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Ranji Trophy Final: मध्य प्रदेश पहली बार बना मुम्बई को हरा रणजी चैंपियन, इस पूरे सीजन टूर्नामेंट में रही टीम अजेय

Ranji Trophy Final Madhy Pradesh: मुंबई की टीम में 41 बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन रही है और उसे इस बार भी प्रबल दावेदार माना जा रहा था मगर मध्य प्रदेश की टीम ने अपने शानदार खेल से सबको हैरान कर दिया।

Anshuman Tiwari
Written By Anshuman Tiwari
Updated on: 26 Jun 2022 11:17 AM GMT
Ranji Trophy Final Win Madhy Pradesh Team
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Ranji Trophy Final Win Madhy Pradesh Team (image credit social media)

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Ranji Trophy Final Win Madhy Pradesh: मध्य प्रदेश की टीम देश के सबसे बड़े घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी की नई चैंपियन बन गई है। बेंगलुरु में खेले गए रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मध्यप्रदेश ने मजबूत मानी जाने वाली मुंबई की टीम को 6 विकेट से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मुंबई की टीम में 41 बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन रही है और उसे इस बार भी प्रबल दावेदार माना जा रहा था मगर मध्य प्रदेश की टीम ने अपने शानदार खेल से सबको हैरान कर दिया।

मध्य प्रदेश की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनने में कामयाब हुई है। 2014-15 के बाद आठ में से छह मौकों पर नई टीमों ने रणजी ट्रॉफी विजेता बनने का गौरव हासिल किया है। पहले रणजी ट्रॉफी में मुंबई, दिल्ली और कर्नाटक की टीमों को ही मजबूत दावेदार माना जाता था मगर अब नई टीमें ताकतवर बनकर उभरने लगी हैं।

आसानी से हासिल कर लिया लक्ष्य

फाइनल मुकाबले में मुंबई की टीम अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 269 रन ही बना सकी थी। मध्य प्रदेश की टीम ने पहली पारी में बढ़त हासिल की थी और इस बढ़त के बाद मध्य प्रदेश की टीम को जीत हासिल करने के लिए 108 रनों का लक्ष्य मिला था। मध्य प्रदेश की टीम ने 4 विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया और रणजी ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। इसी के साथ मध्य प्रदेश की टीम ने इतिहास रच दिया है।

मुंबई की टीम ने पहली पारी में 374 रन बनाए थे जिसके जवाब में मध्य प्रदेश की टीम ने मजबूत बल्लेबाजी करते हुए 536 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इस तरह मध्य प्रदेश की टीम ने पहली पारी में 162 रनों की लीड हासिल की थी। मुंबई के बल्लेबाज दूसरी पारी में नहीं चल सके और पूरी टीम 269 रनों पर ही सिमट गई। इसके बाद में मध्यप्रदेश के बल्लेबाजों ने 108 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।

मध्य प्रदेश के तीन बल्लेबाजों ने जड़े शतक

फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश की ओर से तीन बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़े। मध्यप्रदेश के यश दुबे ने 133 रनों की शानदार पारी खेली जबकि शुभम शर्मा 116 रन बनाने में कामयाब रहे। मध्यप्रदेश के मजबूत बल्लेबाज माने जाने वाले रजत पाटीदार ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 122 रनों की पारी खेलते हुए अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

मध्य प्रदेश के गेंदबाजों ने भी फाइनल मुकाबले के दौरान अच्छी गेंदबाजी करते हुए मुंबई की टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। गौरव यादव ने मैच के दौरान छह विकेट हासिल किए जबकि कुमार कार्तिकेय ने पांच बल्लेबाजों को आउट करने में सफलता हासिल की। बाकी गेंदबाजों ने भी अच्छी गेंदबाजी करते हुए मुंबई की टीम को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया।

पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रही टीम

मध्य प्रदेश की टीम ने रणजी ट्राफी के पूरे सीजन के दौरान शानदार खेल दिखाया। मध्य प्रदेश की टीम 23 साल पहले 1998-99 में रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी मगर उस समय टीम चैंपियन बनने में कामयाब नहीं हो सकी थी।

तब कर्नाटक की टीम ने मध्यप्रदेश को फाइनल मुकाबले में हरा दिया था। मगर इस बार मध्य प्रदेश की टीम ने कोई गलती न करते हुए फाइनल मुकाबला जीत लिया। इस बार पूरे टूर्नामेंट के दौरान मध्य प्रदेश की टीम अजेय रही है। और टीम के कई खिलाड़ी सितारे बनकर उभरे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ये खिलाड़ी टीम इंडिया में चुने जा सकते हैं।

Prashant Dixit

Prashant Dixit

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