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रणजी ट्राफी : संभलते-संभलते लड़खड़ा गया कर्नाटक, गुरबानी की बदौलत विदर्भ फाइनल में

tiwarishalini

tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 21 Dec 2017 10:57 AM GMT

रणजी ट्राफी : संभलते-संभलते लड़खड़ा गया कर्नाटक, गुरबानी की बदौलत विदर्भ फाइनल में
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कोलकाता। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार विदर्भ ने फाइनल मुकाबले में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। बताते चलें, ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में कर्नाटक को पांच रन से मात देते हुए विदर्भ ने फाइनल में जगह बनाई। इस मैच में कर्नाटक और विदर्भ के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला।

दरअसल, मैच की दूसरी पारी में विदर्भ ने 198 रनों का लक्ष्य रखा था। हालांकि, विदर्भ ने 313 रन बनाए थे। वहीं, लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक टीम आराम से रन बना रही थी लेकिन यहां रजनीश गुरबानी (7/68) ने बाजी पलते हुए विदर्भ टीम को जीत दिलाई। गुरबानी ने पूरे मैच में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

गुरबानी ने दूसरी पारी में 68 देते हुए विपक्ष के सात विकेट चटकाए। यही नहीं, शानदार प्रदर्शन के कारण कर्नाटक को पांच रनों से हार का सामना करना पड़ा। अब विदर्भ का फाइनल मुकाबले में दिल्ली से आमान-सामना होगा। आपको बता दें, जब कर्नाटक को जीत के लिए केवल 87 रनों की जरूरत थी, तब विदर्भ को भी जीत के लिए महज तीन विकेटों की जरुरत थी।

बुधवार को दूसरी पारी में कर्नाटक ने दिन के अंत तक 111 रन सात विकेट के नुकसान पर बना लिए थे लेकिन गुरुवार को पिछले दिन के नाबाद बल्लेबाजों श्रेयस गोपाल (नाबाद 24) और कप्तान विनय कुमार (36) को गुरबानी ने ज्यादा देर टिकने नहीं दिया और दिन का पहला विकेट कप्तान विनय के रूप में झटक लिया।

वहीं, विनय के बाद क्रीज पर श्रेयस का साथ देने अभिमन्यु मिथुन आए लेकिन गुरबानी ने इस जोड़ी को भी टिकने का मौका नहीं दिया और अभिमन्यु को 33 रनों पर आउट कर दिया। यहां से कर्नाटक की दिक्कतें बढ़ गई क्योंकि टीम के पास सिर्फ एक ही विकेट बचा था और टीम को अभी भी जीत के लिए नौ रनों की जरुरत थी।

ऐसे में गुरबानी एक बार फिर कर्नाटक की मुसीबत बनकर खड़े हो गए और 192 रनों के स्कोर पर उन्होंने विपक्ष की आखिरी उम्मीद को भी तोड़ दिया। इस तरह गुरबानी की बदौलत विदर्भ ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, अपने शानदार प्रदर्शन के लिए गुरबानी को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के ख़िताब से भी नवाजा गया।

बताते चलें, कर्नाटक की टीम आठ बार यह ख़िताब अपने नाम कर चुकी है लेकिन इस बार वह फाइनल में अपनी जगह नहीं बना पाई। यही नहीं, इंटरनेशनल टेस्ट में तिहरा शतक जड़ने वाले करुण नायर का शतक भी इस बार कर्नाटक के किसी काम नहीं आया।

वहीं, पहले सेमीफाइनल की बात करें तो ऋषभ पंत की अगुवाई वाली टीम दिल्ली ने बंगाल को 15वीं बार हराते हुए फाइनल में प्रवेश किया। दिल्ली ने बंगाल को 26 रनों से मात देते हुए फाइनल मुकाबले में जगह बनाई। बता दें, दिल्ली अब तक सात बार रणजी ट्रॉफी जीत चुकी है। अब दिल्ली और विदर्भ के बीच फाइनल मुकाबला 29 दिसंबर से दो जनवरी तक इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा।

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Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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