क्रिकेटर की ऐसी पारी: जिसे देख लोग हो गए थे आश्चर्यचकित, आइये जाने इनके बारे में

उन्होंने इस पारी में 174 बॉल खेलीं और बगैर आउट हुए 36 रन ही बना सके। उनका स्ट्राइक रेट 20.69 रहा।

sunil gavaskar

sunil gavaskar

नई दिल्ली: अपने समय के भारत के विस्पोटक बल्लेबाज़ कहे जाने वाले ‘लिटिल मास्टर ‘ सुनील गावस्कर के नाम कई रिकॉर्ड शामिल है। फिर चाहें वो टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार बनाने वाले पहले खिलाड़ी का रिकॉर्ड हो या डेब्यू सीरीज में सबसे ज्यादा रन (774 रन ) बनाने का रिकॉर्ड हो। ऐसे कई रिकॉर्ड उस समय में सुनील गावस्कर ने अपने नाम किये है। लेकिन एक ऐसा रिकॉर्ड भी उस ज़माने में सुनील गावस्करने अपने नाम किया था जिसको सुनकर आज भी लोग आश्चर्यचकित हो जाते है।

आपको बता दे कि क्रिकेट वर्ल्ड कप की शुरुआत सन 1975 में हुई थी और यह वर्ल्ड कप 60-60 ओवर का खेला गया था । इसी वर्ल्ड कप में भारत का पहला मुकाबला इंग्लैंड से खेला गया था जिसमे जो बल्लेबाजी सुनील गावस्कर ने की थी वो आज भी सबके ज़हन में शामिल है।

लॉर्ड्स में खेला गया था मुकाबला

दरअसल 7 जून 1975 को यह मुकाबला क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले स्टेडियम लॉर्ड्स में खेला गया था। इसमी इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 60 ओवरों में चार विकेट पर 334 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की तरफ से डेनिस एमिस (137) ने शतकीय और कीथ फ्लेचर (68) ने अर्धशतकीय पारी खेली। इसके बाद क्रिस ओल्ड ने केवल 30 गेदों पर शानदार पचासा जड़ा।

बिहार: अमित शाह की डिजिटल रैली के विरोध में RJD समर्थकों ने पीटी थाली

आठ टीमें थी

टूर्नामेंट में तब आठ टीमें थीं जिन्हें दो ग्रुप में रखा गया था, यानी एक हार अगले दौर की संभावनाओं को और क्षीण कर देती। ये तो सभी मान कर चल रहे थे कि भारत पहला मैच हार चुका है लेकिन तब टूर्नामेंट का फॉर्मेट ये था कि अगले दौर (सेमीफाइनल) में जाने के लिए अगर किसी दो टीमों के अंक बराबर रहेंगे तो जिस टीम का नेट रन रेट अच्छा होगा वो आगे जाएगी। यानी भारत को हार के बावजूद अधिक से अधिक रन बनाने की कोशिश करनी होगी।

गावस्कर की बेहद धीमी पारी

जवाब में भारतीय पारी की शुरुआत करने उतरे सुनील गावस्कर उस दिन अलग ही जोश में थे। उन्होंने इस पारी में 174 बॉल खेलीं और बगैर आउट हुए 36 रन ही बना सके। उनका स्ट्राइक रेट 20.69 रहा। उनकी इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 3 विकेट के नुकसान पर केवल 132 रन ही बना सकी और 202 रनों से मैच गंवा दिया। यहीं नहीं इतने बड़े अंतर से मैच हारने का यह वर्ल्ड कप रिकॉर्ड बन गया जो अगले 27 सालों तक बना रहा।

मेनेजर ने कहीं थी यह बात

उनकी इस पारी ने सबको अचम्बे में दाल दिया था। भारतीय टीम के उस समय रहे मेनेजर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि, ‘मैंने आज तक जितने भी मैच देखे उनमें से यह सबसे शर्मनाक प्रदर्शन है। उसका कहना था कि विकेट शॉट लगाने के लिए बहुत स्लो थी। लेकिन इंग्लैंड ने इसी पिच पर 334 रन बनाए तो ऐसा कहना बेवकूफी है। टीम में निराशा है। देश की प्रतिष्ठा बहुत महत्वपूर्ण है जिसे इस तरह नहीं गंवाया जा सकता.’

अब दिल्ली सरकार के अधीन अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवासियों का होगा इलाज