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RIO: योगेश्वर का पदक जीतने का सपना रहा अधूरा, ओलंपिक से हुए बाहर

भारत की निगाहें अब रियो ओलंपिक के आखिरी दंगल पर टिकी हैं। रविवार को रियो ओलंपिक के समापन समारोह के ही दिन लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता 33 साल के पहलवान योगेश्वर दत्त 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगे।

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tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 20 Aug 2016 9:58 PM GMT

RIO: योगेश्वर का पदक जीतने का सपना रहा अधूरा, ओलंपिक से हुए बाहर
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रियो डी जेनेरो: ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त रियो ओलंपिक के आखिरी दिन रविवार को पहले दौर में हारकर बाहर हो गए। इस हार के बाद उन्हें रेपचेज खेलने का मौका नहीं मिला। रेपचेज से बाहर होते ही योगेश्वर से पदक की उम्मीदें खत्म हो गई।

इससे पहले भारत की निगाहें रियो ओलंपिक के आखिरी दंगल पर टिकी थी। रविवार को रियो ओलंपिक के समापन समारोह के ही दिन लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता 33 साल के पहलवान योगेश्वर दत्त ने 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी चुनौती पेश की।

ब्रॉन्ज और सिल्वर के बाद पूरा देश उनसे गोल्ड की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन क्वालीफिकेशन राउंड में मंगोलिया के रेसलर से वो 3-0 से हार गए। इसके साथ ही रियो ओलंपिक में भारत की गोल्ड मेडल की उम्मीदें खत्म हो गईं। बता दें कि रियो ओलंपिक से भारत के खाते में पहलवान साक्षी मालिक ने कांस्य तो पीवी सिंधु ने सिल्वर मेडल पर कब्जा कर देश का नाम रोशन किया।

ऐसे मिला था रियो का कोटा

-योगेश्वर दत्त ने एशियन क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में ओलिंपिक का कोटा हासिल किया था।

-उन्होंने पहले दौर में कोरिया के जु सोंग किम को 8-1 से हराया था।

-इसके बाद वियतनाम के जुआन डिंह न्गुयेन को क्वार्टर फाइनल में तकनीकी वर्चस्व के आधार पर हराया।

-सेमीफाइनल में योगेश्वर ने कोरिया के सेयुंगचुल ली को 7-2 से मात दी थी।

-इसी के साथ योगेश्वर दत्त ने रियो ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर ली।

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लंदन में हरियाणा के इस सुलतान ने लहराया था तिरंगा

-साल 2012 में हुए लंदन ओलंपिक में हरियाणा के योगेश्वर दत्त 60 किग्राभार वर्ग में अंतिम 8 के मुकाबले में रूस के पहलवान से हार गए थे।

-लेकिन योगेश्वर दत्त लकी रहे कि उन्हें कुश्ती के एक नियम रेपचेज राउंड में मौका मिल गया।

-योगेश्वर दत्त ने नॉर्थ कोरिया के पहलवान री जोंग म्योंग को 0-1, 1-0, 6-0 से हराकर कांस्य पदक पर अपना कब्जा किया था।

भारत को ओलंपिक में पहलवानों अब तक दिए हैं तीन पदक

-योगेश्वर दत्त भारत की ओर से कुश्ती में मेडल जीतने वाले तीसरे पहलवान हैं।

-सबसे पहले 1952 के ओलंपिक गेम्स में भारत के केडी जाधव ने कांस्य पदक जीता था

-साल 2008 के बीजिंग ओलंपिक में पहलवान सुशील कुमार भी कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे थे

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मिला चुका है राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड

योगेश्वर दत्त ने दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स (2010), ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स (2014), इंचियोन एशियन गेम्स (2014) में गोल्ड मेडल जीता था।

योगेश्वर की उलब्धियों को देखते हुए उन्हें साल 2012 में राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड भी मिल चुका है।

फोटो सौ.- रियो ओलंपिक ऑफिशियल साइट

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tiwarishalini

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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