Top

कोहली ने दूसरी बार ठोंका एक कैलेंडर ईयर में 1000 रन, इन्होंने भी किया था ऐसा

aman

amanBy aman

Published on 3 Dec 2017 8:18 AM GMT

कोहली ने दूसरी बार ठोंका एक कैलेंडर ईयर में 1000 रन, इन्होंने भी किया था ऐसा
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली रविवार (3 दिसंबर) को दिल्ली के फिराजशाह कोटला मैदान में दोहरा शतक ठोंक दूसरी बार एक कैलेंडर साल में 1,000 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले ये कारनामा उन्होंने साल 2012 में किया था। तब उन्होंने 12 मैच की 18 पारियों में 1,235 रन बनाए थे। उन्होंने उस साल चार शतक भी लगाए थे।

हालांकि, विराट अभी भारत की 'रन मशीन' कहे जाने वाले सचिन रमेश तेंदुलकर और सुनील गावस्कर से काफी पीछे हैं। 200 टेस्ट मैच खेलने वाले तेंदुलकर ने पांच बार ये कारनामा किया था। तेंदुलकर ने साल 1989, 1999,2001, 2002 और 2010 में एक कैंलेंडर साल में एक हजार से ज्यादा रन बनाए। साल 2017 में भारत के चेतेश्वर पुजारा भी एक हजारी क्लब में शामिल हैं। पुजारा ने इस साल 11 मैच की 17 पारियों में 1,091 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक शामिल हैं।

ये भी पढ़ें ...कोहली ने जड़ा दोहरे शतकों का ‘सिक्सर’, बने दुनिया के पहले कप्तान

ये खिलाड़ी भी इस क्लब के सदस्य

-सुनील गावस्कर ने साल 1976,1978,1979 और 1983 में एक हजार से ज्यादा रन बनाए थे।

-जी.आर. विश्वनाथ, मोहिन्दर अमरनाथ, दिलीप वेंगसरकर और सौरभ गांगुली ने एक-एक बार एक कैंलेंडर साल में 1,000 से ज्सादा रन ठोके हैं।

-भारतीय टीम की 'दीवार' कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने साल 2002 और साल 2006 में एक हजार से ज्यादा रन बनाए थे।

-वीरेन्द्र सहवाग ने साल 2004 और 2008 में एक हजार से ज्यादा रन बनाए हैं।

-हालांकि, गौतम गंभीर सबसे कम मैच खेल एक कैंलेंडर साल में एक हजार रन बनाए हैं।

-उन्होंने साल 2008 में 8 मैच की 16 पारियों में 1134 रन बनाए थे, जिसमें उनके तीन शतक भी शामिल थे।

ये भी पढ़ें ...पांच हजारी क्लब में शामिल होने के बाद विराट का एक और रिकार्ड

aman

aman

अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

Next Story