 9000 करोड़ रुपए खर्च किए थे। जबकि यहां की केंद्र सरकार ने खेल संघों को ओलिंपिक की तैयारी और इन्फ्रास्ट्रक्चर मिलाकर 3200 करोड़ का फंड ही दिया था।

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