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WADA अगर क्रिकेटर्स का डोप टेस्ट लेता है तो कोई परेशानी नहीं : राठौड़

केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने रविवार को कहा कि अगर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) के अधीन है और वह अपने प्लेयर्स की जांच उसके अंतर्गत कराती है, तो सरकार को कोई परेशानी नहीं है। राठौर का यह बयान वाडा के शनिवार को दिए गए बयान के बाद आया है।

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tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 19 Nov 2017 7:21 AM GMT

WADA अगर क्रिकेटर्स का डोप टेस्ट लेता है तो कोई परेशानी नहीं : राठौड़
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नई दिल्ली : केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने रविवार (19 नवंबर) को कहा कि अगर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) के अधीन है और वह अपने प्लेयर्स की जांच उसके अंतर्गत कराती है, तो सरकार को कोई परेशानी नहीं है। राठौर का यह बयान वाडा के शनिवार को दिए गए बयान के बाद आया है।

वाडा ने अपने बयान में बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) के उस दावे को गलत बताया था, जिसमें कहा गया था कि नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) को बोर्ड के क्रिकेटर्स की डोप जांच कराने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि बीसीसीआई नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के अधीन नहीं आता और उसका मौजूदा एंटी डोपिंग सिस्टम वाडा के नियमों के अंतर्गत काम करता है।

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एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन के मौके पर राठौर ने कार्यक्रम से इतर मीडिया से कहा, "हमारे लिए तीन लोग काफी अहम हैं- खिलाड़ी, कोच और प्रशंसक। जब डोपिंग होती है, तो प्रशंसकों के साथ धोखा होता है क्योंकि प्रशंसक खिलाड़ियों को अपने आदर्श की तरह मानते हैं।"

उन्होंने कहा, "डोपिंग से प्रशंसकों के विश्वास के साथ धोखा होता है, इसलिए हर खेल संघ के लिए यह जरूरी है कि वो

इस बात को सुनिश्चित करें कि खेल में धोखाधड़ी न हो।"

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राठौर ने कहा, "क्रिकेट इससे अछूता नहीं है। मैं इस बात से खुश हूं कि क्रिकेट बाहर की एजेंसी से डोप पर नियंत्रण रख रहा है, लेकिन जब पूरा देश नाडा पर भरोसा कर रहा है तो क्रिकेटर्स को भी इस पर भरोसा करना चाहिए।"

राठौर ने कहा, "हालांकि, हमने वाडा पर सब कुछ छोड़ दिया है क्योंकि आईसीसी उसके अधीन है।" साल 2004 एथेंस ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले राठौर ने कहा कि अगर खिलाड़ियों की जांच वाडा करता है, तो मंत्रालय को किसी तरह की परेशानी नहीं है।

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उन्होंने कहा, "जब आईसीसी वाडा के अधीन है तो उसे उसके डोपिंग नियमों का पालन करना चाहिए और यह वाडा पर निर्भर करता है कि वह इस बात को आश्वस्त करें कि क्रिकेटर्स का डोप टेस्ट हो। हमें इस बार से कोई शिकायत नहीं है।"

वाडा और बीसीसीआई के बीच इस समय काफी विवाद चल रहा है। वाडा को नाडा की अप्रैल की ऑडिट रिपोर्ट से पता चला था कि बीसीसीआई नाडा का पालन नहीं करता है और न ही वह क्रिकेट में डोपिंग रोधी कार्यक्रम को मानता है। बीसीसीआई ने साफ तौर पर वाडा की इंडियन क्रिकेट प्लेयर्स के डोप टेस्ट की मांग को ठुकरा दिया था।

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वाडा के नियमों के मुताबिक, प्लेयर्स को हर साल की तिमाही में आईसीसी को डोप टेस्ट के लिए अपनी जगह और समय बताना होगा और उन्हें हर दिन एक घंटे के लिए उपलब्ध रहना होगा।

--आईएएनएस

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Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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